उपचुनाव हार की समीक्षा करेगी BJP; नरेश बंसल बोले — राहुल गांधी विदेशी एजेंडे पर काम करते हैं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने 3 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में उपचुनाव परिणामों, बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने और कई अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। बंसल ने कहा कि BJP हर चुनाव परिणाम की — चाहे जीत हो या हार — गंभीरता से समीक्षा करती है।
उपचुनाव परिणाम: जीत और हार दोनों की होगी पड़ताल
हाल ही में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव संपन्न हुए। गुजरात के मांजलपुर में BJP ने शानदार जीत दर्ज की, जबकि बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश के दतिया में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
बंसल ने कहा कि उपचुनावों में मतदाताओं का उत्साह सामान्य चुनावों की तुलना में स्वाभाविक रूप से कम होता है, क्योंकि एक-एक सीट से सरकार बनने या गिरने की नौबत नहीं आती। उन्होंने कहा, बांकीपुर और दतिया की हार के कारणों की पार्टी निश्चित रूप से समीक्षा करेगी और यह जाँचेगी कि अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिले।
राहुल गांधी पर तीखा हमला — 'पार्ट टाइम नेता प्रतिपक्ष'
पूर्व भारतीय मुक्केबाज विजेंद्र सिंह द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर उठाए गए सवाल के संदर्भ में बंसल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 'पार्ट टाइम नेता प्रतिपक्ष' बन गए हैं — अधिकांश समय विदेश में रहते हैं और विदेशी एजेंडे पर काम करते हैं।
बंसल के अनुसार, राहुल गांधी विदेशों में भारत की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं, लेकिन जब भारतीय खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते हैं या भारत का सम्मान दुनिया में बढ़ता है, तब उन पर प्रतिक्रिया देने का उनके पास वक्त नहीं होता।
तसलीमा नसरीन के बयान पर BJP सांसद का रुख
बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) के समर्थन और मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर बंसल ने कहा कि नसरीन के विचार उनके 19 वर्षों के व्यक्तिगत संघर्ष पर आधारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति के चलते पिछली सरकारों ने उन्हें भारत में रहने का अवसर नहीं दिया। बंसल ने कहा कि नसरीन भारतीय संस्कृति की समर्थक हैं और अपने साहित्य के ज़रिए समाज के सामने कड़वे सच रखती रही हैं।
बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर प्रतिक्रिया
राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों से बरी किए जाने पर बंसल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि या निर्दोषता का अंतिम निर्णय न्यायालय ही करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोप लगना और दोषी होना दो अलग बातें हैं — जिसे अदालत बरी करे, उसका सम्मान भी लौटना चाहिए।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और राष्ट्र-विरोधी तत्वों का सवाल
जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचारकों द्वारा उन्हें राष्ट्र-विरोधी गतिविधि बताए जाने के सवाल पर बंसल ने कहा कि प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के रूप में हुई थी। लेकिन बाद में हिंसा होने से यह स्पष्ट हो गया कि समाज-विरोधी तत्व उसमें घुस गए थे। उन्होंने कहा कि कई विचारकों का मानना है कि प्रदर्शन में राष्ट्र-विरोधी ताकतों की भी भूमिका रही। आगे यह देखना होगा कि जाँच एजेंसियाँ इन आरोपों पर क्या निष्कर्ष निकालती हैं।