सिद्धारमैया के इस्तीफे पर BJP का हमला — 'सबसे बड़े सांप्रदायिक CM', कांग्रेस ने किया पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के 29 मई 2026 को पद से इस्तीफा देते ही राष्ट्रीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जहाँ सिद्धारमैया पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इसे हाईकमान का सुविचारित और गरिमापूर्ण फैसला करार दिया।
BJP का तीखा हमला
BJP के राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया ने सिद्धारमैया पर कड़े शब्दों में निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'निश्चित रूप से, उनकी राजनीति खत्म हो गई है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस की राजनीति भी खत्म कर दी है।' सिरोया ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया ने 'जातिवाद का जहर घोला' और हिंदू-मुस्लिमों के बीच वैमनस्य फैलाया। उन्होंने सिद्धारमैया को 'सबसे बड़े सांप्रदायिक मुख्यमंत्री' की संज्ञा देते हुए उनके इस्तीफे का स्वागत किया।
सिरोया ने आने वाले मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे 'जातिवाद और सांप्रदायिकता से मुक्त' प्रशासन देने का प्रयास करें।
दिलीप घोष की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने भी इस पर टिप्पणी की। उनका कहना था कि कांग्रेस में यह एक परंपरा रही है कि कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता — यह बात मंत्रियों पर भी लागू होती है। हालाँकि उन्होंने इसे कांग्रेस का 'आंतरिक मामला' भी बताया।
कांग्रेस का बचाव
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने BJP के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 'भाजपा का काम ही नफरत और झूठ फैलाना है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का कोई भी सदस्य हाईकमान के फैसले पर सवाल नहीं उठाता।
बघेल ने सिद्धारमैया के हवाले से कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही यह स्पष्ट कर दिया था — 'हाईकमान जिस दिन कहे, उसी दिन त्यागपत्र दे दूंगा। जो जिम्मेदारी मिले उसके अनुसार पार्टी का काम करते रहना चाहिए।'
DK शिवकुमार की दावेदारी
कांग्रेस नेता संतोष लाड ने साफ शब्दों में कहा कि डी.के. शिवकुमार ही कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा, 'यह पूरा बदलाव बहुत ही आसानी से और गरिमापूर्ण तरीके से हो। हमारे सबसे कद्दावर नेता सिद्धारमैया ने इसे इतनी गरिमा के साथ किया है कि हमें किसी भी तरह की शर्मिंदगी का सामना नहीं करना पड़ा।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व बदलाव को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही थीं। गौरतलब है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद के बँटवारे की चर्चा 2023 के चुनाव नतीजों के बाद से ही थी। अब नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीख और मंत्रिमंडल के गठन पर सभी की नज़रें टिकी हैं।