सिद्धारमैया के इस्तीफे पर के.सी. वेणुगोपाल बोले — 'पार्टी स्वयं से ऊपर, जनता सत्ता से ऊपर'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव (संगठन) और लोकसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार, 29 मई को स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) हमेशा पार्टी और जनहित को व्यक्तिगत सत्ता से ऊपर रखती है। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद सिद्धारमैया को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य जारी रखने को कहा गया है।
वेणुगोपाल का संदेश
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में वेणुगोपाल ने लिखा, 'स्वयं से ऊपर पार्टी, सत्ता से ऊपर जनता, क्योंकि कांग्रेस के लिए पार्टी हमारा परिवार है और जनता ही हमारा उद्देश्य है।' राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बयान कर्नाटक में चल रहे नेतृत्व परिवर्तन के बीच पार्टी अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व का संकेत देने के लिए जारी किया गया है।
प्रियांक खड़गे ने सिद्धारमैया की सराहना की
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रियांक खड़गे ने सिद्धारमैया के कार्यकाल को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि उन्होंने जन-कल्याणकारी शासन, वैचारिक प्रतिबद्धता और राजनीतिक संघर्षों के ज़रिए लोगों का प्यार और भरोसा अर्जित किया। खड़गे ने कहा कि सिद्धारमैया कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक रहे हैं और पार्टी के जन-हितैषी कार्यक्रमों तथा सैद्धांतिक राजनीतिक रुख के ज़रिए वे एक 'जन-नेता' बन गए।
खड़गे ने अपनी राजनीतिक यात्रा में सिद्धारमैया की भूमिका को याद करते हुए कहा कि जब उन्हें कम उम्र में सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए, तब सिद्धारमैया ने उनमें आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने न केवल मुझे प्रोत्साहित किया, बल्कि मुझे जन-केंद्रित कार्यक्रम तैयार करने की पूरी आज़ादी भी दी।'
सिद्धारमैया की विरासत
खड़गे के अनुसार, अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही सिद्धारमैया संवैधानिक मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता और समाजवादी सिद्धांतों के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में उच्च मानक स्थापित किए। खड़गे ने कहा, 'हमारी पीढ़ी के नेता और भविष्य के युवा राजनेता उन्हें एक प्रेरणा के तौर पर देखते हैं।'
खड़गे ने यह भी कहा कि सिद्धारमैया के नेतृत्व में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और विकास-उन्मुख प्रशासन दिया। सरकार की 'गारंटी योजनाओं' ने लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया।
पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान
सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने को कांग्रेस नेताओं और समर्थकों के लिए एक भावुक पल बताते हुए खड़गे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे उनके योगदान को याद रखें। उन्होंने कहा, 'आइए, हम उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में कांग्रेस पार्टी को और अधिक मजबूत करके राज्य को सांप्रदायिक ताकतों से बचाएं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएँ तेज़ हैं।