देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: 5 मौतों के बाद तीन अधिकारी निलंबित, लापरवाही पर गिरी गाज

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देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: 5 मौतों के बाद तीन अधिकारी निलंबित, लापरवाही पर गिरी गाज

सारांश

देवास के टोंककला गाँव की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 5 मौतें — और अब जवाबदेही की कार्रवाई। पुलिस एसडीओपी, एसडीएम और नायब तहसीलदार तीनों निलंबित। फैक्ट्री निरीक्षण न करने और रिपोर्ट न भेजने को 'घोर लापरवाही' करार दिया गया।

मुख्य बातें

देवास जिले के ग्राम टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट व आगजनी में 5 लोगों की मौत , कई घायल।
पुलिस अधिकारी दीपा मांडे (सोनकच्छ एसडीओपी), संजीव सक्सेना (टोंकखुर्द एसडीएम) और रवि शर्मा (नायब तहसीलदार) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
आरोप: शासन के निर्देशों के अनुसार फैक्ट्री का निरीक्षण नहीं किया और वरिष्ठ कार्यालय को प्रतिवेदन नहीं भेजे।
कार्रवाई MP सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 और MP सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत।
निलंबन अवधि में दीपा मांडे का मुख्यालय भोपाल , शेष दोनों का कलेक्टर कार्यालय, देवास ।

मध्य प्रदेश के देवास जिले की टोंकखुर्द तहसील के ग्राम टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना में 5 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पुलिस और राजस्व विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। 16 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई फैक्ट्री निरीक्षण में गंभीर चूक और कर्तव्य के प्रति उदासीनता के आधार पर की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

दो दिन पूर्व ग्राम टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में अचानक विस्फोट हुआ, जिसके बाद भीषण आग फैल गई। इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं जिनका उपचार जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब विस्फोटक सामग्री से जुड़ी फैक्ट्रियों की निगरानी को लेकर प्रदेशभर में सवाल उठते रहे हैं।

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत सोनकच्छ की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) दीपा मांडे को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई आयुक्त उज्जैन संभाग से प्राप्त प्रतिवेदन और पुलिस महानिदेशक की अनुशंसा के आधार पर की गई।

इसी क्रम में संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने टोंकखुर्द के एसडीएम संजीव सक्सेना और टप्पा चिडावद के नायब तहसीलदार रवि शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। तीनों अधिकारियों पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 तथा मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।

लापरवाही की प्रकृति

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारियों ने शासन स्तर से समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप फैक्ट्री का निरीक्षण नहीं किया। वरिष्ठ कार्यालयों को आवश्यक प्रतिवेदन भी नहीं भेजे गए। विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रकरणों में निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशासनिक निगरानी न होने को गंभीर कर्तव्य-लापरवाही माना गया है।

निलंबन की शर्तें

निलंबन अवधि के दौरान दीपा मांडे का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, भोपाल निर्धारित किया गया है। संजीव सक्सेना और रवि शर्मा का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, देवास रहेगा। तीनों अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता बनी रहेगी।

आगे क्या होगा

घायलों का उपचार अभी जारी है और मृतकों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है। प्रारंभिक जाँच में प्रशासनिक चूक उजागर होने के बाद विभागीय जाँच की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएँ अनाधिकृत या अनिरीक्षित विस्फोटक इकाइयों के नियमन की माँग को फिर से केंद्र में ला देती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पटाखा फैक्ट्री इतने समय तक बिना निरीक्षण के कैसे चलती रही। मध्य प्रदेश में विस्फोटक इकाइयों से जुड़े हादसे नए नहीं हैं — हर बार कार्रवाई होती है, पर निगरानी तंत्र की संरचनात्मक कमज़ोरी जस की तस बनी रहती है। निलंबन दंडात्मक है, सुधारात्मक नहीं; जब तक फैक्ट्री लाइसेंसिंग और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था में बदलाव नहीं होता, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई अन्य घायल हैं जिनका उपचार जारी है।
कौन से तीन अधिकारी निलंबित किए गए हैं?
सोनकच्छ की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) दीपा मांडे , टोंकखुर्द के एसडीएम संजीव सक्सेना और टप्पा चिडावद के नायब तहसीलदार रवि शर्मा को निलंबित किया गया है।
अधिकारियों को किस लापरवाही के लिए निलंबित किया गया?
आदेश के अनुसार इन अधिकारियों ने शासन के निर्देशों के बावजूद फैक्ट्री का नियमित निरीक्षण नहीं किया और वरिष्ठ कार्यालयों को आवश्यक प्रतिवेदन नहीं भेजे। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना गया है।
निलंबन के दौरान अधिकारियों का मुख्यालय कहाँ होगा?
दीपा मांडे का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, भोपाल और संजीव सक्सेना व रवि शर्मा का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, देवास निर्धारित किया गया है। तीनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।
यह घटना मध्य प्रदेश के किस जिले में हुई?
यह हादसा मध्य प्रदेश के देवास जिले की टोंकखुर्द तहसील के ग्राम टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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