सिद्दारमैया का इस्तीफा गुरुवार को संभव, डीके शिवकुमार बन सकते हैं कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं — यह संकेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नौ बार के विधायक आरवी देशपांडे ने बुधवार, 27 मई को मीडिया से बातचीत में दिया। देशपांडे के इस बयान के बाद कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं और माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार राज्य के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
देशपांडे का बयान: 'कल या परसों हो सकता है'
देशपांडे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'ऐसा कल या परसों हो सकता है।' उन्होंने स्वीकार किया कि सिद्दारमैया के पद छोड़ने की खबर उन जैसे कई समर्थकों के लिए आश्चर्यजनक थी। उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें समझाने की कोशिश की और मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने का आग्रह किया, लेकिन अब ऐसा होने की संभावना कम लगती है, क्योंकि ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना मन बना लिया है।'
हालांकि देशपांडे ने अगले मुख्यमंत्री का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया और इस बात पर जोर दिया कि सत्ता परिवर्तन का अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगी।
सिद्दारमैया की 'कल बोलूंगा' वाली चुप्पी
बुधवार को विधानसभा परिसर में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से नेतृत्व परिवर्तन पर सीधे सवाल पूछे। उन्होंने विस्तृत जवाब देने से इनकार करते हुए सिर्फ इतना कहा, 'मैं कल बोलूंगा।' यह संक्षिप्त प्रतिक्रिया राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखी जा रही है।
देशपांडे का बयान गुरुवार सुबह होने वाली उस महत्वपूर्ण नाश्ते की बैठक से ठीक पहले आया, जिसमें मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों से मुलाकात करने वाले थे। इस बैठक के बाद ही सत्ता परिवर्तन की औपचारिक घोषणा संभव मानी जा रही है।
सिद्दारमैया-शिवकुमार सत्ता संघर्ष की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार गुटों के बीच तनाव काफी समय से चला आ रहा है। शिवकुमार कथित तौर पर ढाई साल के सत्ता-साझाकरण फॉर्मूले पर अड़े हुए थे, जिस पर 2023 में सरकार गठन के समय सहमति बनी थी। यह विवाद अंततः दिल्ली स्थित कांग्रेस हाईकमान तक पहुँचा और कुछ समय तक टालमटोल के बाद हाईकमान को फैसला लेना पड़ा।
रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने शिवकुमार को अगले मुख्यमंत्री के रूप में पदोन्नत करने की मंजूरी दे दी है। नई कैबिनेट के गठन को लेकर दिल्ली में विचार-विमर्श अभी भी जारी बताया जा रहा है।
हाईकमान की भूमिका और कैबिनेट पर अनिश्चितता
देशपांडे से जब पूछा गया कि क्या उन्हें अगली कैबिनेट में जगह मिलेगी, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी पक्का नहीं है। यह बयान दर्शाता है कि नई कैबिनेट की सूची पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है और हाईकमान ही इसे तय करेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। नेतृत्व परिवर्तन से पार्टी को आंतरिक एकजुटता दिखाने और विपक्ष को जवाब देने का अवसर मिल सकता है।
आगे क्या होगा
गुरुवार की नाश्ते की बैठक और उसके बाद की घोषणा पर सबकी निगाहें टिकी हैं। अगर सिद्दारमैया इस्तीफा देते हैं, तो डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण की तारीख और नई कैबिनेट की संरचना अगले कुछ घंटों में स्पष्ट हो सकती है।