सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद खड़गे ने की सराहना, कर्नाटक में नए CM की तलाश शुरू
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा 28 मई 2025 को पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनकी जमकर प्रशंसा की। खड़गे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सिद्धारमैया के साथ फोटो साझा करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन को गरिमा और सामाजिक न्याय का प्रतीक बताया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 29 मई को इस्तीफा स्वीकार कर लिया और सिद्धारमैया को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य जारी रखने का निर्देश दिया।
खड़गे का संदेश: सामाजिक न्याय की विरासत
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, 'सिद्धारमैया का सार्वजनिक जीवन गरिमा, करुणा और सामाजिक न्याय के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का सर्वथा उदाहरण रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'साधारण पृष्ठभूमि से लेकर कर्नाटक के दो बार मुख्यमंत्री बनने तक सिद्धारमैया समानता, सद्भाव और हाशिए पर पड़े लोगों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध रहे।' खड़गे ने यह भी कहा कि कर्नाटक और कांग्रेस पार्टी उनके योगदान के लिए कृतज्ञ है।
राज्यपाल ने किया इस्तीफा स्वीकार
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने संविधान के अनुच्छेद 164 (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सिद्धारमैया का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया। गहलोत ने सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कहा, 'जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक आप कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहें।' यह संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए सत्ता-हस्तांतरण की स्वाभाविक कड़ी है।
सिद्धारमैया का बयान: स्वैच्छिक निर्णय, कर्नाटक में बने रहेंगे
सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा पूरी तरह स्वैच्छिक है और उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई चर्चा के दौरान उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका और राज्यसभा जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे उन्होंने विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई रुचि नहीं है। मैं कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहता हूं।'
सिद्धारमैया ने यह भी याद दिलाया कि जनता ने उन्हें पाँच साल के लिए चुना है और उनके कार्यकाल के अभी दो वर्ष शेष हैं। उन्होंने कहा कि वे राज्य की जनता की सेवा में सक्रिय बने रहेंगे।
अगला मुख्यमंत्री: CLP और हाईकमान करेंगे तय
सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री का निर्णय कांग्रेस विधायक दल (CLP) और पार्टी हाईकमान मिलकर करेंगे। उन्होंने कहा, 'विधायक दल की बैठक में जिसे चुना जाएगा और जिसे हाईकमान की मंजूरी मिलेगी, वही अगला मुख्यमंत्री बनेगा।' गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के मध्य में है और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएँ पहले से जारी थीं।
आगे क्या होगा
कांग्रेस हाईकमान की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर जल्द फैसला अपेक्षित है। सिद्धारमैया के कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने से प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी। नए नेतृत्व के सामने राज्य की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने और पार्टी की एकजुटता बनाए रखने की दोहरी चुनौती होगी।