कांग्रेस ने मणिपुर में बनाई नई राजनीतिक मामलों की समिति, संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम

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कांग्रेस ने मणिपुर में बनाई नई राजनीतिक मामलों की समिति, संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम

सारांश

कांग्रेस ने मणिपुर में राजनीतिक मामलों की समिति का गठन किया है। यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी संगठन को मजबूती देने के लिए उठाया गया है। इस समिति में प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है, जो आगामी योजनाओं को लागू करेंगे।

Key Takeaways

  • कांग्रेस ने मणिपुर में राजनीतिक मामलों की समिति का गठन किया।
  • समिति में प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है।
  • यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से है।

नई दिल्ली/इंफाल, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फरवरी में एक नए प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता की नियुक्ति के पश्चात, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को राजनीतिक मामलों की समिति का गठन किया और मणिपुर प्रदेश कांग्रेस समिति (एमपीसीसी) के लिए चार उपाध्यक्ष और बारह महासचिव नियुक्त किए।

इंफाल में कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी संगठन को और भी मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी' बनाई गई है तथा नए उपाध्यक्ष और महासचिव का चयन किया गया है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस समिति में सप्तगिरी शंकर उलका, प्रदेश अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह, कांग्रेस विधायक दल के नेता कीशम मेघचंद्र सिंह और प्रदेश इकाई के अन्य वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।

प्रदेश में कांग्रेस के विभिन्न 'फ्रंटल संगठनों' के प्रमुख भी इस समिति के 'पदेन सदस्य' के रूप में कार्य करेंगे।

नए नियुक्त उपाध्यक्षों में विद्यापति सेनजम, एल. तिलोत्तमा, हरेश्वर गोस्वामी और मोहम्मद अमीन शाह शामिल हैं।

जिन लोगों को महासचिव नियुक्त किया गया है, उनमें एस. मनाओटन सिंह, जीतन सिंह, अमीर हुसैन, एच. मेघचंद्र मंगंगचा, टी. सोखो जॉर्ज, सेराम निकेन सिंह, केनेडी सिंह, चॉन्गबियाक थॉमटे, जॉन पानमेई, रबी खान और निंगथौजम पोपिलाल सिंह शामिल हैं।

फरवरी में, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने प्रदेश में संगठनात्मक बदलाव की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत उन्होंने नया प्रदेश अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं उप-नेता, और एमपीसीसी की चुनाव और प्रचार समितियों के अध्यक्ष नियुक्त किए थे।

तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके ओकराम इबोबी सिंह को 'मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

तब के प्रदेश अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र सिंह को 'कांग्रेस विधायक दल' (सीएलपी) का नेता बनाया गया, जबकि के. रंजीत को सीएलपी का उपनेता नियुक्त किया गया।

पूर्व विधायक विक्टर कीशिंग और मांगा वाइफेई को एमपीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। विक्टर कीशिंग, पूर्व मुख्यमंत्री रिशांग कीशिंग के बेटे हैं।

पूर्व विधायक फजुर रहीम को एमपीसीसी का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक टी. लोकेश्वर सिंह को 'प्रचार समिति' का अध्यक्ष बनाया गया, जबकि पूर्व मंत्री मोइरांगथेम ओकेंद्रो को 'चुनाव समिति' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। एआईसीसी की विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र सिंह के 'योगदान' की सराहना करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह फरवरी में किए गए संगठनात्मक बदलावों से पहले सीएलपी नेता के रूप में कार्य कर चुके थे।

Point of View

जो आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है। राजनीतिक मामलों की समिति का गठन एक सुनियोजित प्रयास है, जिससे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को और भी सुदृढ़ किया जा सके।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

कांग्रेस ने मणिपुर में राजनीतिक मामलों की समिति क्यों बनाई?
कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए राजनीतिक मामलों की समिति का गठन किया है।
इस समिति में कौन से प्रमुख नेता शामिल हैं?
इस समिति में सप्तगिरी शंकर उलका, ओकराम इबोबी सिंह, कीशम मेघचंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
कांग्रेस की नई नियुक्तियों का क्या उद्देश्य है?
नई नियुक्तियों का उद्देश्य पार्टी संगठन को और मजबूत करना और चुनावी तैयारी को गति देना है।
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