मोहम्मद रिजवान ने NCCIA की जांच पर उठाए सवाल, लाहौर हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने 17 सितंबर 2026 को नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) के सट्टेबाजी संबंधी सवालों का लिखित जवाब दिया। इसके साथ ही उन्होंने एजेंसी के अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाया और मांग की कि मामले की जांच आईसीसी एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) को सौंपी जाए। इसी दिन लाहौर हाई कोर्ट ने रिजवान की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने NCCIA की जांच को चुनौती दी थी।
रिजवान का जवाब और मुख्य तर्क
समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रिजवान ने अपने जवाब में कहा, 'एक क्रिकेटर के तौर पर मैंने अपनी पूरी क्षमता से पाकिस्तान टीम की सेवा की है।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि वह किस ऑनलाइन सट्टेबाजी की घटना से संबद्ध माने जा रहे हैं।
रिजवान ने अपने जवाब में लिखा, 'एक सक्रिय क्रिकेटर होने के बावजूद, मेरे खिलाफ लगे आरोपों की जानकारी आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट को नहीं दी गई। यह समझ से परे है कि NCCIA ऐसे मामले की जांच क्यों कर रही है?' उन्होंने माँग की कि उन्हें आरोपों की पूरी जानकारी दी जाए ताकि वे जांच में सहयोग कर सकें।
लाहौर हाई कोर्ट का फैसला
लाहौर हाई कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई शुरू होने के कुछ ही देर बाद रिजवान की याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में उन्होंने तर्क दिया था कि NCCIA ने पूछताछ का कारण स्पष्ट नहीं किया और इस मामले में एजेंसी के पास अधिकार क्षेत्र नहीं है। अदालत ने यह दलील स्वीकार नहीं की।
इमाम-उल-हक और वित्तीय जांच का पहलू
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले रिजवान और इमाम-उल-हक दोनों लाहौर में NCCIA के समक्ष पेश हुए थे। दोनों पर ड्रेसिंग रूम से जानकारी लीक करने के आरोप हैं। इमाम ने सवालों के जवाब दे दिए, जबकि रिजवान ने मामले को न्यायालय में ले जाने का रास्ता चुना।
'द न्यूज इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, NCCIA ने दोनों खिलाड़ियों के वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध बैंक खातों की भी जांच की। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले और उसके दौरान के लेन-देन की समीक्षा की जा रही है, और यदि कोई संदिग्ध लेन-देन पाया गया तो उसके स्रोत की जांच की जाएगी।
इंग्लैंड दौरे की पृष्ठभूमि
यह विवाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा इंग्लैंड दौरे के दौरान उठाए गए अनुशासनात्मक कदमों के बाद सामने आया है। इंग्लैंड में 0-3 से ऐतिहासिक हार के बाद — जो इंग्लिश धरती पर पाकिस्तान की पहली ऐसी हार थी — PCB ने दूसरे टेस्ट के बाद रिजवान, इमाम और पाँच अन्य खिलाड़ियों को स्वदेश भेज दिया।
खबरों के मुताबिक, इन सात खिलाड़ियों के मोबाइल फोन संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए गए और बोर्ड ने 'आंतरिक अनुशासनात्मक जांच' भी शुरू की। टीम में सात अन्य खिलाड़ियों को शामिल कर तीसरा टेस्ट खेला गया।
आगे क्या होगा
लाहौर हाई कोर्ट की याचिका खारिज होने के बाद रिजवान के पास उच्च अदालत में अपील का विकल्प बचा है। NCCIA की जांच जारी है और वित्तीय जांच के नतीजे आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी। यह मामला पाकिस्तानी क्रिकेट की छवि और आईसीसी के साथ उसके संबंधों पर भी असर डाल सकता है।