बिहार CM सम्राट चौधरी ने अमित शाह और निर्मला सीतारमण से की मुलाकात, मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा संभव
सारांश
Key Takeaways
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3 मई 2026 को नई दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अलग-अलग मुलाकात की, जिसमें बिहार की सुरक्षा, सुशासन और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर इन बैठकों की जानकारी साझा की।
अमित शाह से मुलाकात: सुरक्षा और सुशासन पर मार्गदर्शन
सीएम सम्राट चौधरी ने 'एक्स' पर लिखा कि उन्होंने अमित शाह से मुलाकात कर सुरक्षा, सुशासन एवं बिहार के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। गौरतलब है कि बिहार में नई सरकार के गठन के बाद यह पहला बड़ा केंद्रीय दौरा है, जो राज्य की प्राथमिकताओं को केंद्र के साथ समन्वित करने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
निर्मला सीतारमण से आर्थिक विकास पर चर्चा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार मुलाकात में मुख्यमंत्री ने बिहार के आर्थिक विकास, समग्र उन्नयन और प्रगति के विभिन्न आयामों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब बिहार को केंद्रीय बजट से अतिरिक्त संसाधनों की दरकार बताई जा रही है।
अन्य नेताओं से भी की शिष्टाचार भेंट
इससे पहले सम्राट चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव, बिहार प्रभारी एवं राज्यसभा सदस्य विनोद तावड़े से शिष्टाचार भेंट की। इसके अलावा, रविवार को नई दिल्ली में बिहार एनडीए के वरिष्ठ नेताओं — जीतन राम मांझी, ललन सिंह और नित्यानंद राय — से भी मुलाकात हुई।
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज़
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली दौरे पर आए सीएम सम्राट चौधरी BJP नेतृत्व के साथ बिहार मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली की बैठकों के बाद ही नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लगेगी। बता दें कि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण के बाद से बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार अभी बाकी है।
बिहार में BJP का पहला मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और वे राज्य में BJP के पहले मुख्यमंत्री हैं। उनके साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। दिल्ली दौरे के नतीजों पर अब बिहार की राजनीति की नज़र टिकी है।