4 अगस्त 2026
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भाई जगताप का BJP पर हमला: खिलाड़ियों के मुद्दों पर राजनीति बंद हो, बांकीपुर नतीजा उल्टी गिनती का संकेत

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भाई जगताप का BJP पर हमला: खिलाड़ियों के मुद्दों पर राजनीति बंद हो, बांकीपुर नतीजा उल्टी गिनती का संकेत

सारांश

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने एक साथ कई मोर्चों पर BJP को घेरा — बांकीपुर उपचुनाव को उल्टी गिनती का संकेत बताया, बृजभूषण के बरी होने पर सवाल उठाए और महायुति के भीतर दरार की ओर इशारा किया। खिलाड़ियों के मुद्दों पर राजनीति न करने की उनकी अपील विजेंदर सिंह पर सीधा पलटवार थी।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने 3 अगस्त 2026 को मुंबई में कई मुद्दों पर BJP पर तीखा हमला बोला।
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे को जगताप ने BJP के खिलाफ जनता के बदलते मूड और 'उल्टी गिनती की शुरुआत' का संकेत बताया।
पूर्व बॉक्सर विजेंदर सिंह की आलोचना पर पलटवार करते हुए जगताप ने महिला पहलवानों के धरने के दौरान उनकी चुप्पी का हवाला दिया।
पूर्व BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर जगताप ने कहा कि महिला खिलाड़ियों के कथित उत्पीड़न के आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए था।
सिद्धिविनायक मंदिर दान विवाद पर निष्पक्ष जाँच और महायुति सरकार में कथित आंतरिक तनाव पर पारदर्शिता की माँग की।
सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके के छात्र आंदोलन को लोकतंत्र की जीत बताया; RTI के दुरुपयोग और भेदभाव दोनों का विरोध किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने 3 अगस्त 2026 को मुंबई में कई अहम मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी — राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन से लेकर बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों, बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने और महायुति सरकार में कथित आंतरिक तनाव तक। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता का मूड बदल चुका है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ संदेश अब खुलकर सामने आ रहा है।

खिलाड़ियों के मुद्दे पर राजनीति न हो

पूर्व बॉक्सर विजेंदर सिंह द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित चुप्पी पर उठाए गए सवालों के जवाब में जगताप ने कहा कि विजेंदर सिंह एक सम्मानित खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें हर विषय को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया के ज़रिए हर पदक विजेता को बधाई दी है और राहुल गांधी हमेशा खिलाड़ियों के हितों की आवाज़ उठाते रहे हैं।

जगताप ने विजेंदर सिंह से पलटवार करते हुए कहा कि जब देश की महिला पहलवान कथित उत्पीड़न के खिलाफ लंबे समय तक धरने पर बैठी थीं और न्याय की माँग कर रही थीं, तब उनकी ओर से कोई मुखर प्रतिक्रिया नहीं आई। उनका कहना था कि खिलाड़ियों के सम्मान के मुद्दे पर सभी को एकसमान आवाज़ उठानी चाहिए — चुनिंदा मामलों में नहीं।

बृजभूषण बरी होने पर न्यायपालिका पर सीधी टिप्पणी से परहेज़

पूर्व BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के सवाल पर जगताप ने सावधानीपूर्वक कहा कि न्यायपालिका पर टिप्पणी करना उचित नहीं है, लेकिन हाल के कुछ न्यायिक आदेशों को देखकर उन्हें आश्चर्य होता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जिन महिला खिलाड़ियों ने स्वयं सामने आकर कथित उत्पीड़न की बात कही थी, उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था। देश का नाम रोशन करने वाली बेटियों के आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।

बांकीपुर उपचुनाव: BJP की उल्टी गिनती का संकेत

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर जगताप ने दावा किया कि यह परिणाम BJP के खिलाफ जनता के बदलते मूड का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि BJP पहले चुनाव आयोग और ईवीएम के सहारे चुनाव जीतती रही, लेकिन अब जनता सब कुछ समझ चुकी है। उन्होंने रणनीतिकार प्रशांत किशोर को भी बधाई देते हुए कहा कि यह नतीजा देश में लोकतांत्रिक चेतना के मज़बूत होने का प्रमाण है।

राम मंदिर दान विवाद और FIR पर तीखी प्रतिक्रिया

राम मंदिर दान से जुड़े कथित विवाद और राहुल गांधी, पप्पू यादव तथा अवधेश प्रसाद के खिलाफ दर्ज FIR पर जगताप ने कहा कि BJP ने राम मंदिर के नाम पर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। उनका आरोप था कि विपक्षी नेताओं द्वारा किसी मुद्दे को प्रतीकात्मक तरीके से उठाने पर FIR दर्ज करना राजनीतिक बौखलाहट को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि FIR दर्ज होने से कथित अनियमितताओं के आरोप समाप्त नहीं होते — यदि कोई गड़बड़ी हुई है, तो वह एक दिन सामने आएगी।

सिद्धिविनायक दान विवाद और महायुति में तनाव

सिद्धिविनायक मंदिर में दान को लेकर लगाए गए आरोपों पर जगताप ने कहा कि यदि किसी ने तथ्यात्मक आधार पर आरोप लगाए हैं तो निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र संतों और धार्मिक परंपराओं की भूमि है और श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है — किसी भी वित्तीय अनियमितता की आशंका पर पूरी जाँच होनी चाहिए।

महाराष्ट्र की महायुति सरकार में कथित आंतरिक तनाव पर जगताप ने कहा कि यदि सरकार के अपने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की नौबत आती है, तो यह गठबंधन के भीतर मतभेदों का स्पष्ट संकेत है। तीन दलों वाले गठबंधन में टकराव दिखना यह बताता है कि सब कुछ सामान्य नहीं है।

सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके और उनके नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलनों की सराहना करते हुए जगताप ने कहा कि अहिंसक और गांधीवादी तरीके से लोकतांत्रिक आंदोलन चलाकर सरकार से जवाबदेही तय कराना लोकतंत्र की बड़ी जीत है। दीपके की संपत्ति और अमेरिका में पढ़ाई को लेकर दाखिल RTI के सवाल पर उन्होंने कहा कि RTI कानून पारदर्शिता के लिए बना है — न इसका दुरुपयोग होना चाहिए, न ही सूचना देने में भेदभाव।

जगताप की यह प्रतिक्रियाएँ ऐसे समय में आई हैं जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और महायुति गठबंधन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें गहराई से देखें तो कांग्रेस की रणनीतिक मजबूरी भी झलकती है — महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी को महायुति की कमज़ोरियों को भुनाना है। बांकीपुर को 'उल्टी गिनती' बताना राजनीतिक बयानबाज़ी है, क्योंकि एक उपचुनाव से राष्ट्रीय रुझान नहीं तय होते। विजेंदर सिंह पर पलटवार और बृजभूषण मामले में न्यायपालिका पर परोक्ष सवाल — दोनों उस संतुलन की कोशिश है जो विपक्ष अक्सर करता है: संस्थाओं को चुनौती दिए बिना आलोचना करना। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस महिला खिलाड़ियों के मुद्दे पर सिर्फ बयानबाज़ी से आगे बढ़कर ठोस संसदीय कदम उठाएगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई जगताप ने BJP की 'उल्टी गिनती' किस संदर्भ में कही?
भाई जगताप ने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के संदर्भ में यह बात कही। उनका कहना था कि यह परिणाम BJP के खिलाफ जनता के बदलते मूड का संकेत है और लोकतांत्रिक चेतना मज़बूत हो रही है।
विजेंदर सिंह की आलोचना पर भाई जगताप ने क्या कहा?
जगताप ने कहा कि विजेंदर सिंह एक सम्मानित खिलाड़ी हैं लेकिन उन्हें हर मुद्दे को राजनीतिक नज़रिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि जब महिला पहलवान कथित उत्पीड़न के खिलाफ धरने पर थीं, तब विजेंदर सिंह की ओर से कोई मुखर प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।
बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर जगताप की क्या राय है?
जगताप ने न्यायपालिका पर सीधी टिप्पणी से परहेज़ करते हुए कहा कि हाल के कुछ न्यायिक आदेशों को देखकर उन्हें आश्चर्य होता है। उन्होंने कहा कि देश का नाम रोशन करने वाली महिला खिलाड़ियों के कथित उत्पीड़न के आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए था।
राम मंदिर दान विवाद में विपक्षी नेताओं पर FIR को जगताप ने कैसे देखा?
जगताप ने इसे 'राजनीतिक बौखलाहट' करार दिया। उनका कहना था कि FIR दर्ज होने से कथित अनियमितताओं के आरोप समाप्त नहीं होते और यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो वह एक दिन सामने आएगी।
महायुति सरकार में तनाव पर जगताप ने क्या संकेत दिया?
जगताप ने कहा कि यदि सरकार के अपने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की नौबत आती है तो यह गठबंधन के भीतर मतभेदों का स्पष्ट संकेत होगा। तीन दलों वाले गठबंधन में आपसी टकराव दिखना यह बताता है कि सब कुछ सामान्य नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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