17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हनुमानगढ़ी विवाद: अखिलेश यादव और बृजभूषण ने CM योगी के दावे को नकारा, UP की सियासत गरमाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हनुमानगढ़ी विवाद: अखिलेश यादव और बृजभूषण ने CM योगी के दावे को नकारा, UP की सियासत गरमाई

सारांश

हनुमानगढ़ी पर CM योगी के दावे ने अजीब राजनीतिक समीकरण बना दिया — जब BJP के अपने पूर्व सांसद बृजभूषण और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एक ही सुर में मुख्यमंत्री को चुनौती दे रहे हों, तो यह महज़ धार्मिक विवाद नहीं, UP की सत्ता-राजनीति का नया मोर्चा है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे में दावा किया था कि कांग्रेस-सपा ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ पढ़वाई थी।
BJP के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में कहा — हनुमानगढ़ी में कभी नमाज़ नहीं पढ़ी गई; शिलालेख में एक मुस्लिम के योगदान का उल्लेख है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर योगी के दावे को 'मिथ्या प्रचार' बताया और राम मंदिर कथित चोरी मामले से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
यादव ने भाजपा पर भ्रष्टाचार और गबन के आरोप भी लगाए और आगे और खुलासों का दावा किया।
यह विवाद उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मियों के बीच धार्मिक स्थलों को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 17 जुलाई को अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को सिरे से खारिज कर दिया। दोनों नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है।

मुख्य घटनाक्रम

गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में पहुँचे पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि हनुमानगढ़ी में कभी नमाज़ नहीं पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि वे बचपन से हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के लिए जाते रहे हैं और वहाँ इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। बृजभूषण ने यह भी उल्लेख किया कि हनुमानगढ़ी के निर्माण में एक मुस्लिम व्यक्ति का योगदान था, जिसका उल्लेख वहाँ लगे शिलालेख में दर्ज है।

अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में मुख्यमंत्री के दावे को 'मिथ्या प्रचार' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले से ध्यान भटकाने के लिए हनुमानगढ़ी का मुद्दा उठा रही है। यादव ने कहा कि जो लोग हनुमानगढ़ी को लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं, उन्हें अपने कथित 'महापाप' का प्रायश्चित करना चाहिए और हनुमानगढ़ी से क्षमा माँगनी चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर हमला बोलते हुए यह भी कहा कि जहाँ-जहाँ भाजपा और उसके सहयोगी हैं, वहाँ भ्रष्टाचार, गबन और लूट के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अभी केवल पहली परत खुली है और आगे और भी खुलासे होंगे।

CM योगी का मूल बयान क्या था

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि इन दलों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ पढ़वाने का काम किया था। मुख्यमंत्री ने सवाल किया था कि क्या जामा मस्जिद में कभी हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा सकता है, फिर हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ किसने पढ़वाई।

सियासी संदर्भ

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और धार्मिक स्थलों से जुड़े बयान राजनीतिक बहस का केंद्र बनते जा रहे हैं। उल्लेखनीय यह है कि इस बार BJP के भीतर से ही — बृजभूषण शरण सिंह के रूप में — मुख्यमंत्री के दावे पर असहमति सामने आई है, जो पार्टी के अंदरूनी तनाव को भी उजागर करती है।

आगे क्या

आलोचकों का कहना है कि इस विवाद के राजनीतिक रंग लेने से अयोध्या में धार्मिक सद्भाव पर असर पड़ सकता है। विभिन्न दलों के बयानों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है और यह मुद्दा आने वाले दिनों में विधानसभा सत्र तक भी पहुँच सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि किसी भी पक्ष ने अब तक कोई दस्तावेज़ी साक्ष्य सामने नहीं रखा। धार्मिक स्थलों को चुनावी बयानबाज़ी का अखाड़ा बनाने की यह प्रवृत्ति UP में नई नहीं है, लेकिन जब दावे ऐतिहासिक शिलालेखों से टकराते हैं, तो जवाबदेही की माँग और भी ज़रूरी हो जाती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनुमानगढ़ी विवाद क्या है और CM योगी ने क्या दावा किया था?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान आरोप लगाया था कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ पढ़वाने का काम किया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ हो सकता है।
बृजभूषण शरण सिंह ने CM योगी के दावे पर क्या कहा?
BJP के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में कहा कि हनुमानगढ़ी में कभी नमाज़ नहीं पढ़ी गई। उन्होंने यह भी बताया कि हनुमानगढ़ी के निर्माण में एक मुस्लिम व्यक्ति का योगदान था, जिसका उल्लेख वहाँ लगे शिलालेख में दर्ज है।
अखिलेश यादव ने इस विवाद पर क्या कहा?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर CM योगी के दावे को 'मिथ्या प्रचार' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले से ध्यान भटकाने के लिए यह मुद्दा उठा रही है।
क्या इस विवाद का UP की राजनीति पर कोई असर पड़ेगा?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं। BJP के अपने नेता का मुख्यमंत्री से असहमत होना पार्टी के भीतरी तनाव को उजागर करता है, और यह मुद्दा आने वाले दिनों में और राजनीतिक बयानों को जन्म दे सकता है।
हनुमानगढ़ी का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
हनुमानगढ़ी अयोध्या का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। बृजभूषण शरण सिंह के अनुसार, इसके निर्माण में एक मुस्लिम व्यक्ति का भी योगदान रहा था, जिसका उल्लेख वहाँ लगे शिलालेख में है — यह तथ्य वर्तमान विवाद के केंद्र में है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले