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बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद भाजपा नेताओं ने कहा — जनता का फैसला सर्वोपरि, होगी समीक्षा

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बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद भाजपा नेताओं ने कहा — जनता का फैसला सर्वोपरि, होगी समीक्षा

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद BJP ने जनादेश स्वीकारा, लेकिन असली संदेश अलग था — मंत्री चंद्रवंशी ने RJD पर अति पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाया और तेजस्वी यादव के जन सुराज से गठजोड़ को निशाने पर लिया। BJP की रणनीति हार को स्वीकारते हुए विपक्ष की कमज़ोरी उजागर करने की रही।

मुख्य बातें

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर 3 अगस्त को BJP नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।
मंत्री विजय सिन्हा ने कहा — BJP ईवीएम या चुनाव आयोग पर दोष नहीं मढ़ती; संगठनात्मक समीक्षा होगी।
BJP और सहयोगी दलों ने कुछ महीने पहले बिहार में 202 सीटें जीती थीं — एक उपचुनाव से निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी: सिन्हा।
मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने RJD पर अति पिछड़ा वर्ग की महिला उम्मीदवार रेखा गुप्ता की उपेक्षा का आरोप लगाया।
चंद्रवंशी ने कहा — बांकीपुर उपचुनाव पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर लड़ा गया, किसी राष्ट्रीय नेता के अभियान का विशेष प्रभाव नहीं।

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 3 अगस्त को अपनी प्रतिक्रिया दी। बिहार सरकार के मंत्री विजय सिन्हा और प्रमोद कुमार चंद्रवंशी दोनों ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोच्च होता है और पार्टी इस जनादेश को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करती है।

विजय सिन्हा का बयान: ईवीएम पर आरोप नहीं, संस्थाओं पर भरोसा

मंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि BJP कभी भी चुनाव परिणामों का दोष चुनाव आयोग या ईवीएम पर नहीं मढ़ती — एक परोक्ष संकेत विपक्षी दलों की उस आदत की ओर जो हार के बाद अक्सर इन संस्थाओं पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि BJP का लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था पर अटूट विश्वास है।

हार के कारणों पर सिन्हा ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद संगठन पूरी गंभीरता से समीक्षा करेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ ही महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में BJP और उसके सहयोगी दलों ने बिहार में 202 सीटें जीती थीं। उनके अनुसार, एक उपचुनाव के आधार पर व्यापक राजनीतिक निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी।

चंद्रवंशी का निशाना: राजद ने अति पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा की

मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जनादेश स्वीकार करने के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बांकीपुर उपचुनाव में BJP ने अति पिछड़ा वर्ग की महिला उम्मीदवार रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा, फिर भी तेजस्वी यादव इस वर्ग के पक्ष में सक्रिय नहीं दिखे। चंद्रवंशी ने दावा किया कि बाद में तेजस्वी ने जन सुराज के नेताओं से हाथ मिला लिया, जिससे RJD के अति पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है।

चंद्रवंशी ने कहा कि यदि उम्मीदवार किसी अन्य सामाजिक समीकरण से होती, तो पार्टी नेतृत्व का रवैया अलग होता। उन्होंने RJD के अति पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ताओं से इस पूरे घटनाक्रम से सबक लेने का आह्वान किया।

प्रशांत किशोर के प्रभाव पर BJP का रुख

प्रशांत किशोर द्वारा उठाए गए मुद्दों के इस उपचुनाव पर असर के सवाल पर चंद्रवंशी ने कहा कि बांकीपुर का यह चुनाव पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर लड़ा गया। उनके अनुसार, किसी राष्ट्रीय मुद्दे या किसी एक नेता के अभियान का इस नतीजे पर विशेष प्रभाव नहीं था — मतदाताओं ने स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर मतदान किया।

बिहार की राजनीतिक तस्वीर पर BJP का दावा

बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना पर चंद्रवंशी ने कहा कि एक उपचुनाव के परिणाम के आधार पर पूरे राज्य की राजनीतिक दशा-दिशा बदल जाने का दावा करना उचित नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि जो दल सरकार बनाने के दावे करते हैं, वे पहले भी सभी सीटों पर चुनाव लड़ चुके हैं और जनता ने उन्हें नकारा है। BJP आगे भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप रणनीति बनाकर चुनाव मैदान में उतरेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं और उपचुनाव के नतीजे सभी दलों के लिए राजनीतिक संकेत के रूप में देखे जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली राजनीतिक खेल चंद्रवंशी के उस आरोप में है जो RJD और अति पिछड़ा वर्ग के रिश्ते पर सवाल उठाता है। गौरतलब है कि बिहार में अति पिछड़ा वर्ग का वोट निर्णायक रहा है और BJP इसे अपनी ओर खींचने की कोशिश में लंबे समय से लगी है। एक उपचुनाव की हार को 'स्थानीय मुद्दों' तक सीमित बताना और साथ ही RJD की 'उपेक्षा' को उजागर करना — यह रक्षात्मक नहीं, आक्रामक कथा-निर्माण है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या BJP की यह समीक्षा महज़ बयानबाज़ी रहती है या संगठनात्मक ज़मीन पर कोई ठोस बदलाव लाती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार पर पार्टी नेताओं ने क्या कहा?
BJP मंत्री विजय सिन्हा और प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने 3 अगस्त को जनादेश स्वीकार किया और कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक परिणामों को पूरी विनम्रता से स्वीकार करती है। दोनों नेताओं ने संगठनात्मक समीक्षा का आश्वासन भी दिया।
विजय सिन्हा ने ईवीएम और चुनाव आयोग पर क्या कहा?
विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि BJP कभी भी चुनाव परिणामों का दोष ईवीएम या चुनाव आयोग पर नहीं मढ़ती। उन्होंने कहा कि पार्टी का लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने RJD पर क्या आरोप लगाए?
चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि बांकीपुर में BJP की अति पिछड़ा वर्ग की महिला उम्मीदवार रेखा गुप्ता के बावजूद तेजस्वी यादव इस वर्ग के पक्ष में सक्रिय नहीं रहे और बाद में जन सुराज के नेताओं से हाथ मिला लिया। उन्होंने कहा कि इससे RJD के अति पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ताओं में निराशा है।
क्या बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे बिहार की राजनीति बदलेंगे?
BJP नेताओं ने इस दावे को सिरे से खारिज किया। चंद्रवंशी ने कहा कि एक उपचुनाव के आधार पर पूरे राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल जाने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि BJP गठबंधन ने कुछ ही महीने पहले बिहार में 202 सीटें जीती थीं।
प्रशांत किशोर और जन सुराज का बांकीपुर उपचुनाव पर कितना असर रहा?
BJP मंत्री चंद्रवंशी के अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर लड़ा गया और किसी राष्ट्रीय नेता या अभियान का इस पर विशेष प्रभाव नहीं था। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव ने जन सुराज नेताओं से गठजोड़ किया।
राष्ट्र प्रेस
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