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बृजभूषण शरण सिंह ने विनय कटियार की उपेक्षा को सही ठहराया, BJP पर लगाया आम जनता को अयोध्या से काटने का आरोप

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बृजभूषण शरण सिंह ने विनय कटियार की उपेक्षा को सही ठहराया, BJP पर लगाया आम जनता को अयोध्या से काटने का आरोप

सारांश

बृजभूषण शरण सिंह ने खुलकर कहा — विनय कटियार की उपेक्षा सही है। अयोध्या के रास्ते बंद कर आम श्रद्धालुओं को काटा गया, ₹200 में बैरियर खुलते थे, और इसी की कीमत BJP ने अयोध्या, बस्ती, अंबेडकर नगर में हार के रूप में चुकाई — यह BJP के भीतर का तीखा आंतरिक स्वर है।

मुख्य बातें

बृजभूषण शरण सिंह ने 17 जून को गोंडा में विनय कटियार की उपेक्षा की शिकायत को 'बिल्कुल सही' बताया।
विनय कटियार बजरंग दल के अध्यक्ष रहे और राम मंदिर आंदोलन में प्रशासन व आंदोलन के बीच 'कड़ी' की भूमिका निभाई।
बृजभूषण ने दावा किया कि अयोध्या के रास्तों पर ₹200 में बैरियर खोले जाते थे; अब 53 रास्ते खोले गए हैं।
देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़ के आंदोलनकारियों को मंदिर बनने के बाद 'सजा' मिली — यह BJP की अयोध्या, बस्ती, अंबेडकर नगर में हार की वजह बताई।
BJP सांसद करण भूषण सिंह ने राम मंदिर चंदे की घपलेबाजी की निष्पक्ष जाँच और CM योगी से कड़ी कार्रवाई की माँग की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 17 जून को गोंडा, उत्तर प्रदेश में पत्रकारों से बातचीत में विनय कटियार के उस बयान का पूरी तरह समर्थन किया, जिसमें कटियार ने कहा था कि राम मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद उनकी उपेक्षा की जा रही है। बृजभूषण ने इस मौके पर अयोध्या तक आम श्रद्धालुओं की पहुँच को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए और दावा किया कि इसी वजह से पार्टी को चुनावी नुकसान उठाना पड़ा।

विनय कटियार की भूमिका और उपेक्षा का सवाल

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि विनय कटियार राम मंदिर आंदोलन के दौरान केंद्रीय भूमिका में थे। उन्होंने कहा, 'वो बजरंग दल के अध्यक्ष थे और प्रशासन व आंदोलन के बीच एक कड़ी के रूप में काम करते थे।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीबीआई (CBI) ने उन्हें कारसेवकों पर गोली चलने से दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

बृजभूषण ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर विनय कटियार कह रहे हैं कि राम मंदिर के मामले में उनकी उपेक्षा की जा रही है, तो वो बिल्कुल ठीक बोल रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज कटियार से मंदिर जाने के लिए 'पास' माँगा जा रहा है, जो आंदोलन के उनके योगदान को देखते हुए अपमानजनक स्थिति है।

देवीपाटन मंडल के योगदानकर्ताओं को 'सजा' का आरोप

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि देवीपाटन मंडल से जुड़े लोगों ने राम मंदिर आंदोलन में धन, सेवा और श्रम — हर स्तर पर योगदान दिया। उनके अनुसार, 'बस्ती, आजमगढ़ और आसपास के जनपदों के लोग ऐसे थे जो हनुमान जी को जल चढ़ाए बिना पानी नहीं पीते थे।' लेकिन मंदिर बनने के बाद इन्हीं क्षेत्रों के लोगों को 'सजा' मिली — उन्हें अयोध्या से प्रभावी रूप से काट दिया गया।

उन्होंने बताया कि पहले गाँव-गाँव से फसल कटने पर अनाज एकत्र कर अयोध्या के गुरुजी के पास पहुँचाने की परंपरा थी। यह जन-जुड़ाव अब टूट चुका है।

अयोध्या तक पहुँच पर रोक और BJP को चुनावी नुकसान

बृजभूषण ने दावा किया कि अयोध्या के रास्तों पर बैरियर लगाकर आम श्रद्धालुओं को रोका जाता था और ₹200 देने पर बैरियर खोले जाते थे। उन्होंने कहा कि 53 रास्ते अब खोले गए हैं — इनमें से 18 पहले खुले थे — लेकिन यह कदम छह-सात साल पहले उठाया जाना चाहिए था।

उनके अनुसार, इसी नीति की वजह से BJP को अयोध्या, बस्ती और अंबेडकर नगर जिलों में हार का सामना करना पड़ा। देवीपाटन में पार्टी को केवल तीन सीटें मिलीं, जिसे उन्होंने इसी उपेक्षा का परिणाम बताया।

राम मंदिर चंदे की जाँच की माँग

BJP सांसद करण भूषण सिंह ने राम मंदिर चंदे में कथित घपलेबाजी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'जितना भी समय लगे, जाँच होनी चाहिए — कोई भी आरोपी बचना नहीं चाहिए।' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल राज्य सरकार इस दिशा में सख्त कदम उठा रही है।

आगे क्या

बृजभूषण शरण सिंह के इन बयानों ने BJP के भीतर राम मंदिर आंदोलन के पुराने योगदानकर्ताओं की उपेक्षा और अयोध्या प्रबंधन को लेकर आंतरिक असंतोष को सार्वजनिक मंच पर ला दिया है। चंदे की जाँच की माँग के साथ यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और गर्म होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ आम श्रद्धालुओं की पहुँच पर शुल्क-बाधा लगाना और आंदोलन के नायकों को 'पास' माँगने पर मजबूर करना — यह विरोधाभास पार्टी की जमीनी साख को नुकसान पहुँचाता है। अयोध्या, बस्ती और अंबेडकर नगर में हार इस असंतोष का चुनावी अनुवाद है। चंदे की जाँच की माँग इस आंतरिक तनाव को और गहरा करती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विनय कटियार ने राम मंदिर को लेकर क्या बयान दिया था?
विनय कटियार ने कहा था कि राम मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद उनकी उपेक्षा की जा रही है। वो बजरंग दल के अध्यक्ष रहे और आंदोलन में प्रशासन व कारसेवकों के बीच कड़ी का काम करते थे।
बृजभूषण शरण सिंह ने विनय कटियार के बयान पर क्या कहा?
बृजभूषण ने कहा कि विनय कटियार 'बिल्कुल ठीक बोल रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि आज कटियार से मंदिर जाने के लिए पास माँगा जा रहा है, जो उनके योगदान को देखते हुए अफसोसनाक है।
अयोध्या के रास्ते बंद होने से BJP को क्या नुकसान हुआ?
बृजभूषण के अनुसार, अयोध्या के रास्तों पर बैरियर लगाकर ₹200 में खोले जाने की व्यवस्था ने आम श्रद्धालुओं को मंदिर से काट दिया। इसी वजह से BJP को अयोध्या, बस्ती और अंबेडकर नगर जिलों में हार का सामना करना पड़ा।
राम मंदिर चंदे की घपलेबाजी को लेकर क्या माँग की गई है?
BJP सांसद करण भूषण सिंह ने माँग की है कि चंदे में कथित घपलेबाजी की पूरी जाँच हो और कोई आरोपी न बचे। उन्होंने CM योगी आदित्यनाथ से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया।
देवीपाटन मंडल का राम मंदिर आंदोलन से क्या संबंध है?
बृजभूषण शरण सिंह के अनुसार, देवीपाटन मंडल के लोगों ने राम मंदिर आंदोलन में धन, सेवा और श्रम — हर स्तर पर योगदान दिया। मंदिर बनने के बाद इन्हीं क्षेत्रों के लोगों को उपेक्षा मिली, जिसका असर देवीपाटन में BJP की सीटों पर भी पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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