महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक मानसून सत्र में पारित होंगे: एकनाथ शिंदे का विश्वास
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने 15 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि महिला आरक्षण विधेयक और निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन विधेयक आगामी मानसून सत्र में संसद में पारित हो जाएंगे। उनके साथ सांसद संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमराजे निंबालकर और नागेश पाटिल अष्टिकर भी उपस्थित थे।
परिसीमन की ज़रूरत क्यों
शिंदे ने बताया कि वर्तमान में लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या बढ़कर लगभग 20 लाख से 25 लाख तक पहुँच गई है। उनके अनुसार, इतने विशाल क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को उचित प्रतिनिधित्व और न्याय दिलाने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण अब अपरिहार्य हो चुका है।
महिला आरक्षण विधेयक पर रुख
महिला आरक्षण विधेयक पर शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने वह साहस दिखाया जो दशकों से केवल चर्चाओं तक सीमित रहा था। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से, विपक्ष के विरोध के कारण यह पिछले सत्र में पारित नहीं हो सका, जिसकी भारी कीमत उन्हें पश्चिम बंगाल चुनावों में चुकानी पड़ी।' शिंदे ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की ताकि महिलाओं को संसद में उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है।
अमित शाह से बैठक और महाराष्ट्र के मुद्दे
शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक का विवरण साझा किया। इस बैठक में मराठवाड़ा सिंचाई परियोजना, रेलवे और सड़क अवसंरचना विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और 'विकसित भारत' पहल सहित शहरी एवं ग्रामीण विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। शिंदे के अनुसार, गृह मंत्री शाह ने आश्वासन दिया है कि ये प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे। इन सांसदों के साथ समन्वय की ज़िम्मेदारी सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को सौंपी गई है।
शिवसेना गुट और कानूनी स्थिति
शिवसेना के भीतर गुटीय विवाद पर पूछे गए सवालों के जवाब में शिंदे ने स्पष्ट किया कि उनके साथ दो-तिहाई बहुमत से जुड़े सांसदों से संबंधित सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत सर्वोपरि होता है और उन्हें विश्वास है कि लोकसभा अध्यक्ष सही निर्णय लेंगे।
केंद्र सरकार के प्रदर्शन पर दावे
मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शिंदे ने कहा कि 8 करोड़ नागरिकों को मुफ्त अनाज मिल रहा है और 3 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने महाराष्ट्र को ₹12 लाख करोड़ आवंटित किए हैं, जबकि यूपीए सरकार के दस वर्षों में केवल ₹2 लाख करोड़ ही दिए गए थे। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का आदर्श वाक्य 'राष्ट्र पहले' है, जबकि विपक्ष 'भ्रष्टाचार पहले' की नीति पर चलता है। गौरतलब है कि ये आँकड़े शिंदे के अपने दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अपेक्षित है। आगामी मानसून सत्र में इन विधेयकों की वास्तविक प्रगति ही इन दावों की कसौटी होगी।