देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: एसडीएम और नायब तहसीलदार निलंबित, 5 मजदूरों की मौत के बाद कार्रवाई

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देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: एसडीएम और नायब तहसीलदार निलंबित, 5 मजदूरों की मौत के बाद कार्रवाई

सारांश

देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 मजदूरों की जान गई और सवाल उठा — निगरानी कहाँ थी? जवाब में प्रशासन ने एसडीएम और नायब तहसीलदार को निलंबित किया, मालिक पर एनएसए लगाया और मजिस्ट्रेट जाँच बैठाई। लेकिन असली सवाल यह है कि पहले की घटनाओं के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

मुख्य बातें

देवास जिले की पटाखा फैक्ट्री में 14 मई 2025 को हुए विस्फोट में 5 श्रमिकों की मौत हुई, कई अन्य गंभीर रूप से घायल।
एसडीएम संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा को 16 मई को निरीक्षण में कथित चूक के आरोप में निलंबित किया गया।
फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाया गया।
प्रशासन ने माना कि कारखाने में पहले भी घटनाएँ हुई थीं, फिर भी सुरक्षा मानक लागू नहीं किए गए।
संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए; राष्ट्रीय भवन संहिता-2016 और लाइसेंस अनुपालन की भी समीक्षा होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के अस्पतालों में घायलों से मुलाकात की।

मध्य प्रदेश के देवास जिले में 14 मई 2025 को हुए घातक पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 श्रमिकों की मौत के बाद प्रशासन ने 16 मई को कड़ी कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया। कथित लापरवाही और निरीक्षण में चूक के आरोप में यह कदम उठाया गया है, जबकि कई घायल श्रमिक अभी भी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।

किन अधिकारियों पर गिरी गाज

उज्जैन संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के प्रावधानों के तहत टोंखुर्द के एसडीएम संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। निलंबन आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि दोनों अधिकारी विस्फोटक सामग्री संभालने वाली इस फैक्ट्री का अनिवार्य मासिक निरीक्षण करने में विफल रहे।

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों अधिकारी शुक्रवार को विस्फोट होने के बाद ही कारखाने पहुँचे — यानी घटना से पहले कोई नियमित जाँच नहीं की गई थी। निलंबन अवधि के दौरान दोनों देवास कलेक्टर कार्यालय से संबद्ध रहेंगे और नियमानुसार निर्वाह भत्ता पाते रहेंगे।

लापरवाही की पूरी तस्वीर

प्रशासन के अनुसार, राजस्व विभाग उन छह विभागों में से एक है जो ऐसे कारखानों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने और उनकी निगरानी करने के लिए उत्तरदायी हैं। दोनों अधिकारियों पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी थी कि विस्फोटक सामग्री लाइसेंस की शर्तों के अनुसार संग्रहीत हो — लेकिन कथित तौर पर ये जाँचें नहीं हुईं।

गौरतलब है कि प्रशासन ने स्वीकार किया है कि इस कारखाने में पहले भी ऐसी घटनाएँ हो चुकी थीं, फिर भी सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह तथ्य प्रशासनिक विफलता की गहराई को उजागर करता है।

फैक्ट्री मालिक पर एनएसए

प्रशासन ने 14 मई को विस्फोट होने के बाद गिरफ्तार किए गए फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाया है — जो इस मामले की गंभीरता का स्पष्ट संकेत है। एनएसए के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है।

मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश

संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने घटना की मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए हैं। जाँच में विस्फोट का सटीक कारण, विस्फोटक नियमों और राष्ट्रीय भवन संहिता-2016 के अनुपालन की स्थिति तथा कारखाने को जारी किए गए लाइसेंसों की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री का दौरा, घायलों का उपचार जारी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना के बाद इंदौर के अस्पतालों का दौरा कर गंभीर रूप से झुलसे घायलों से मुलाकात की। विस्फोट में जान गँवाने वाले 5 श्रमिकों के परिजनों में शोक की लहर है, जबकि कई अन्य घायल अभी भी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। आने वाले दिनों में जाँच रिपोर्ट और संभावित आगे की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रणालीगत विफलता का आईना है — प्रशासन ने खुद स्वीकार किया कि पहले भी घटनाएँ हो चुकी थीं, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। दो अधिकारियों का निलंबन जवाबदेही का संकेत है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं — छह विभाग एनओसी देने के लिए जिम्मेदार थे, तो बाकी पाँच की जाँच कहाँ है? मालिक पर एनएसए लगाना कठोर दिखता है, लेकिन असली परीक्षा मजिस्ट्रेट जाँच की निष्पक्षता और उसके निष्कर्षों पर की जाने वाली कार्रवाई से होगी।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में कितने लोगों की मौत हुई?
देवास जिले की पटाखा फैक्ट्री में 14 मई 2025 को हुए विस्फोट में 5 श्रमिकों की मौत हो गई। कई अन्य गंभीर रूप से झुलसे मजदूर अभी भी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
एसडीएम और नायब तहसीलदार को क्यों निलंबित किया गया?
उज्जैन संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने एसडीएम संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा को इसलिए निलंबित किया क्योंकि वे विस्फोटक सामग्री संभालने वाली फैक्ट्री का अनिवार्य मासिक निरीक्षण करने में कथित तौर पर विफल रहे। रिपोर्टों के अनुसार दोनों अधिकारी विस्फोट के बाद ही कारखाने पहुँचे थे।
फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर क्या कार्रवाई हुई?
विस्फोट के बाद गिरफ्तार किए गए फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाया गया है। एनएसए के तहत बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत संभव है।
इस मामले की जाँच कैसे होगी?
संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए हैं। जाँच में विस्फोट का सटीक कारण, विस्फोटक नियमों और राष्ट्रीय भवन संहिता-2016 के अनुपालन की स्थिति तथा कारखाने को जारी लाइसेंसों की समीक्षा शामिल होगी।
देवास फैक्ट्री की निगरानी किन विभागों की जिम्मेदारी थी?
राजस्व विभाग सहित कुल छह विभाग ऐसी फैक्ट्रियों को एनओसी जारी करने और उनकी निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों पर मासिक निरीक्षण की जिम्मेदारी थी, जो कथित तौर पर नहीं निभाई गई।
राष्ट्र प्रेस
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