बेंगलुरु DCP की फर्जी फेसबुक ID से ठगी: हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के पुलिस उपायुक्त (DCP) एम. नारायण के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई गई और उसके ज़रिये लोगों से पैसे ठगने का मामला 14 जुलाई को सामने आया। हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने DCP एम. नारायण की पहचान का गलत इस्तेमाल करते हुए एक नकली फेसबुक अकाउंट बनाया। इस फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से उसने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर उनके दोस्तों, परिचितों और आम नागरिकों से ऑनलाइन माध्यम से रकम माँगी। कथित तौर पर कई लोगों को इस तरह निशाना बनाया गया।
डिजिटल साक्ष्य और जाँच का दायरा
दर्ज शिकायत में उस बैंक खाते, मोबाइल नंबरों और UPI आईडी का उल्लेख किया गया है, जिनका उपयोग कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया। पुलिस इन सभी डिजिटल सूत्रों की जाँच कर रही है ताकि आरोपी की पहचान हो सके और यह स्पष्ट हो सके कि इस साइबर ठगी का दायरा कितना व्यापक है।
कानूनी धाराएँ
हेब्बगोडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) और धारा 319(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C और धारा 66D भी लगाई गई हैं। ये धाराएँ पहचान की चोरी, कंप्यूटर संसाधनों के दुरुपयोग द्वारा किसी और के रूप में पेश होने और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से संबंधित हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जाँच अवश्य करें। यदि कोई संदिग्ध प्रोफाइल पैसे माँगे, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। गौरतलब है कि यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें साइबर अपराधी सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर आम लोगों को ठगते हैं।
आगे क्या होगा
जाँच का मुख्य उद्देश्य फर्जी फेसबुक अकाउंट संचालित करने वाले व्यक्ति की पहचान करना, पीड़ितों की संख्या निर्धारित करना और ठगी गई कुल रकम का पता लगाना है। पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आरोपी तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।