करीमनगर में पीएमजे ज्वैलरी शोरूम पर दिनदहाड़े डकैती, 4 कर्मचारी घायल; पुलिस आयुक्त मौके पर

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करीमनगर में पीएमजे ज्वैलरी शोरूम पर दिनदहाड़े डकैती, 4 कर्मचारी घायल; पुलिस आयुक्त मौके पर

सारांश

करीमनगर के पीएमजे ज्वैलरी शोरूम में ग्राहक बनकर घुसे पाँच हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े गोलीबारी की और कीमती आभूषण लूट लिए। चार कर्मचारी घायल हुए, सीसीटीवी में चेहरे कैद हुए — फिर भी लुटेरे फरार। पुलिस आयुक्त और केंद्रीय मंत्री मौके पर पहुँचे।

Key Takeaways

करीमनगर के ज्योतिनगर इलाके में पीएमजे ज्वैलरी शोरूम पर 3 मई को दिनदहाड़े डकैती हुई। पाँचों हमलावर ग्राहक बनकर दुकान में घुसे, गोलीबारी की और आभूषण लूटकर फरार हो गए। गोलीबारी में चार कर्मचारी घायल हुए, उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीसीटीवी फुटेज में सभी पाँचों हमलावर स्पष्ट दिखे — किसी ने चेहरा नहीं ढका था। पुलिस आयुक्त गौस आलम ने विशेष टीमें गठित कीं; केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार भी मौके पर पहुँचे। लूटी गई संपत्ति का मूल्य इन्वेंट्री जाँच के बाद स्पष्ट होगा।

तेलंगाना के करीमनगर शहर में रविवार, 3 मई को पाँच हथियारबंद लुटेरों ने ज्योतिनगर इलाके स्थित पीएमजे ज्वैलरी शोरूम में दिनदहाड़े धावा बोला और गोलीबारी करते हुए कीमती आभूषण लूट लिए। इस वारदात में चार कर्मचारी घायल हुए, जिन्हें आपातकालीन उपचार के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटनाक्रम: कैसे हुई डकैती

पुलिस के अनुसार, पाँचों हमलावर ग्राहक बनकर शोरूम में दाखिल हुए और सोने के गहने दिखाने का बहाना किया। जैसे ही कर्मचारियों ने आभूषण प्रदर्शित करने शुरू किए, बदमाशों ने बंदूकें निकाल लीं और दहशत फैलाने के लिए गोलियाँ चलाईं। गोलीबारी में चार कर्मचारियों को चोटें आईं। इसके बाद लुटेरों ने डिस्प्ले काउंटरों को लूटकर आभूषण थैलों में भरे और फरार हो गए।

सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

शोरूम के सीसीटीवी फुटेज में पाँचों हमलावर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं — जिनमें से दो ने टोपी पहन रखी थी, लेकिन किसी ने भी अपना चेहरा नहीं ढका था। फुटेज में बदमाश सुरक्षा गार्ड सहित कर्मचारियों को घुटने टेकने और हाथ ऊपर उठाने का आदेश देते दिख रहे हैं। दो महिला कर्मचारियों समेत सभी स्टाफ लुटेरों के आदेशों का पालन करते दिखे। भागने से पहले एक हमलावर ने सुरक्षा गार्ड की आँखों पर पट्टी बाँध दी।

पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया

गोलीबारी की आवाज़ सुनकर स्थानीय निवासियों और आसपास के दुकानदारों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। टास्क फोर्स की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और पूरे इलाके को घेर लिया। करीमनगर पुलिस आयुक्त गौस आलम ने स्वयं शोरूम का दौरा किया और लुटेरों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित कीं। फोरेंसिक टीमों को सबूत जुटाने के लिए घटनास्थल पर तैनात किया गया। जाँचकर्ता संदिग्धों की पहचान और भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं। शहर और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और प्रमुख निकास बिंदुओं पर चौकियाँ स्थापित की गई हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने भी शोरूम का दौरा किया। उन्होंने बताया कि घटना से कुछ मिनट पहले ही वे उसी इलाके में मौजूद थे। करीमनगर सांसद संजय कुमार ने कहा कि यह वारदात उनके कार्यालय से महज कुछ मीटर की दूरी पर घटी। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश किया, सोने के गहने दिखाने का बहाना किया और फिर बंदूक की नोक पर लूटपाट की।

आगे क्या होगा

चोरी की गई संपत्ति का मूल्य दुकान प्रबंधन द्वारा इन्वेंट्री पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब करीमनगर जैसे मध्यम आकार के शहरों में सशस्त्र डकैती की घटनाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरोह के सदस्यों की पहचान कर ली जाएगी।

Point of View

सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को और उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या पुलिस सीसीटीवी साक्ष्य के बावजूद त्वरित गिरफ्तारी कर पाएगी, या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

करीमनगर ज्वैलरी शोरूम डकैती में क्या हुआ?
3 मई को तेलंगाना के करीमनगर में पाँच हथियारबंद बदमाशों ने पीएमजे ज्वैलरी शोरूम में ग्राहक बनकर प्रवेश किया, गोलीबारी की और आभूषण लूटकर फरार हो गए। इस घटना में चार कर्मचारी घायल हुए।
घटना में कितने लोग घायल हुए और उनकी स्थिति क्या है?
गोलीबारी में चार कर्मचारियों को चोटें आईं और उन्हें पास के एक निजी अस्पताल में आपातकालीन उपचार के लिए ले जाया गया। उनकी सटीक स्थिति के बारे में अधिकारियों ने अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
पुलिस ने डकैती के बाद क्या कार्रवाई की?
पुलिस आयुक्त गौस आलम ने मौके का दौरा कर विशेष टीमें गठित कीं। टास्क फोर्स ने इलाके को घेरा, फोरेंसिक टीमें तैनात की गईं और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण शुरू किया गया। प्रमुख निकास बिंदुओं पर चौकियाँ भी स्थापित की गई हैं।
लूटे गए आभूषणों का मूल्य कितना है?
चोरी की गई संपत्ति का सटीक मूल्य अभी स्पष्ट नहीं है। दुकान प्रबंधन द्वारा इन्वेंट्री जाँच पूरी होने के बाद ही यह जानकारी मिल सकेगी।
केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार का इस घटना से क्या संबंध है?
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और करीमनगर सांसद बंदी संजय कुमार ने बताया कि घटना से कुछ मिनट पहले वे उसी इलाके में मौजूद थे और यह वारदात उनके कार्यालय से कुछ मीटर की दूरी पर हुई। उन्होंने भी शोरूम का दौरा किया।
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