बृजभूषण शरण सिंह ने विनय कटियार की उपेक्षा को सही ठहराया, BJP पर लगाया आम जनता को अयोध्या से काटने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 17 जून को गोंडा, उत्तर प्रदेश में पत्रकारों से बातचीत में विनय कटियार के उस बयान का पूरी तरह समर्थन किया, जिसमें कटियार ने कहा था कि राम मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद उनकी उपेक्षा की जा रही है। बृजभूषण ने इस मौके पर अयोध्या तक आम श्रद्धालुओं की पहुँच को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए और दावा किया कि इसी वजह से पार्टी को चुनावी नुकसान उठाना पड़ा।
विनय कटियार की भूमिका और उपेक्षा का सवाल
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि विनय कटियार राम मंदिर आंदोलन के दौरान केंद्रीय भूमिका में थे। उन्होंने कहा, 'वो बजरंग दल के अध्यक्ष थे और प्रशासन व आंदोलन के बीच एक कड़ी के रूप में काम करते थे।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीबीआई (CBI) ने उन्हें कारसेवकों पर गोली चलने से दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
बृजभूषण ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर विनय कटियार कह रहे हैं कि राम मंदिर के मामले में उनकी उपेक्षा की जा रही है, तो वो बिल्कुल ठीक बोल रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज कटियार से मंदिर जाने के लिए 'पास' माँगा जा रहा है, जो आंदोलन के उनके योगदान को देखते हुए अपमानजनक स्थिति है।
देवीपाटन मंडल के योगदानकर्ताओं को 'सजा' का आरोप
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि देवीपाटन मंडल से जुड़े लोगों ने राम मंदिर आंदोलन में धन, सेवा और श्रम — हर स्तर पर योगदान दिया। उनके अनुसार, 'बस्ती, आजमगढ़ और आसपास के जनपदों के लोग ऐसे थे जो हनुमान जी को जल चढ़ाए बिना पानी नहीं पीते थे।' लेकिन मंदिर बनने के बाद इन्हीं क्षेत्रों के लोगों को 'सजा' मिली — उन्हें अयोध्या से प्रभावी रूप से काट दिया गया।
उन्होंने बताया कि पहले गाँव-गाँव से फसल कटने पर अनाज एकत्र कर अयोध्या के गुरुजी के पास पहुँचाने की परंपरा थी। यह जन-जुड़ाव अब टूट चुका है।
अयोध्या तक पहुँच पर रोक और BJP को चुनावी नुकसान
बृजभूषण ने दावा किया कि अयोध्या के रास्तों पर बैरियर लगाकर आम श्रद्धालुओं को रोका जाता था और ₹200 देने पर बैरियर खोले जाते थे। उन्होंने कहा कि 53 रास्ते अब खोले गए हैं — इनमें से 18 पहले खुले थे — लेकिन यह कदम छह-सात साल पहले उठाया जाना चाहिए था।
उनके अनुसार, इसी नीति की वजह से BJP को अयोध्या, बस्ती और अंबेडकर नगर जिलों में हार का सामना करना पड़ा। देवीपाटन में पार्टी को केवल तीन सीटें मिलीं, जिसे उन्होंने इसी उपेक्षा का परिणाम बताया।
राम मंदिर चंदे की जाँच की माँग
BJP सांसद करण भूषण सिंह ने राम मंदिर चंदे में कथित घपलेबाजी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'जितना भी समय लगे, जाँच होनी चाहिए — कोई भी आरोपी बचना नहीं चाहिए।' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल राज्य सरकार इस दिशा में सख्त कदम उठा रही है।
आगे क्या
बृजभूषण शरण सिंह के इन बयानों ने BJP के भीतर राम मंदिर आंदोलन के पुराने योगदानकर्ताओं की उपेक्षा और अयोध्या प्रबंधन को लेकर आंतरिक असंतोष को सार्वजनिक मंच पर ला दिया है। चंदे की जाँच की माँग के साथ यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और गर्म होने की संभावना है।