बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर गोंडा में उमड़ी भीड़, बेटे प्रतीक ने बताया जनविश्वास का प्रमाण
सारांश
मुख्य बातें
गोंडा में 6 अगस्त को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के बाद उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। भाजपा विधायक और उनके पुत्र प्रतीक भूषण सिंह ने इस भीड़ को जनता के विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक करार दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पिता को एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फंसाया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह के स्वागत में गोंडा में जुटी भीड़ को लेकर प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि परिवार के सदस्य, कार्यकर्ता, बुजुर्ग, युवा और बड़ी संख्या में महिलाएं इस अवसर पर उपस्थित रहीं। उनके अनुसार यह आयोजन महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभावना का सहज प्रकटीकरण था।
प्रतीक भूषण सिंह ने कहा, 'हमें पूरी उम्मीद थी कि जब मेरे पिता बरी होकर आएंगे, तो लोग बहुत बड़ी संख्या में उन्हें देखना चाहेंगे, उनकी बात सुनना चाहेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि लोग यह देखने आए थे कि षड्यंत्र और रास्ता रोके जाने पर नेताजी की क्या प्रतिक्रिया होगी।
साजिश का आरोप
प्रतीक भूषण सिंह ने दावा किया कि उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह को एक सुनियोजित साजिश के जरिये फंसाया गया था। उन्होंने इस बात को जनता के भारी समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आम लोग उनके पिता के साथ खड़े हैं। गौरतलब है कि यह मामला महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा था, जिसमें न्यायालय ने उन्हें बरी किया।
पिता की राजनीतिक विरासत
अपने पिता के संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए प्रतीक ने कहा, 'मेरे पिता संघर्ष का नाश्ता करते हैं, भूजा की तरह संघर्ष खाते हैं। रोज कुछ न कुछ लगा रहता है और पापा को देखकर मैं भी बहुत कुछ सीखता हूं।' उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने हमेशा चुनौतियों का डटकर सामना किया और कभी पीछे नहीं हटे।
प्रतीक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पिता ने सदैव जनहित से जुड़े मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात रखी है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता
भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने पिता की राजनीतिक और सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जनहित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। आने वाले दिनों में बृजभूषण शरण सिंह की राजनीतिक सक्रियता पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।