झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी घोषित: 16 उपाध्यक्ष, 43 महासचिव और 81 सचिव सहित 200 से अधिक पदाधिकारी नियुक्त

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झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी घोषित: 16 उपाध्यक्ष, 43 महासचिव और 81 सचिव सहित 200 से अधिक पदाधिकारी नियुक्त

सारांश

झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने 200 से अधिक पदाधिकारियों वाली 'जंबो जेट कमेटी' का ऐलान किया है। 16 उपाध्यक्ष, 43 महासचिव और 81 सचिव के साथ-साथ 5 विशेष समितियाँ गठित की गई हैं। यह संगठनात्मक विस्तार झारखंड में पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

Key Takeaways

झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी 3 मई 2025 को AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा घोषित की गई। नई टीम में 16 उपाध्यक्ष , 43 महासचिव , 81 सचिव , 44 संयुक्त सचिव और 37 पीसीसी कोऑर्डिनेटर्स शामिल हैं। गोपाल साहू को कमेटी का कोषाध्यक्ष और बन्ना गुप्ता को चुनाव प्रबंधन समिति की कमान सौंपी गई। परिसीमन समिति में सुबोधकांत सहाय और प्रदीप यादव जैसे वरिष्ठ नेता शामिल। समन्वय समिति, अभियान समिति, परिसीमन समिति, चुनाव प्रबंधन समिति और एसआईआर समिति — 5 विशेष समितियाँ भी गठित।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी का 3 मई 2025 को औपचारिक ऐलान कर दिया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस नोट में इस विस्तृत संगठनात्मक ढाँचे की घोषणा की गई, जिसमें 16 उपाध्यक्ष, 43 महासचिव, 81 सचिव, 44 संयुक्त सचिव और 37 पीसीसी कोऑर्डिनेटर्स को शामिल किया गया है।

नई कमेटी की संरचना और संतुलन

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के अनुसार, नई टीम में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाने की विशेष कोशिश की गई है। संगठन में वरिष्ठता को सम्मान देते हुए 16 उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जिनमें अभिलाष साहू, अशोक चौधरी, भीम कुमार, दयामणि बारला, डॉ. राजेश गुप्ता छोटू, गुंजन सिंह, कालीचरण मुंडा, कुमार जयमंगल, मणिशंकर, मंजूर अंसारी, नमन बिक्सल कोंगाड़ी, प्रदीप तुलस्यान, राजेश कच्छप, सतीश पॉल मुंजनी, सुल्तान अहमद खान और सुरेश बैठा के नाम शामिल हैं। यह 'जंबो जेट कमेटी' झारखंड में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

महासचिवों और सचिवों की नियुक्ति

पार्टी के कामकाज को गति देने के लिए 43 महासचिवों की नियुक्ति की गई है। इनमें आभा सिन्हा, अभिजीत राज, आदित्य विक्रम, अजय सिंह, आलोक कुमार दुबे, अशोक सिंह, अशोक वर्मा, बादल पत्रलेख, बेलास तिर्की, बिनय सिन्हा दीपू, चैतु उरांव, चंद्रशेखर शुक्ला, धर्मराज राम, धर्मेंद्र सोनकर, डॉ. अजयनाथ शाहदेव, गजेंद्र सिंह, जयशंकर पाठक, जमील अख्तर, केदार पासवान, कुमार महेश सिंह, लाल किशोर शाहदेव, लाल प्रेमप्रकाशनाथ शाहदेव, मुन्नम संजय, निरंजन पासवान, राजीव रंजन प्रसाद, राकेश किरण महतो, रविंद्र झा, रविंद्र सिंह, रियाज अंसारी, संजय पांडेय, शबाना खातून, शमशेर आलम, शांतनु मिश्रा, शशि भूषण राय, शिव कुमार भगत, श्यामल किशोर सिंह, सुंदरी तिर्की, सुनीत शर्मा, सुरेन राम, सुरजीत नागवाल, सूर्यकांत शुक्ला, तनवीर आलम और विजय यादव शामिल हैं।

संगठन के जमीनी कार्यों को मजबूत करने के लिए 81 सचिवों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें आभा ओझा, ऐनुल हक, अजय कुमार यादव, अजय शर्मा, अजय सिन्हा मंटू, अकील रहमान, अमित कुमार साहू, अनिल कुमार ओझा, अर्बी खातून, बेबी देवी पासवान, भावना गुप्ता, बीरेंद्र तिवारी, सीपी शांतन, चंदन सिंह, चंद्र भूषण साव, चंद्रशेखर दास, छोटेराय किस्कू, दीपक कुमार लाल, दीपक ओझा, दीपक पासवान, देवीलाल मुर्मू, धनंजय सिंह और धर्मेन्द्र पासवान आदि प्रमुख नाम शामिल हैं।

कोषाध्यक्ष और विशेष समितियाँ

गोपाल साहू को कमेटी का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने 44 संयुक्त सचिव और 37 पीसीसी कोऑर्डिनेटर्स की भी तैनाती की है। संगठन को चुनावी और रणनीतिक रूप से तैयार करने के लिए पाँच विशेष समितियाँ — समन्वय समिति, अभियान समिति, परिसीमन समिति, चुनाव प्रबंधन समिति और एसआईआर समिति — भी गठित की गई हैं।

समन्वय समिति में विनीता कुमारी और यशस्विनी सहाय सहित 34 सदस्य रखे गए हैं, जबकि चुनाव प्रबंधन की कमान वरिष्ठ नेता बन्ना गुप्ता को सौंपी गई है। परिसीमन समिति में सुबोधकांत सहाय और प्रदीप यादव जैसे वरिष्ठ चेहरों को जगह दी गई है।

रणनीतिक महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज है। गौरतलब है कि इतनी बड़ी संख्या में पदाधिकारियों की नियुक्ति से पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में इन समितियों की सक्रियता ही तय करेगी कि यह संगठनात्मक विस्तार चुनावी नतीजों में कितना कारगर साबित होता है।

Point of View

लेकिन बड़े संगठनात्मक ढाँचे हमेशा जमीनी सक्रियता की गारंटी नहीं देते। झारखंड कांग्रेस के लिए असली परीक्षा यह होगी कि चुनाव प्रबंधन समिति और परिसीमन समिति जैसे नए निकाय कागज पर नहीं, बल्कि व्यवहार में कितने कारगर साबित होते हैं। पार्टी ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का दावा किया है, लेकिन इतनी बड़ी कमेटी में समन्वय बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी चुनौती होगी।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी में कितने पदाधिकारी हैं?
नई कमेटी में 200 से अधिक पदाधिकारी हैं, जिनमें 16 उपाध्यक्ष, 43 महासचिव, 81 सचिव, 44 संयुक्त सचिव और 37 पीसीसी कोऑर्डिनेटर्स शामिल हैं। इसे 'जंबो जेट कमेटी' भी कहा जा रहा है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी की घोषणा किसने की?
यह घोषणा AICC के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस नोट के माध्यम से 3 मई 2025 को की गई। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाने की बात कही है।
झारखंड कांग्रेस में चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी किसे दी गई है?
चुनाव प्रबंधन समिति की कमान वरिष्ठ नेता बन्ना गुप्ता को सौंपी गई है। परिसीमन समिति में सुबोधकांत सहाय और प्रदीप यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है।
झारखंड कांग्रेस की नई कमेटी में कौन-सी विशेष समितियाँ गठित की गई हैं?
पाँच विशेष समितियाँ गठित की गई हैं — समन्वय समिति, अभियान समिति, परिसीमन समिति, चुनाव प्रबंधन समिति और एसआईआर समिति। समन्वय समिति में विनीता कुमारी और यशस्विनी सहाय सहित 34 सदस्य हैं।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस का कोषाध्यक्ष कौन है?
गोपाल साहू को नई कमेटी का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 3 मई 2025 को घोषित नई संगठनात्मक संरचना के तहत की गई है।
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