बिहार में कांग्रेस पार्टी ने किया महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव, नये अध्यक्षों की नियुक्ति
सारांश
Key Takeaways
- 53 नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।
- पार्टी का मुख्य उद्देश्य संस्थान को मजबूत करना है।
- पार्टी की पिछले चुनावों में कमजोर प्रदर्शन को सुधारने का प्रयास।
- आंतरिक चुनौतियों का सामना करना भी आवश्यक।
- नए अध्यक्षों में कई प्रमुख नेता शामिल हैं।
पटना, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी ने बिहार में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक पुनर्गठन का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत 53 संगठनात्मक जिलों के लिए नए जिला कांग्रेस समिति अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।
2025 विधानसभा चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद, यह कदम उठाया गया है। नए अध्यक्षों की नियुक्ति पार्टी के ‘संगठन सृजन अभियान’ का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत बनाना है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नए जिला कांग्रेस समिति अध्यक्षों की तात्कालिक नियुक्ति के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस प्रक्रिया में एआईसीसी पर्यवेक्षकों ने जिलास्तरीय समीक्षा की, पार्टी कार्यकर्ताओं और हितधारकों के साथ चर्चा की और एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद वरिष्ठ नेतृत्व ने पर्यवेक्षकों के साथ चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया।
हालिया चुनावी विफलताओं ने इस पुनर्गठन को अनिवार्य बना दिया है। 2025 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 6 सीटों पर जीत हासिल की। 2020 में भी पार्टी ने 70 में से सिर्फ 19 सीटों पर विजय प्राप्त की।
पार्टी को आंतरिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। फरवरी 2024 में बिहार फ्लोर टेस्ट के दौरान कई कांग्रेस विधायक क्रॉस वोटिंग में शामिल हुए थे। इसके अतिरिक्त, 2026 के राज्यसभा चुनाव में छह कांग्रेस विधायकों में से तीन मतदान में उपस्थित नहीं रहे, जिसके चलते भाजपा के शिवेश कुमार राम ने राजद के अमरेंद्र धारी सिंह को हराया।
इन सभी कारणों से पार्टी नेतृत्व ने जिला स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के कार्यालय की सूची के अनुसार, नए डीसीसी अध्यक्षों की नियुक्तियां विभिन्न जिलों में की गई हैं। इनमें प्रमुख नियुक्तियों में मोहम्मद मासूम रजा (अररिया), मोहम्मद कैफ (अरवल), आनंद शंकर सिंह (औरंगाबाद), जितेन्द्र सिंह (बांका), शिव प्रकाश गरीबदास (बेगूसराय), प्रवीन सिंह कुशवाह (भागलपुर), डॉ. श्रीधर तिवारी (भोजपुर), पंकज कुमार उपाध्याय (बक्सर), मिथिलेश चौधरी (दरभंगा ग्रामीण), डॉ. जामाल हसन (दरभंगा शहरी), संतोष कुमार (शेरघाटी–बोधगया), राजनीश कुमार (गया) और ओम प्रकाश गर्ग (गोपालगंज) शामिल हैं।