14 जुलाई 2026
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बेंगलुरु DCP की फर्जी फेसबुक ID से ठगी: हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की

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बेंगलुरु DCP की फर्जी फेसबुक ID से ठगी: हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की

सारांश

बेंगलुरु में एक अज्ञात आरोपी ने DCP एम. नारायण की फर्जी फेसबुक ID बनाकर लोगों से पैसे ठगे। हेब्बगोडी पुलिस ने BNS और IT अधिनियम की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज कर डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जाँच शुरू की है।

मुख्य बातें

बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के DCP एम.
नारायण के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर ठगी का मामला 14 जुलाई को दर्ज हुआ।
हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS 2023 की धारा 318(4) और 319(2) तथा IT अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत FIR दर्ज की।
शिकायत में आरोपी के बैंक खाते , मोबाइल नंबर और UPI आईडी का उल्लेख किया गया है।
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर पीड़ितों की संख्या और ठगी की कुल रकम का पता लगा रही है।
नागरिकों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर संदिग्ध प्रोफाइल से पैसे माँगने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।

बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के पुलिस उपायुक्त (DCP) एम. नारायण के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई गई और उसके ज़रिये लोगों से पैसे ठगने का मामला 14 जुलाई को सामने आया। हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने DCP एम. नारायण की पहचान का गलत इस्तेमाल करते हुए एक नकली फेसबुक अकाउंट बनाया। इस फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से उसने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर उनके दोस्तों, परिचितों और आम नागरिकों से ऑनलाइन माध्यम से रकम माँगी। कथित तौर पर कई लोगों को इस तरह निशाना बनाया गया।

डिजिटल साक्ष्य और जाँच का दायरा

दर्ज शिकायत में उस बैंक खाते, मोबाइल नंबरों और UPI आईडी का उल्लेख किया गया है, जिनका उपयोग कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया। पुलिस इन सभी डिजिटल सूत्रों की जाँच कर रही है ताकि आरोपी की पहचान हो सके और यह स्पष्ट हो सके कि इस साइबर ठगी का दायरा कितना व्यापक है।

कानूनी धाराएँ

हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) और धारा 319(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C और धारा 66D भी लगाई गई हैं। ये धाराएँ पहचान की चोरी, कंप्यूटर संसाधनों के दुरुपयोग द्वारा किसी और के रूप में पेश होने और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से संबंधित हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जाँच अवश्य करें। यदि कोई संदिग्ध प्रोफाइल पैसे माँगे, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। गौरतलब है कि यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें साइबर अपराधी सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर आम लोगों को ठगते हैं।

आगे क्या होगा

जाँच का मुख्य उद्देश्य फर्जी फेसबुक अकाउंट संचालित करने वाले व्यक्ति की पहचान करना, पीड़ितों की संख्या निर्धारित करना और ठगी गई कुल रकम का पता लगाना है। पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आरोपी तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु DCP की फर्जी फेसबुक ID मामला क्या है?
बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के DCP एम. नारायण के नाम से एक अज्ञात आरोपी ने फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई और उनके परिचितों व आम लोगों से ऑनलाइन पैसे माँगे। हेब्बगोडी पुलिस ने 14 जुलाई को FIR दर्ज कर जाँच शुरू की है।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) और 319(2) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C और 66D लगाई गई हैं। ये धाराएँ पहचान की चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
पुलिस आरोपी की पहचान कैसे करेगी?
पुलिस शिकायत में दर्ज बैंक खाते, मोबाइल नंबरों और UPI आईडी की जाँच कर रही है। इन डिजिटल सूत्रों के आधार पर आरोपी तक पहुँचने और ठगी के दायरे का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
ऐसी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से खुद को कैसे बचाएँ?
किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट से पैसे माँगने पर पहले उसकी प्रामाणिकता की जाँच करें — सीधे संबंधित व्यक्ति से संपर्क करें। संदिग्ध प्रोफाइल की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन को दें।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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