मोहम्मद यूसुफ का PCB पर निशाना: इंग्लैंड दौरे में 7 खिलाड़ियों की वापसी 'अंदरूनी कलह' का नतीजा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने 2 सितंबर 2026 को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के उस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट दौरे के बीच सात खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के दो सदस्यों को स्वदेश वापस भेज दिया गया। यूसुफ के अनुसार यह कदम महज खराब प्रदर्शन का परिणाम नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट में दशकों से चली आ रही अंदरूनी कलह और मतभेदों की उसी पुरानी कड़ी की अगली कड़ी है।
मुख्य घटनाक्रम
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान 0-2 से पिछड़ चुका है। हेडिंग्ले में पहला टेस्ट एक पारी और 103 रनों से और लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट 194 रनों से गँवाने के बाद PCB ने तीसरे टेस्ट से पूर्व बड़े पैमाने पर फेरबदल किया।
बोर्ड ने मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद ओवैस जफर और खुर्रम शहजाद को स्क्वाड से बाहर किया। इसके साथ ही रेड-बॉल हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी हटा दिया गया। व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन और एशले नोफके बाकी दौरे के लिए बैक-रूम की जिम्मेदारियाँ सँभालेंगे।
यूसुफ की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के लिए 90 टेस्ट मैच खेल चुके यूसुफ ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, 'अधिकारियों का खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को चल रहे दौरे से वापस बुलाने का हालिया फैसला महज प्रदर्शन से जुड़ा नहीं लगता। आखिरकार, हम जहीर अब्बास, जावेद मियांदाद, इंजमाम-उल-हक या सईद अनवर जैसे दिग्गजों को तो रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं भेज रहे हैं। इसके बजाय, यह कदम अंदरूनी कलह, मतभेदों और विवादों के उस जाने-पहचाने चक्र को दिखाता है जिसने लंबे समय से पाकिस्तान क्रिकेट को परेशान किया है।'
यूसुफ ने 1992 विश्व कप की ऐतिहासिक जीत का हवाला देते हुए कहा कि उसके बाद से ही यह अस्थिरता बार-बार सामने आती रही है। उनके शब्दों में, '1992 वर्ल्ड कप की शानदार जीत के बाद से ही ऐसी उथल-पुथल बार-बार देखने को मिली है, जिससे स्थिरता खत्म हुई है और ध्यान खेल से हटकर दूसरी चीजों पर गया है।'
आम जनता और फैंस पर असर
यूसुफ ने चेतावनी दी कि मैदान के बाहर लगातार जारी उथल-पुथल टीम की प्रगति और समर्थकों के भरोसे को और कमज़ोर कर सकती है। उन्होंने लिखा, 'हमने पहले भी कई बार अलग-अलग रूपों में ऐसी उथल-पुथल का सामना किया है, और हर घटना ने टीम की तरक्की और फैंस के भरोसे पर निशान छोड़े हैं।'
क्या होगा आगे
तीसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान की नई टीम में बाबर आजम (कप्तान) के नेतृत्व में अब्दुल्ला फजल, अब्दुल्ला शफीक, अराफात मिन्हास, अजान ओवैस, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली, मुहम्मद इमरान, मोहम्मद इमरान जूनियर, मुहम्मद गाजी गोरी, रजाउल्लाह, साद बेग, सैम अयूब, साजिद खान, सऊद शकील, शान मसूद और उबैद शाह शामिल हैं।
यूसुफ ने अपनी बात खत्म करते हुए स्पष्ट संदेश दिया: 'सिर्फ शानदार प्रदर्शन और लगातार अच्छे नतीजे ही शोर को शांत कर सकते हैं। अगर पाकिस्तान क्रिकेट को अपनी साख वापस पानी है और फैंस का भरोसा जीतना है, तो उसे बोर्डरूम के बजाय मैदान पर ध्यान देना होगा। सफलता ही सबसे असरदार इलाज है।' यह सीरीज पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।