14 जुलाई 2026
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सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद शिवकुमार बोले — 'इस यात्रा को साथ मिलकर आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं'

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सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद शिवकुमार बोले — 'इस यात्रा को साथ मिलकर आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं'

सारांश

सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद कर्नाटक की कुर्सी के सबसे प्रबल दावेदार डीके. शिवकुमार ने एक्स पर भावुक पोस्ट कर उनके पाँच दशकों की विरासत को सलाम किया और 'साथ मिलकर यात्रा जारी रखने' की बात कही — एक संदेश जो राजनीतिक संक्रमण की दिशा साफ़ करता है।

मुख्य बातें

सिद्दारमैया के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद डीके.
शिवकुमार के सीएम बनने की चर्चा तेज़।
शिवकुमार ने 29 मई 2026 को एक्स पर पोस्ट कर सिद्दारमैया के पाँच दशकों के राजनीतिक सफर की सराहना की।
2020 से केपीसीसी अध्यक्ष के रूप में दोनों नेताओं ने मिलकर कांग्रेस को मज़बूत किया।
शिवकुमार ने कहा — 'दूर तक जाना हो तो साथ चलो' — और जनता के लिए यात्रा जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
अगले मुख्यमंत्री पर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का अंतिम निर्णय अभी बाकी।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष डीके. शिवकुमार ने 29 मई 2026 को एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सिद्दारमैया के राजनीतिक सफर और कार्यकाल की जमकर सराहना की। इसी पोस्ट में शिवकुमार ने कहा, 'मैं कर्नाटक की जनता के लिए इस यात्रा को साथ मिलकर आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।' सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज़ हो गई है।

शिवकुमार का सिद्दारमैया को श्रद्धांजलि-स्वरूप संदेश

शिवकुमार ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'ईश्वर वरदान या श्राप नहीं देता। वह केवल अवसर देता है। असल मायने तो यह रखता है कि हम उन अवसरों का सदुपयोग कैसे करते हैं।' उन्होंने सिद्दारमैया के सफर को — मैसूरु के एक साधारण गाँव से कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद तक — दृढ़ता, लगन और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

पाँच दशकों की राजनीतिक विरासत को सलाम

केपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में लगभग पाँच दशकों के दौरान सिद्दारमैया ने जन-केंद्रित शासन और समावेशी नेतृत्व के ज़रिये राज्य के राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने को आकार दिया। उनके कार्यकाल में शुरू की गई जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास पहलों को शिवकुमार ने कर्नाटक के विकास वृत्तांत में महत्वपूर्ण अध्याय करार दिया।

2020 से साथ मिलकर पार्टी को मज़बूत किया

शिवकुमार ने याद दिलाया कि जब से उन्हें 2020 में केपीसीसी अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया, सिद्दारमैया एक मज़बूत स्तंभ की तरह उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि दोनों ने मिलकर पार्टी को मज़बूत बनाने और उसके दृष्टिकोण को जनता तक पहुँचाने में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।

उपमुख्यमंत्री के रूप में सीखने का अनुभव

उपमुख्यमंत्री के रूप में सिद्दारमैया के साथ काम करने को शिवकुमार ने अपना 'सौभाग्य' बताया। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता से लगातार सीखना उनके लिए प्रेरणादायक रहा है। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने कहावत का हवाला दिया — 'तेज़ी से चलना हो तो अकेले चलो, दूर तक जाना हो तो साथ चलो' — और कर्नाटक की जनता के साथ इस यात्रा को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

आगे क्या होगा

सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद अब सभी की निगाहें कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं, जो कर्नाटक में अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लेगा। राजनीतिक हलकों में डीके. शिवकुमार का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है, हालाँकि पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित राजनीतिक संकेत है — 'साथ मिलकर यात्रा जारी रखने' की भाषा उत्तराधिकार की दावेदारी को नरम लेकिन स्पष्ट तरीके से रेखांकित करती है। कांग्रेस में सत्ता-हस्तांतरण अक्सर आंतरिक खींचतान का शिकार होता है, और कर्नाटक इसका अपवाद नहीं रहा है। असली सवाल यह है कि केंद्रीय नेतृत्व सिद्दारमैया के समर्थक गुट और शिवकुमार खेमे के बीच संतुलन कैसे बनाता है — क्योंकि गलत कदम 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को कमज़ोर कर सकता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
राजनीतिक हलकों में डीके. शिवकुमार का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। हालाँकि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
डीके. शिवकुमार ने एक्स पर क्या लिखा?
शिवकुमार ने सिद्दारमैया के पाँच दशकों के सफर की सराहना करते हुए लिखा कि उनका जीवन दृढ़ता और सामाजिक न्याय का प्रमाण है। उन्होंने कहा, 'मैं कर्नाटक की जनता के लिए इस यात्रा को साथ मिलकर आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।'
सिद्दारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
स्रोत में इस्तीफे का विशेष कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पद छोड़ा, जिसके बाद नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हुई।
शिवकुमार केपीसीसी अध्यक्ष कब से हैं?
डीके. शिवकुमार को 2020 में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। तब से वे उपमुख्यमंत्री के रूप में भी सिद्दारमैया के साथ काम करते रहे।
सिद्दारमैया का राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
सिद्दारमैया मैसूरु के एक साधारण गाँव से निकलकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। सार्वजनिक जीवन में लगभग पाँच दशकों तक उन्होंने जन-केंद्रित शासन और समावेशी नेतृत्व के ज़रिये राज्य की राजनीति को आकार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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