3 अगस्त 2026
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बृजभूषण शरण सिंह यौन शोषण मामले में बरी, बोले — 'मैंने खुद को कभी अपराधी नहीं माना'

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बृजभूषण शरण सिंह यौन शोषण मामले में बरी, बोले — 'मैंने खुद को कभी अपराधी नहीं माना'

सारांश

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया। 2023 में शुरू हुए इस विवाद ने भारतीय खेल जगत को झकझोर दिया था। बृजभूषण ने कहा — 'मैंने खुद को कभी अपराधी नहीं माना।'

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी किया।
WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी अदालत ने दोषमुक्त ठहराया।
आरोप 2016 से 2022 के बीच की घटनाओं से संबंधित थे; मामला 2023 में सार्वजनिक हुआ था।
बृजभूषण ने WFI अध्यक्ष पद पर वापसी से स्पष्ट इनकार किया।
पीड़ित पहलवानों की ओर से उच्च न्यायालय में अपील की संभावना पर नज़र बनी हुई है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया। इसी मामले में WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी अदालत ने दोषमुक्त ठहराया। यह फैसला उस विवाद की परिणति है जिसने 2023 में भारतीय खेल जगत को हिला दिया था।

बृजभूषण का बयान — 'यह झूठे आरोप झेलने वालों के लिए भी राहत'

कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'ये मेरे लिए बहुत बड़ी राहत है। ये उन लोगों के लिए भी बहुत बड़ी राहत है, जिनके ऊपर झूठे आरोप लगाए जाते हैं। ये ऐसा आरोप है कि जब किसी व्यक्ति के ऊपर लगता है, तो परिवार वाले साथ छोड़ देते हैं और वो आदमी टूट जाता है। कुछ लोग तो आत्महत्या कर लेते हैं। मेरे केस से उन सभी को बल मिलेगा, जिनके ऊपर गलत इल्जाम लगाए जाते हैं।'

उन्होंने यह भी कहा, 'मुझ पर आरोप लगाने वाले ओलंपिक मेडलिस्ट थे। इसमें बहुत बड़े लोग शामिल थे, विपक्ष की बड़ी पार्टियाँ शामिल थीं। इसे लेकर देश में ही नहीं, बल्कि देश के बाहर भी प्रदर्शन हुआ था। मैंने खुद को कभी अपराधी माना ही नहीं।'

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद 2023 में तब सामने आया जब देश की शीर्ष महिला पहलवानों ने आरोप लगाया कि 2016 से 2022 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंप, WFI कार्यालय और अन्य स्थानों पर उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। आरोप लगाने वाली पहलवानों में ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल थीं। इसके बाद नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना। गौरतलब है कि यह मामला भारतीय खेल और न्यायिक इतिहास के सर्वाधिक चर्चित विवादों में गिना जाता है।

WFI पद पर वापसी से इनकार

जब बृजभूषण शरण सिंह से पूछा गया कि क्या वे WFI की अध्यक्षता में पुनः लौटेंगे, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में 'नहीं' कहा। उन्होंने इस संबंध में कोई और विस्तृत टिप्पणी नहीं की।

विनोद तोमर भी बरी

कोर्ट ने WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी इसी मामले में दोषमुक्त किया। राउज एवेन्यू कोर्ट का यह फैसला सोमवार को सुनाया गया, हालाँकि अभियोजन पक्ष की ओर से आगे की कानूनी कार्यवाही को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

आगे क्या होगा

कोर्ट के इस फैसले के बाद यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि पीड़ित पहलवान उच्च न्यायालय का रुख करती हैं या नहीं। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और खेल मंत्रालय की ओर से भी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। यह मामला भारत में खेल प्रशासन और यौन उत्पीड़न कानूनों की प्रभावशीलता पर बहस को नए सिरे से जन्म दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उन सवालों का जवाब नहीं देता जो भारतीय खेल प्रशासन की जवाबदेही को लेकर उठे थे। ओलंपिक पदक विजेता पहलवानों का जंतर-मंतर पर धरना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठी आवाज़ें — ये सब एक गहरी संस्थागत विफलता की ओर इशारा करती थीं, जिसे केवल अदालती बरी होने से नहीं मिटाया जा सकता। यह मामला भारत में खेल निकायों के भीतर शिकायत निवारण तंत्र की कमज़ोरी को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या इस फैसले के बाद खेल प्रशासन में सुधार की माँग और तेज़ होगी, या यह विवाद भी पिछले कई खेल घोटालों की तरह बिना ठोस बदलाव के बंद हो जाएगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह को किस मामले में बरी किया गया है?
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी किया। यह मामला 2023 में सामने आया था, जब शीर्ष महिला पहलवानों ने 2016 से 2022 के बीच हुए कथित उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
इस मामले में और कौन बरी हुआ?
WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी राउज एवेन्यू कोर्ट ने उसी फैसले में दोषमुक्त किया। दोनों पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप थे।
बृजभूषण शरण सिंह ने फैसले पर क्या कहा?
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी खुद को अपराधी नहीं माना और यह फैसला उन सभी लोगों के लिए राहत है जो झूठे आरोपों का सामना करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका केस एक उदाहरण बनेगा।
क्या बृजभूषण शरण सिंह WFI की अध्यक्षता में वापस लौटेंगे?
नहीं। बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे WFI अध्यक्ष पद पर वापस नहीं लौटेंगे।
इस मामले में पहलवानों ने क्या आरोप लगाए थे?
देश की शीर्ष महिला पहलवानों — जिनमें ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल थीं — ने आरोप लगाया था कि 2016 से 2022 के बीच राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंप और WFI कार्यालय में उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। इन आरोपों के बाद 2023 में जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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