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परिसीमन और महिला आरक्षण पर विपक्ष का दोहरा रवैया मानसून सत्र में फिर होगा बेनकाब: गजेंद्र शेखावत

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परिसीमन और महिला आरक्षण पर विपक्ष का दोहरा रवैया मानसून सत्र में फिर होगा बेनकाब: गजेंद्र शेखावत

सारांश

मानसून सत्र से पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला — परिसीमन और महिला आरक्षण पर विरोध करने वाले दलों का दोहरा रवैया एक बार फिर जनता के सामने आएगा। साथ ही उन्होंने राजस्थान में ₹1,000 करोड़ से अधिक के रेलवे विकास कार्यों और 1,500 स्टेशनों के आधुनिकीकरण की भी जानकारी दी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 17 जुलाई को जोधपुर में कहा कि परिसीमन और महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दल मानसून सत्र में बेनकाब होंगे।
शेखावत ने परिसीमन को संवैधानिक आवश्यकता बताया; परिसीमन अधिनियम के अनुसार 2025 के बाद नई प्रक्रिया शुरू होनी है।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन अनिवार्य पूर्वशर्त है; विपक्ष की 'महिला विरोधी सोच' पिछले सत्र में उजागर हो चुकी है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के करीब 1,500 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण जारी है।
जोधपुर-जैसलमेर क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ से अधिक की रेलवे सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं; जोधपुर के लिए 42 से अधिक नई ट्रेन सेवाएँ शुरू।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 17 जुलाई को जोधपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि परिसीमन (डिलिमिटेशन) और महिला आरक्षण कानून का विरोध करने वाले दल संसद के आगामी मानसून सत्र में एक बार फिर देश के सामने बेनकाब होंगे। शेखावत के अनुसार, विपक्ष का यह दोहरा रवैया पिछले संसद सत्र में भी उजागर हो चुका है।

परिसीमन: राजनीतिक मुद्दा नहीं, संवैधानिक अनिवार्यता

शेखावत ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही जनसंख्या के कारण लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में उन्होंने परिसीमन को महज राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि संवैधानिक आवश्यकता करार दिया। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद संविधान में ही परिसीमन का प्रावधान किया गया था और परिसीमन अधिनियम के अनुसार 2025 के बाद नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू की जानी है।

महिला आरक्षण पर विपक्ष की 'महिला विरोधी सोच'

महिला आरक्षण कानून पर विपक्ष के रुख की आलोचना करते हुए शेखावत ने कहा कि पिछले संसद सत्र की चर्चा के दौरान विपक्ष की 'महिला विरोधी सोच' स्पष्ट रूप से सामने आ गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के पक्षधर हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में प्रभावी प्रतिनिधित्व मिले। शेखावत ने स्पष्ट किया कि निर्वाचित सदनों में महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन एक अनिवार्य पूर्वशर्त है।

उन्होंने आगे कहा कि मानसून सत्र शुरू होने के बाद बिजनेस एडवाइजरी कमेटी विधायी कार्यसूची तय करेगी, और जो दल इस कानून का विरोध कर रहे हैं उन्हें जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।

राजस्थान और देश में बुनियादी ढाँचे का विकास

केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर 'विकसित भारत' के विजन के तहत हो रहे बुनियादी ढाँचे के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के करीब 1,500 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिस पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पिछले एक दशक में रेलवे विद्युतीकरण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और जल्द ही हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें भी शुरू होने की उम्मीद है।

शेखावत ने बताया कि देश में हवाई अड्डों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। जोधपुर में आधुनिक एयरपोर्ट विकसित किया गया है, जबकि जोधपुर, फलोदी और रामदेवरा रेलवे स्टेशनों का उन्नयन किया जा रहा है। इसके अलावा जोधपुर-जैसलमेर क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ से अधिक की लागत से रेलवे रखरखाव, वॉशिंग और परिचालन सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।

जैसलमेर और जोधपुर के विकास पर विशेष जोर

शेखावत ने बताया कि जैसलमेर उनका जन्मस्थान और पूर्व कर्मस्थल रहा है, इसलिए देश के इस महत्वपूर्ण सीमावर्ती और पर्यटन जिले का तेजी से विकास होते देखना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जोधपुर के लिए 42 से अधिक नई ट्रेन सेवाएँ शुरू की गई हैं। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा राजस्थान की विकास संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता दी है और राज्य की महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं को निरंतर समर्थन दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस बयान में अनुत्तरित रह जाती है। महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना सरकार के लिए एक राजनीतिक ढाल भी है — आरक्षण की माँग तो स्वीकार करो, पर क्रियान्वयन परिसीमन पर टिका रहे। जब तक इन दोनों मुद्दों पर ठोस समयसीमा सामने नहीं आती, यह बयान चुनावी बयानबाजी से अधिक नहीं दिखता।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गजेंद्र शेखावत ने विपक्ष के दोहरे रवैये से क्या आशय लिया?
शेखावत का कहना है कि जो दल सार्वजनिक मंचों पर महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, वही दल संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण कानून का विरोध करते हैं। उनके अनुसार यह विरोधाभास पिछले संसद सत्र में उजागर हो चुका है और मानसून सत्र में भी दिखेगा।
परिसीमन क्यों जरूरी है और इसकी प्रक्रिया कब शुरू होगी?
परिसीमन वह प्रक्रिया है जिसके तहत बढ़ती जनसंख्या के अनुसार लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएँ पुनर्निर्धारित की जाती हैं। परिसीमन अधिनियम के अनुसार 2025 के बाद नए सिरे से यह प्रक्रिया शुरू होनी है, जिसे शेखावत ने संवैधानिक अनिवार्यता बताया है।
महिला आरक्षण कानून और परिसीमन का क्या संबंध है?
सरकार का कहना है कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने से पहले परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। शेखावत ने स्पष्ट किया कि परिसीमन के बिना महिला आरक्षण को व्यावहारिक रूप से लागू नहीं किया जा सकता।
अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है और इसमें कितने स्टेशन शामिल हैं?
अमृत भारत स्टेशन योजना केंद्र सरकार की एक पहल है जिसके तहत देशभर के करीब 1,500 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं और जोधपुर, फलोदी तथा रामदेवरा स्टेशन भी इसमें शामिल हैं।
जोधपुर-जैसलमेर क्षेत्र में रेलवे विकास पर कितना खर्च हो रहा है?
शेखावत के अनुसार जोधपुर-जैसलमेर क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ से अधिक की लागत से रेलवे रखरखाव, वॉशिंग और परिचालन सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में जोधपुर के लिए 42 से अधिक नई ट्रेन सेवाएँ भी शुरू की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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