16 जुलाई 2026
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कर्नाटक: राज्यपाल गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकारा, डीके शिवकुमार के CM बनने की संभावना

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कर्नाटक: राज्यपाल गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकारा, डीके शिवकुमार के CM बनने की संभावना

सारांश

कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की राह खुल गई — राज्यपाल गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर मंत्रिपरिषद भंग कर दी। पार्टी हाईकमान की सलाह पर हुए इस बदलाव के बाद डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।

मुख्य बातें

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 29 मई 2026 को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार किया।
सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को इस्तीफा सौंपा था; मंत्रिपरिषद तत्काल प्रभाव से भंग।
संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत राज्यपाल ने यह निर्णय लिया।
सिद्धारमैया नए CM की शपथ तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय; अंतिम फैसला दिल्ली में पार्टी नेतृत्व करेगा।

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 29 मई 2026 को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्यपाल ने सिद्धारमैया की मंत्रिपरिषद को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। जब तक नए मुख्यमंत्री की शपथ नहीं हो जाती, सिद्धारमैया कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में पद पर बने रहेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

राज्यपाल कार्यालय की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपा था, जिसे अगले दिन 29 मई 2026 को स्वीकार किया गया। राज्यपाल ने सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कहा, 'मैंने आपके द्वारा प्रस्तुत इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक आप कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहें।'

राज्यपाल के विशेष सचिव आर. प्रभु शंकर ने कर्नाटक सरकार की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को भेजे पत्र में इस्तीफे की स्वीकृति और मंत्रिपरिषद के भंग होने की औपचारिक सूचना दी।

नेतृत्व की खींचतान की पृष्ठभूमि

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चली आ रही अंदरूनी खींचतान इस घटनाक्रम की एक प्रमुख वजह मानी जा रही है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाईकमान की सलाह पर ही सिद्धारमैया ने इस्तीफा सौंपा है।

गौरतलब है कि 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों नेताओं के बीच तनाव की खबरें आती रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को कई प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।

सरकार की प्रतिक्रिया और अगला कदम

कांग्रेस विधायक दल की बैठक जल्द बुलाए जाने की संभावना है, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नई दिल्ली में पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।

क्या होगा आगे

कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है, हालांकि पार्टी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण तक सिद्धारमैया कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में राज्य का कामकाज संभालते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कांग्रेस हाईकमान की उस पुरानी रणनीति की झलक है जिसमें राज्यों में नेतृत्व को केंद्रीय नियंत्रण में रखा जाता है। असली सवाल यह है कि क्या डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी देने से कर्नाटक में कांग्रेस की अंदरूनी एकता मजबूत होगी या यह खींचतान नए रूप में जारी रहेगी। 2023 की प्रचंड जीत के बाद पार्टी का इस तरह नेतृत्व बदलना यह भी दर्शाता है कि चुनावी सफलता और सरकारी स्थिरता हमेशा साथ नहीं चलती।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने पार्टी हाईकमान की सलाह पर 28 मई 2026 को इस्तीफा सौंपा। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चली आ रही अंदरूनी खींचतान को इस घटनाक्रम की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। अंतिम फैसला नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा और कांग्रेस विधायक दल की बैठक जल्द बुलाई जाएगी।
सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद क्या होगा?
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने स्पष्ट किया है कि सिद्धारमैया नए मुख्यमंत्री के चयन और शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे। इस बीच कांग्रेस विधायक दल नए नेता का चुनाव करेगा।
राज्यपाल ने किस संवैधानिक प्रावधान के तहत इस्तीफा स्वीकार किया?
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार किया और मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग किया।
क्या सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व विवाद पुराना है?
हाँ, 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों नेताओं के बीच तनाव की खबरें आती रही हैं। सूत्रों के अनुसार यह खींचतान इस इस्तीफे की एक प्रमुख पृष्ठभूमि है।
राष्ट्र प्रेस
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