13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सिद्धारमैया का इस्तीफा: 'स्वेच्छा से पद छोड़ा', अगले कर्नाटक CM का फैसला CLP और हाईकमान करेगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सिद्धारमैया का इस्तीफा: 'स्वेच्छा से पद छोड़ा', अगले कर्नाटक CM का फैसला CLP और हाईकमान करेगा

सारांश

सिद्धारमैया ने 28 मई को कर्नाटक CM पद से इस्तीफा दे दिया — और साफ कह दिया कि यह दबाव में नहीं, स्वेच्छा से लिया गया फैसला है। अगला मुख्यमंत्री CLP और हाईकमान तय करेगा। राज्यसभा का प्रस्ताव ठुकराकर वे कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहने का इरादा जता चुके हैं।

मुख्य बातें

सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपा; कहा — पूरी तरह स्वैच्छिक निर्णय।
अगले मुख्यमंत्री का चुनाव कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक और पार्टी हाईकमान की मंजूरी से होगा।
सिद्धारमैया ने राज्यसभा और राष्ट्रीय राजनीति का प्रस्ताव ठुकराया; कर्नाटक में सक्रिय रहने की घोषणा।
सरकार ने पाँचों गारंटी योजनाओं पर ₹1.40 लाख करोड़ खर्च करने का दावा किया।
कर्नाटक की अनुमानित वृद्धि दर 8.1% — राष्ट्रीय जीडीपी दर 7.4% से अधिक; राजकोषीय घाटा 2.95% सीमा के भीतर।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया और स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह स्वैच्छिक है — उन पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं था। उन्होंने कहा कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक और पार्टी हाईकमान की सहमति से होगा।

इस्तीफे की घोषणा और प्रेस कॉन्फ्रेंस

इस्तीफे के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया के साथ उपमुख्यमंत्री एवं कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार तथा गृह मंत्री जी. परमेश्वर भी उपस्थित रहे। जब पत्रकारों ने अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सवाल किए, तो शिवकुमार ने कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए हाथ जोड़कर मीडिया का अभिवादन किया।

सिद्धारमैया ने दोटूक शब्दों में कहा, 'मैंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। विधायक दल की बैठक में जिसे चुना जाएगा और जिसे हाईकमान की मंजूरी मिलेगी, वही अगला मुख्यमंत्री बनेगा।'

राष्ट्रीय राजनीति का प्रस्ताव ठुकराया

सिद्धारमैया ने बताया कि नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई चर्चा में उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका निभाने और राज्यसभा जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे उन्होंने विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया।

उन्होंने कहा, 'मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई रुचि नहीं है। मैं कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहता हूं। जनता ने मुझे पाँच साल के लिए चुना है और मेरे कार्यकाल के अभी दो वर्ष बाकी हैं — तब तक मैं राज्य की जनता की सेवा करता रहूंगा।'

सरकार की उपलब्धियाँ और वित्तीय दावे

विदाई संबोधन में सिद्धारमैया ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पाँचों गारंटी योजनाओं को पूरा किया और इन पर लगभग ₹1.40 लाख करोड़ खर्च किए। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह प्रचार गलत साबित हुआ कि गारंटी योजनाओं से राज्य का खजाना खाली हो जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि आज कर्नाटक प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में पहले स्थान पर है और जीएसटी संग्रह में दूसरे स्थान पर है। राज्य की अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर 2026-27 के लिए 8.1 प्रतिशत आँकी गई है, जो राष्ट्रीय जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से अधिक है।

राज्य पर कर्ज बढ़ाने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने बताया कि कर्नाटक का राजकोषीय घाटा 2.95 प्रतिशत है — निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर — और कुल ऋण सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 24.94 प्रतिशत तक सीमित है, जो अनुमत 25 प्रतिशत से कम है।

राजनीतिक जीवन पर विदाई संदेश

करीब 50 वर्षों के सार्वजनिक जीवन पर विचार करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने कभी धन या संपत्ति अर्जित करने के लिए राजनीति नहीं की और उनका सार्वजनिक जीवन 'एक खुली किताब की तरह' है। उन्होंने गौतम बुद्ध, बसवन्ना, डॉ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा गांधी के विचारों को अपनी राजनीतिक सोच का आधार बताया।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कयास लंबे समय से चल रहे थे और डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। CLP की बैठक और हाईकमान का अंतिम निर्णय अब सबकी नज़रों में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कांग्रेस हाईकमान की दिल्ली यात्रा और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के संदर्भ में इसे पूरी तरह अनायास नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि शिवकुमार की दावेदारी लंबे समय से खुली थी और यह 'सहमति से बदलाव' की उस कांग्रेसी परंपरा का हिस्सा लगता है जो असहमति को सार्वजनिक होने से रोकती है। ₹1.40 लाख करोड़ की गारंटी योजनाओं और वित्तीय अनुशासन के दावे राजनीतिक विरासत को सुरक्षित करने की कोशिश हैं — इनकी स्वतंत्र जाँच ज़रूरी है। असली सवाल यह है कि क्या नया नेतृत्व इन योजनाओं को जारी रखेगा या हाईकमान की प्राथमिकताएँ बदल जाएंगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिद्धारमैया ने कर्नाटक CM पद से इस्तीफा क्यों दिया?
सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को स्वेच्छा से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था और यह निर्णय उन्होंने खुद लिया।
कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
अगले मुख्यमंत्री का फैसला कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक और पार्टी हाईकमान की मंजूरी से होगा। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, हालाँकि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।
क्या सिद्धारमैया राजनीति से संन्यास ले रहे हैं?
नहीं। सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि वे कर्नाटक की सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे। उन्होंने राज्यसभा और राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका का प्रस्ताव विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया।
सिद्धारमैया सरकार की गारंटी योजनाओं पर कितना खर्च हुआ?
सिद्धारमैया के अनुसार उनकी सरकार ने पाँचों गारंटी योजनाओं को पूरा किया और इन पर लगभग ₹1.40 लाख करोड़ खर्च किए। उन्होंने दावा किया कि इससे राज्य का खजाना खाली नहीं हुआ।
कर्नाटक की आर्थिक स्थिति को लेकर सिद्धारमैया ने क्या दावे किए?
उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक प्रति व्यक्ति आय में देश में पहले और जीएसटी संग्रह में दूसरे स्थान पर है। राज्य की वृद्धि दर 2026-27 में 8.1% अनुमानित है और राजकोषीय घाटा 2.95% — निर्धारित 3% सीमा के भीतर।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले