चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर कर्नाटक में शोक, नेताओं ने कहा — देवेगौड़ा परिवार की थीं अटूट आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर 18 जुलाई 2026 को बेंगलुरु सहित पूरे कर्नाटक के राजनीतिक जगत में गहरी शोक की लहर छा गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और अन्य दलों के नेताओं ने एकस्वर में उन्हें सादगी, सेवाभाव और पारिवारिक मूल्यों की जीवंत मिसाल बताया।
नेताओं की संवेदनाएँ
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा, 'पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। कुछ समय पहले ही जानकारी मिली थी कि चेन्नम्मा अस्पताल में उपचार के दौरान स्वस्थ हो रही थीं, लेकिन उनका निधन हो गया।' उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और देवेगौड़ा परिवार को इस कठिन घड़ी में शक्ति प्रदान हो।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा, 'चेन्नम्मा पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा की राजनीतिक यात्रा और सार्वजनिक जीवन में हमेशा एक मजबूत सहारा बनी रहीं।' उन्होंने देवेगौड़ा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।
भाजपा नेताओं के विचार
भाजपा नेता सीटी रवि ने अपने संदेश में कहा, 'चेन्नम्मा ने देवेगौड़ा के लंबे सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्नेह और शालीनता के साथ परिवार को संभाला और अपने व्यवहार से लोगों का सम्मान और प्रेम हासिल किया।' रवि ने एचडी देवेगौड़ा, एचडी कुमारस्वामी और पूरे परिवार के प्रति संवेदना जताई।
भाजपा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि चेन्नम्मा ने देवेगौड़ा के प्रधानमंत्री पद पर रहने के बावजूद अपने परिवार और निजी जीवन को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी कहा कि चेन्नम्मा की कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी और उन्होंने अपना पूरा ध्यान पारिवारिक जिम्मेदारियों पर केंद्रित रखा।
कांग्रेस का शोक संदेश
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने चेन्नम्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता परिवार के सदस्य के तौर पर उनका देवेगौड़ा परिवार से पुराना संबंध रहा है और वह चेन्नम्मा को करीब से जानते थे। सिद्दारमैया ने उन्हें 'एक मजबूत स्तंभ' बताया, जिन्होंने जीवन की कठिन परिस्थितियों का साहस के साथ सामना किया।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी होने के बावजूद चेन्नम्मा हमेशा सादगी और आत्मीयता के साथ लोगों से मिलती थीं। सिद्दारमैया ने प्रार्थना की कि एचडी देवेगौड़ा और उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति मिले।
चेन्नम्मा की विरासत
गौरतलब है कि चेन्नम्मा देवेगौड़ा ने एचडी देवेगौड़ा के दशकों लंबे राजनीतिक सफर में — ग्राम पंचायत से लेकर प्रधानमंत्री पद तक — परिवार की अटूट आधारशिला के रूप में भूमिका निभाई। राजनीतिक चकाचौंध से दूर रहकर उन्होंने जो सादगी और समर्पण दिखाया, वह कर्नाटक की जनता के मन में उनकी अलग पहचान बनाता है। उनके निधन से देवेगौड़ा परिवार के साथ-साथ कर्नाटक की राजनीति ने एक ऐसी शख्सियत खोई है जो सत्ता के गलियारों से परे, मानवीय मूल्यों की प्रतीक थीं।