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झारखंड कांग्रेस की 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी' गठित, 34 दिग्गज नेताओं को मिली जगह

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झारखंड कांग्रेस की 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी' गठित, 34 दिग्गज नेताओं को मिली जगह

सारांश

कांग्रेस ने झारखंड में 34 सदस्यीय 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी' का गठन कर दिया है — जिसमें मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हैं। यह कदम गठबंधन सरकार में समन्वय और आगामी चुनावों की तैयारी के लिए उठाया गया है।

मुख्य बातें

AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने झारखंड की 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC)' के गठन की आधिकारिक घोषणा की।
समिति में कुल 34 सदस्य शामिल; तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालेगी।
राजू , प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश , पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और डॉ.
रामेश्वर उरांव प्रमुख नाम।
विधायक भूषण बाड़ा , प्रदीप यादव समेत 7 विधायकों को समिति में जगह मिली।
PAC का उद्देश्य गठबंधन सरकार में समन्वय और आगामी चुनावों के लिए रोडमैप तैयार करना।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने झारखंड में पार्टी संगठन को नई धार देने के लिए प्रदेशस्तरीय 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी' (PAC) के गठन को मंजूरी दे दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह समिति तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालेगी। नवगठित समिति में कुल 34 सदस्यों को स्थान दिया गया है।

समिति में कौन-कौन शामिल

PAC की सूची में प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव जैसे वरिष्ठ नाम प्रमुखता से शामिल हैं। मंत्री राधाकृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय को भी इस नीति-निर्धारक इकाई में जगह दी गई है।

विधायकों में भूषण बाड़ा, ममता देवी, कुमार जयमंगल, नमन विक्सल कोंगाड़ी, प्रदीप यादव, राजेश कच्छप और सुरेश बैठा को समिति में स्थान मिला है। इसके अलावा डॉ. अजय कुमार, धीरज प्रसाद साहू, फुरकान अंसारी और बंधु तिर्की जैसे कद्दावर नेता भी सूची में शामिल हैं।

व्यापक प्रतिनिधित्व का प्रयास

समिति के गठन में झारखंड के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। गौरतलब है कि PAC में झारखंड प्रभारी, AICC के सचिवों और प्रदेश कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठनों व विभागों के प्रमुखों को भी पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, ताकि निर्णय प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

समिति का उद्देश्य और राजनीतिक महत्व

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस समिति का मुख्य उद्देश्य झारखंड में गठबंधन सरकार के भीतर समन्वय को बेहतर बनाना और आगामी चुनावों के लिए पार्टी का रोडमैप तैयार करना है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के सामने संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है।

आगे क्या

PAC के गठन के बाद अब पार्टी की नज़र जिला-स्तरीय संगठन को मज़बूत करने पर होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम संकेत देता है कि कांग्रेस झारखंड में अपनी स्वतंत्र पहचान को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे की राजनीति गहरी है — गठबंधन साझेदार झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के साथ बढ़ते तनाव और सत्ता में हिस्सेदारी की आंतरिक खींचतान के बीच PAC का गठन पार्टी की स्वायत्त पहचान स्थापित करने की कोशिश है। 34 सदस्यों की सूची में विभिन्न जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यान रखा गया है, जो बताता है कि कांग्रेस अगले चुनाव में अपनी सौदेबाज़ी की ताकत बढ़ाना चाहती है। सवाल यह है कि क्या यह समिति वास्तव में नीति-निर्धारण करेगी या महज़ एक प्रतीकात्मक ढाँचा बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड कांग्रेस की 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी' क्या है?
यह कांग्रेस की झारखंड प्रदेश-स्तरीय नीति-निर्धारक समिति है, जिसमें 34 सदस्यों को शामिल किया गया है। AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल के आदेश पर यह समिति तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालेगी।
इस समिति में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हैं?
समिति में प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, डॉ. रामेश्वर उरांव, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी और वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय प्रमुख हैं। सात विधायकों को भी इसमें स्थान दिया गया है।
इस PAC का मुख्य उद्देश्य क्या है?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, PAC का मुख्य उद्देश्य झारखंड की गठबंधन सरकार में समन्वय बेहतर बनाना और आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस का रोडमैप तैयार करना है। इसमें पदेन सदस्यों को शामिल कर निर्णय प्रक्रिया को व्यापक बनाने की कोशिश की गई है।
PAC में पदेन सदस्य कौन होंगे?
झारखंड प्रभारी, AICC के सचिव और प्रदेश कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठनों व विभागों के प्रमुख पदेन सदस्य के रूप में PAC में शामिल होंगे।
यह समिति कब से काम करना शुरू करेगी?
AICC के आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह समिति तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालेगी। 3 मई 2025 को इसके गठन की घोषणा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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