14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक के पूर्व मंत्री एस.वी. रामचंद्र गौड़ा का निधन, येदियुरप्पा-कुमारस्वामी सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक के पूर्व मंत्री एस.वी. रामचंद्र गौड़ा का निधन, येदियुरप्पा-कुमारस्वामी सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

जनसंघ के दौर से कर्नाटक BJP की नींव रखने वाले वरिष्ठ नेता एस.वी. रामचंद्र गौड़ा अब नहीं रहे। उनके जाने पर येदियुरप्पा, कुमारस्वामी, शिवकुमार और प्रह्लाद जोशी समेत दलगत सीमाओं से परे नेताओं ने श्रद्धांजलि दी — यह उनकी व्यापक राजनीतिक विरासत का प्रमाण है।

मुख्य बातें

रामचंद्र गौड़ा का निधन 14 जुलाई को बेंगलुरु के चंद्र लेआउट स्थित निजी अस्पताल में सुबह 6.20 बजे हुआ।
वे उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे।
अंतिम संस्कार कामाक्षीपाल्या में उनकी निजी संपत्ति पर किया जाएगा।
येदियुरप्पा ने उन्हें 'भाई' बताया और जनसंघ के दौर के साझे संघर्ष को याद किया।
केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी और प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर शोक संदेश साझा किए।
शिवकुमार ने उनके निधन को 'अपूरणीय क्षति' बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री एस.वी. रामचंद्र गौड़ा का मंगलवार, 14 जुलाई को बेंगलुरु के चंद्र लेआउट स्थित एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे और सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

अंतिम संस्कार की व्यवस्था

गौड़ा का अंतिम संस्कार कामाक्षीपाल्या स्थित उनकी निजी संपत्ति पर किया जाएगा। परिवार के सदस्यों, राजनीतिक नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के उनके अंतिम दर्शन करने की उम्मीद है। गौरतलब है कि गौड़ा जनसंघ के दौर से कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय थे और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही।

येदियुरप्पा का भावुक संदेश

BJP के वरिष्ठ नेता बी.एस. येदियुरप्पा ने एक्स पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए लिखा, 'मैंने एक और भाई को खो दिया है। दशकों तक मेरे साथी रहे, वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामचंद्र गौड़ा के निधन की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। संघर्ष के वे दिन — जनसंघ के दौर से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना, दिन-रात मेहनत करना और राज्य में जमीनी स्तर से पार्टी को खड़ा करना, मेरी आंखों के सामने घूम रहे हैं।' येदियुरप्पा ने यह भी कहा कि अपनी कैबिनेट में सहयोगी के रूप में उन्होंने गौड़ा की प्रशासनिक समझ और समर्पण को बहुत करीब से देखा। उन्होंने लिखा, 'उनके जाने से न केवल पार्टी और सार्वजनिक जीवन में, बल्कि व्यक्तिगत रूप से मेरे भीतर भी एक गहरा शून्य पैदा हो गया है। ॐ शांति।'

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने एक्स पर लिखा कि गौड़ा उनके करीबी मित्र थे और जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब गौड़ा उनकी कैबिनेट में शामिल थे। उन्होंने कहा, 'वे मिलनसार थे और सादगी व सज्जनता की मिसाल थे।' केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि गौड़ा पूर्व विधान परिषद सदस्य भी रहे और उनमें 'अपार संगठनात्मक क्षमता थी और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति असीम प्रेम था।' जोशी ने कहा कि पार्टी संगठन और जनसेवा में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवकुमार का बयान

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, 'राज्य के विकास और जन-कल्याण में उनका योगदान अतुलनीय है। एक सरल और नेक राजनेता, श्री रामचंद्र गौड़ा का जाना एक अपूरणीय क्षति है।' शिवकुमार का यह बयान इस बात का प्रमाण है कि दलगत सीमाओं से परे गौड़ा का सम्मान था। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की राजनीति में BJP और कांग्रेस के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा जारी है, फिर भी विपक्षी नेता ने उनकी सेवाओं को सराहा।

राजनीतिक विरासत

एस.वी. रामचंद्र गौड़ा जनसंघ के दौर से कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहे। वे कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य और राज्य सरकार में मंत्री रहे। उनके निधन से कर्नाटक BJP ने एक ऐसे नेता को खोया जिन्होंने पार्टी को जड़ों से सींचा। पार्टी और सहयोगियों के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि चुनावी अवसरवाद से। उल्लेखनीय यह है कि विपक्षी मुख्यमंत्री शिवकुमार ने भी उन्हें 'अपूरणीय क्षति' बताया, जो दर्शाता है कि गौड़ा की छवि दलगत राजनीति से ऊपर थी। ऐसे नेताओं की विदाई के साथ कर्नाटक BJP के सामने यह सवाल भी उठता है कि क्या नई पीढ़ी के नेता वह जमीनी जुड़ाव बनाए रख पाएंगे जो गौड़ा जैसे संस्थापक सदस्यों की पहचान थी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एस.वी. रामचंद्र गौड़ा कौन थे?
एस.वी. रामचंद्र गौड़ा BJP के वरिष्ठ नेता, कर्नाटक के पूर्व मंत्री और पूर्व विधान परिषद सदस्य थे। वे जनसंघ के दौर से कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय थे और पार्टी को जमीनी स्तर पर संगठित करने में उनकी अहम भूमिका रही।
रामचंद्र गौड़ा का निधन कब और कहाँ हुआ?
उनका निधन 14 जुलाई को बेंगलुरु के चंद्र लेआउट स्थित एक निजी अस्पताल में सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर हुआ। वे उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करा रहे थे।
रामचंद्र गौड़ा का अंतिम संस्कार कहाँ होगा?
उनका अंतिम संस्कार बेंगलुरु के कामाक्षीपाल्या में उनकी निजी संपत्ति पर किया जाएगा। परिवार, राजनीतिक नेताओं और समर्थकों के अंतिम दर्शन करने की उम्मीद है।
किन-किन नेताओं ने रामचंद्र गौड़ा के निधन पर शोक जताया?
BJP नेता बी.एस. येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर शोक संदेश साझा किए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
येदियुरप्पा और रामचंद्र गौड़ा का क्या संबंध था?
येदियुरप्पा और गौड़ा जनसंघ के दौर से साथी थे और दशकों तक कंधे से कंधा मिलाकर कर्नाटक में पार्टी को खड़ा करने में जुटे रहे। गौड़ा येदियुरप्पा की कैबिनेट में मंत्री भी रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले