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21 जुलाई बंगाल के इतिहास का काला दिन, टीएमसी का कार्यक्रम नहीं: मंत्री दिलीप घोष

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21 जुलाई बंगाल के इतिहास का काला दिन, टीएमसी का कार्यक्रम नहीं: मंत्री दिलीप घोष

सारांश

पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई की TMC शहीद दिवस रैली विवादों में घिरी है — पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया, मामला उच्च न्यायालय में है। मंत्री दिलीप घोष ने इसे बंगाल के इतिहास का काला दिन बताया और अभिषेक बनर्जी के न्यायालय से असहयोग पर भी तीखी टिप्पणी की।

मुख्य बातें

मंत्री दिलीप घोष ने 21 जुलाई को TMC का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बंगाल के राजनीतिक इतिहास का काला दिन बताया।
पुलिस ने ममता बनर्जी गुट को धारा 163 और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए विक्टोरिया हाउस, एस्प्लेनेड पर रैली की अनुमति देने से इनकार किया।
TMC ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की; बागी गुट को वैकल्पिक स्थान मिला।
सांसद अभिषेक बनर्जी को वॉयस सैंपल जमा करने का न्यायालय आदेश; घोष ने कहा — जमानत की शर्त का उल्लंघन हो रहा है।
डायमंड हार्बर में सेवाआश्रय के नाम पर कथित धोखाधड़ी की जाँच की माँग।
16 अगस्त को 'खेला होबे दिवस' की जगह 'आयुष्मान दिवस' मनाने का सरकारी फैसला।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 14 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की 21 जुलाई शहीद दिवस रैली को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह दिन टीएमसी का कोई कार्यक्रम नहीं, बल्कि बंगाल के राजनीतिक इतिहास का एक काला अध्याय है, जब राजनीतिक प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई गई थीं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने होने वाली इस रैली को लेकर विवाद गहरा गया है।

शहीद दिवस रैली पर विवाद

पुलिस ने ममता बनर्जी गुट को धारा 163 और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए विक्टोरिया हाउस के सामने रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद TMC ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है, जबकि पार्टी के बागी गुट को एक वैकल्पिक स्थान आवंटित किया गया है। मंत्री घोष ने स्पष्ट किया, "21 जुलाई टीएमसी का कोई प्रोग्राम नहीं है। यह बंगाल के राजनीतिक इतिहास की एक बहुत बड़ी घटना है। यह एक काला दिन है। राजनीतिक कार्यकर्ता मारे गए और राजनीतिक प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई गईं। हम सभी उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।"

अभिषेक बनर्जी के वॉयस सैंपल मामले पर प्रतिक्रिया

न्यायालय द्वारा TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को अपना वॉयस सैंपल जमा करने का आदेश दिए जाने पर मंत्री घोष ने कहा, "उन्हें इस शर्त पर जमानत दी गई थी कि वह कोर्ट के साथ सहयोग करेंगे। लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहे हैं। अब कोर्ट कार्रवाई कर रहा है। यह कोर्ट के सामने का मामला है, और कोर्ट ही इसका फैसला करेगा।" गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं और इस मामले में उनकी भूमिका की जाँच जारी है।

डायमंड हार्बर और सेवाआश्रय विवाद

मंत्री घोष ने डायमंड हार्बर में कथित अनियमितताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "डायमंड हार्बर में बहुत सारे गलत काम हुए हैं। सबसे बड़ी गड़बड़ी सेवाआश्रय के नाम पर की गई। लोगों को धोखा दिया गया, और कई लोगों को इसकी वजह से नुकसान हुआ। पहले लोग बोलने से डरते थे, लेकिन अब वे आगे आकर शिकायत कर रहे हैं। मामले की जाँच होनी चाहिए।" यह पहली बार नहीं है जब सेवाआश्रय योजना को लेकर सवाल उठाए गए हों; आलोचकों का कहना है कि इस योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव रहा है।

खेला होबे की जगह आयुष्मान दिवस

16 अगस्त को 'खेला होबे दिवस' की जगह 'आयुष्मान दिवस' मनाने के सरकारी निर्णय पर मंत्री घोष ने कहा, "उन्होंने 'खेला होबे दिवस' मनाया और इसके नाम पर अलग-अलग जगहों पर मार्च निकाले, जिससे हिंसा और गुंडागर्दी हुई। आयुष आम लोगों के इलाज और भलाई के लिए है। उन्होंने आयुष्मान योजना और आयुष डिपार्टमेंट के काम को रोक दिया था। हम इसे लागू करेंगे ताकि लोगों को इन सुविधाओं का फायदा मिल सके।" यह कदम राज्य सरकार की नीतिगत दिशा में स्पष्ट बदलाव का संकेत देता है।

आगे क्या होगा

TMC की शहीद दिवस रैली को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में सुनवाई अपेक्षित है, जिसका फैसला रैली के भविष्य की दिशा तय करेगा। वहीं, अभिषेक बनर्जी के वॉयस सैंपल मामले में न्यायालय की अगली कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सत्तारूढ़ दल के लिए असहज करने वाला है। अभिषेक बनर्जी के वॉयस सैंपल मामले में न्यायालय की सक्रियता और सेवाआश्रय विवाद — दोनों मिलकर यह संकेत देते हैं कि बंगाल की राजनीति में जवाबदेही की माँग अब सड़क से अदालत तक पहुँच रही है। 'खेला होबे दिवस' की जगह 'आयुष्मान दिवस' की घोषणा प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है — यह दर्शाती है कि सरकार TMC की राजनीतिक विरासत को नीतिगत स्तर पर भी बदलने की कोशिश में है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जुलाई शहीद दिवस रैली को अनुमति क्यों नहीं मिली?
पुलिस ने ममता बनर्जी गुट को कानून-व्यवस्था और धारा 163 का हवाला देते हुए कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया। TMC ने इस फैसले को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
दिलीप घोष ने 21 जुलाई को काला दिन क्यों कहा?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि 21 जुलाई TMC का कोई कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बंगाल के राजनीतिक इतिहास की एक बड़ी घटना है जब राजनीतिक प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई गई थीं और कार्यकर्ता मारे गए थे। उन्होंने कहा कि इन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल मामला क्या है?
न्यायालय ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को अपना वॉयस सैंपल जमा करने का आदेश दिया है। मंत्री घोष के अनुसार उन्हें जमानत इस शर्त पर दी गई थी कि वे न्यायालय के साथ सहयोग करेंगे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे, जिस पर अब न्यायालय कार्रवाई कर रहा है।
सेवाआश्रय विवाद क्या है और इसमें किस पर आरोप हैं?
मंत्री घोष के अनुसार डायमंड हार्बर में सेवाआश्रय के नाम पर लोगों के साथ कथित धोखाधड़ी हुई और कई लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने इस मामले की जाँच की माँग की है और कहा कि अब लोग डर छोड़कर शिकायत करने आगे आ रहे हैं।
'खेला होबे दिवस' की जगह 'आयुष्मान दिवस' क्यों मनाया जाएगा?
16 अगस्त को 'खेला होबे दिवस' की जगह 'आयुष्मान दिवस' मनाने का फैसला राज्य सरकार ने किया है। मंत्री घोष ने कहा कि 'खेला होबे दिवस' के नाम पर निकाले गए मार्चों से हिंसा हुई, जबकि आयुष्मान योजना आम लोगों के स्वास्थ्य और भलाई के लिए है और इसे अब पूरी तरह लागू किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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