21 जुलाई बंगाल के इतिहास का काला दिन, टीएमसी का कार्यक्रम नहीं: मंत्री दिलीप घोष
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 14 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की 21 जुलाई शहीद दिवस रैली को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह दिन टीएमसी का कोई कार्यक्रम नहीं, बल्कि बंगाल के राजनीतिक इतिहास का एक काला अध्याय है, जब राजनीतिक प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई गई थीं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने होने वाली इस रैली को लेकर विवाद गहरा गया है।
शहीद दिवस रैली पर विवाद
पुलिस ने ममता बनर्जी गुट को धारा 163 और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए विक्टोरिया हाउस के सामने रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद TMC ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है, जबकि पार्टी के बागी गुट को एक वैकल्पिक स्थान आवंटित किया गया है। मंत्री घोष ने स्पष्ट किया, "21 जुलाई टीएमसी का कोई प्रोग्राम नहीं है। यह बंगाल के राजनीतिक इतिहास की एक बहुत बड़ी घटना है। यह एक काला दिन है। राजनीतिक कार्यकर्ता मारे गए और राजनीतिक प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई गईं। हम सभी उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।"
अभिषेक बनर्जी के वॉयस सैंपल मामले पर प्रतिक्रिया
न्यायालय द्वारा TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को अपना वॉयस सैंपल जमा करने का आदेश दिए जाने पर मंत्री घोष ने कहा, "उन्हें इस शर्त पर जमानत दी गई थी कि वह कोर्ट के साथ सहयोग करेंगे। लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहे हैं। अब कोर्ट कार्रवाई कर रहा है। यह कोर्ट के सामने का मामला है, और कोर्ट ही इसका फैसला करेगा।" गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं और इस मामले में उनकी भूमिका की जाँच जारी है।
डायमंड हार्बर और सेवाआश्रय विवाद
मंत्री घोष ने डायमंड हार्बर में कथित अनियमितताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "डायमंड हार्बर में बहुत सारे गलत काम हुए हैं। सबसे बड़ी गड़बड़ी सेवाआश्रय के नाम पर की गई। लोगों को धोखा दिया गया, और कई लोगों को इसकी वजह से नुकसान हुआ। पहले लोग बोलने से डरते थे, लेकिन अब वे आगे आकर शिकायत कर रहे हैं। मामले की जाँच होनी चाहिए।" यह पहली बार नहीं है जब सेवाआश्रय योजना को लेकर सवाल उठाए गए हों; आलोचकों का कहना है कि इस योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव रहा है।
खेला होबे की जगह आयुष्मान दिवस
16 अगस्त को 'खेला होबे दिवस' की जगह 'आयुष्मान दिवस' मनाने के सरकारी निर्णय पर मंत्री घोष ने कहा, "उन्होंने 'खेला होबे दिवस' मनाया और इसके नाम पर अलग-अलग जगहों पर मार्च निकाले, जिससे हिंसा और गुंडागर्दी हुई। आयुष आम लोगों के इलाज और भलाई के लिए है। उन्होंने आयुष्मान योजना और आयुष डिपार्टमेंट के काम को रोक दिया था। हम इसे लागू करेंगे ताकि लोगों को इन सुविधाओं का फायदा मिल सके।" यह कदम राज्य सरकार की नीतिगत दिशा में स्पष्ट बदलाव का संकेत देता है।
आगे क्या होगा
TMC की शहीद दिवस रैली को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में सुनवाई अपेक्षित है, जिसका फैसला रैली के भविष्य की दिशा तय करेगा। वहीं, अभिषेक बनर्जी के वॉयस सैंपल मामले में न्यायालय की अगली कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।