बांकीपुर उपचुनाव हार के बाद आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र की मांग — तेजस्वी के करीबियों को हटाओ, संगठन बदलो
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद खुलकर आंतरिक सुधार की आवाज़ उठाई है। उन्होंने 4 अगस्त को पटना में कहा कि पार्टी को जड़ से पुनर्गठित करना होगा और जमीनी मतदाताओं से फिर से जुड़ाव स्थापित करना होगा। उनके बयान से संकेत मिलते हैं कि हार के बाद आरजेडी के भीतर संगठन, नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर बहस तीखी हो रही है।
तेजस्वी के करीबियों पर सीधा निशाना
भाई वीरेंद्र ने पार्टी नेता तेजस्वी यादव के करीबी दायरे में मौजूद कुछ नेताओं को हटाने की खुली मांग की। उनका कहना है कि ये नेता जनता के बीच अलोकप्रिय हो चुके हैं और उनके प्रति आम लोगों में गहरी नाराज़गी है।
उन्होंने कहा, 'तेजस्वी यादव के आसपास कुछ लोग हैं जिन्हें हटाने की जरूरत है। जनता उनसे नाराज है और उनके खिलाफ असंसदीय भाषा का भी इस्तेमाल करती है। हमें पार्टी को फिर से सिरे से बनाना होगा, लोगों के बीच जाना होगा और उनसे जुड़ना होगा। हम मानते हैं कि हमारी तरफ से बड़ी गलती हुई है।'
बांकीपुर नतीजे की आरजेडी विधायक की व्याख्या
भाई वीरेंद्र ने बांकीपुर के चुनाव परिणाम को केवल आरजेडी की अस्वीकृति मानने से इनकार किया। उनके अनुसार पार्टी के पारंपरिक मतदाताओं का एक हिस्सा जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को इसलिए वोट दे सकता है, क्योंकि वे उन्हें भाजपा को हराने में सक्षम सबसे मज़बूत विकल्प मानते थे।
उन्होंने कहा कि पार्टी को इस बात की गहन समीक्षा करनी चाहिए कि उसके परंपरागत समर्थकों को किसी अन्य उम्मीदवार की ओर रुख करने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे आकार लेने लगी हैं।
संगठनात्मक ढाँचे में व्यापक बदलाव की माँग
आरजेडी विधायक ने पार्टी की संगठनात्मक संरचना और राजनीतिक रणनीति की व्यापक समीक्षा की माँग की। उन्होंने कहा, 'पार्टी ने कुछ लोगों पर भरोसा जताया था, लेकिन उनमें से कुछ उस भरोसे पर खरे नहीं उतरे। इसलिए उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों का पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए।'
उन्होंने यह भी कहा कि सक्षम, प्रतिबद्ध और मेहनती नेताओं को संगठन की मुख्यधारा में लाया जाए और शीर्ष नेतृत्व के करीब रखा जाए।
नीतीश कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप
भाई वीरेंद्र ने उन जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं के तर्क को खारिज किया जो यह मान रहे थे कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बांकीपुर में सक्रिय रूप से प्रचार किया होता, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हार से बच सकती थी। उनके अनुसार नीतीश कुमार की राजनीतिक साझेदारी ने ही राज्य में भाजपा के विस्तार को आसान बनाया।
इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान बिहार में भ्रष्टाचार अपने चरम पर था। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं जब एनडीए की बांकीपुर में हार को लेकर सहयोगी दलों के बीच ज़िम्मेदारी का सवाल उठ रहा है।
आगे क्या होगा
भाई वीरेंद्र की आंतरिक समीक्षा की माँग से पार्टी नेतृत्व पर अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने का दबाव बढ़ सकता है। आलोचकों का कहना है कि यदि आरजेडी ने इस हार से सबक नहीं लिया, तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति और कमज़ोर हो सकती है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।