बृजभूषण बरी: बजरंग पूनिया बोले — 'अदालत के फैसले का दुख है, पहलवान लड़ाई जारी रखेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त को भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए बरी कर दिया। इस फैसले के तुरंत बाद पहलवान बजरंग सिंह पूनिया ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि महिला पहलवान इस निर्णय के विरुद्ध अपील करेंगी और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
अदालत का फैसला
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने बृजभूषण शरण सिंह के साथ-साथ इस मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने अपने निर्णय में सबूतों की कमी को आधार बनाया। उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई को अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
बजरंग पूनिया की प्रतिक्रिया
बजरंग पूनिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी पार्टी के एक बाहुबली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी। सत्ता और अपने बाहुबल के दम पर बृजभूषण ने कई लड़कियों को डराकर उनके नाम वापस करवाए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि कई महिला पहलवान डटी रहीं और अदालत में लड़ती रहीं, लेकिन फैसले ने उन्हें गहरी निराशा दी है।
पूनिया ने यह भी आरोप लगाया कि 'पहले दिन से ही सारा तंत्र, सरकार और यह सिस्टम बृजभूषण को बचाने के लिए लगा हुआ है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ जल्द से जल्द अपील दाखिल करने का निर्देश दे दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर WFI अध्यक्ष पद पर रहते हुए यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके विरोध में पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया था, जिसने देशभर का ध्यान खींचा। जून 2023 में दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के विरुद्ध कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
आगे क्या होगा
महिला पहलवानों के वकील उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने की तैयारी में हैं। बजरंग पूनिया ने साफ कहा है कि 'हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और पहलवान अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।' यह मामला भारतीय खेल जगत में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और न्याय के व्यापक सवालों से जुड़ा हुआ है, और अपील की सुनवाई पर अब सबकी नजर होगी।