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बंगाल हिंसा मामला: अदालत ने सीआईडी को अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दी, 30 जून को होगी प्रक्रिया

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बंगाल हिंसा मामला: अदालत ने सीआईडी को अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दी, 30 जून को होगी प्रक्रिया

सारांश

उत्तर 24 परगना की बिधाननगर अदालत ने सीआईडी को TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दी है — चुनाव पूर्व हिंसा भड़काने और अमित शाह को कथित धमकी देने के मामले में। 30 जून को फोरेंसिक प्रक्रिया होगी। बनर्जी एक साथ दो सीआईडी जांचों और विदेश यात्रा अनुमति की कानूनी लड़ाई का सामना कर रहे हैं।

मुख्य बातें

बिधाननगर अदालत ने 23 जून 2026 को सीआईडी को अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दी।
वॉयस सैंपल प्रक्रिया 30 जून को न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में होगी।
बनर्जी पर चुनाव पूर्व रैली में हिंसा भड़काने और गृह मंत्री अमित शाह को कथित धमकी देने का आरोप है।
इस महीने की शुरुआत में भवानी भवन में उनसे साढ़े छह घंटे पूछताछ हो चुकी है।
बनर्जी TMC विधायकों के हस्ताक्षर विसंगति मामले में भी सीआईडी जांच के दायरे में हैं।
कलकत्ता उच्च न्यायालय में आँखों के इलाज के लिए 7 दिन की विदेश यात्रा की याचिका पर सुनवाई इस सप्ताह अपेक्षित है।

उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर अदालत ने मंगलवार, 23 जून 2026 को पश्चिम बंगाल की आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल एकत्र करने की अनुमति प्रदान कर दी। उन पर हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों से पूर्व हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकी देने के आरोप हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह प्रक्रिया 30 जून को संचालित करने का आदेश दिया है।

मामले की पृष्ठभूमि

सीआईडी ने चुनाव पूर्व रैली में अभिषेक बनर्जी के कथित बयानों के वीडियो फुटेज के आधार पर बिधाननगर अदालत में वॉयस सैंपल लेने की याचिका दायर की थी। इस मामले में बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में पहले एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में 11 जून को सीआईडी को सौंप दिया गया। गौरतलब है कि इससे पहले इस महीने की शुरुआत में बनर्जी से दक्षिण कोलकाता स्थित भवानी भवन सीआईडी मुख्यालय में साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है।

वॉयस सैंपल प्रक्रिया

अदालत के आदेश के अनुसार, वॉयस सैंपल की यह प्रक्रिया न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में 30 जून को आयोजित की जाएगी। सीआईडी इस सैंपल का उपयोग वीडियो फुटेज में मौजूद आवाज़ के मिलान के लिए करेगी, जो जांच का एक अहम हिस्सा है।

अन्य मामलों में भी जांच के दायरे में

अभिषेक बनर्जी केवल इसी मामले में नहीं, बल्कि एक अन्य मामले में भी सीआईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित नियुक्तियों से संबंधित एक प्रस्ताव पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगति के मामले में उनसे पहले ही दो बार पूछताछ की जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद की राजनीतिक हलचल अपने चरम पर है।

विदेश यात्रा की अनुमति पर सुनवाई

इन मामलों के बीच, अभिषेक बनर्जी ने आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति हेतु कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष सात दिन की विदेश यात्रा की अनुमति माँगी है। रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल उनकी विदेश यात्रा पर कोई कानूनी रोक नहीं है, हालाँकि अदालत ने उन्हें लंबित मामलों की जांच में सहयोग करने को कहा है। इस याचिका पर सुनवाई इस सप्ताह के अंत में होने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद जिले में एक पार्टी कार्यक्रम से लौटते समय एक सड़क दुर्घटना में बनर्जी की आँख में गंभीर चोटें आई थीं। तब से वे देश-विदेश में उपचार करवाते रहे हैं।

आगे क्या होगा

30 जून को वॉयस सैंपल लिए जाने के बाद सीआईडी फोरेंसिक जांच के आधार पर अगला कदम तय करेगी। वहीं, कलकत्ता उच्च न्यायालय में विदेश यात्रा की याचिका पर सुनवाई का परिणाम भी निकट भविष्य में स्पष्ट होगा। यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल की चुनाव बाद की राजनीतिक उथल-पुथल का प्रतिबिंब है। सवाल यह है कि वॉयस सैंपल जैसी तकनीकी फोरेंसिक प्रक्रिया किसी बड़े आरोप-पत्र की दिशा में कदम है, या जांच की लंबी प्रक्रिया का हिस्सा मात्र। TMC के भीतर बनर्जी की स्थिति और ममता बनर्जी से उनके संबंध को देखते हुए, यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि दल की आंतरिक राजनीति का भी आईना है। मुख्यधारा की कवरेज प्रक्रियागत विवरणों पर केंद्रित है, जबकि असली प्रश्न यह है कि क्या राज्य की सीआईडी केंद्र-राज्य तनाव के बीच स्वतंत्र रूप से काम कर रही है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल क्यों लिया जा रहा है?
सीआईडी चुनाव पूर्व रैली के वीडियो फुटेज में मौजूद आवाज़ की पहचान के लिए वॉयस सैंपल लेना चाहती है। बनर्जी पर हिंसा भड़काने और गृह मंत्री अमित शाह को कथित धमकी देने का आरोप है, और फोरेंसिक मिलान इस जांच का केंद्रीय साक्ष्य बन सकता है।
वॉयस सैंपल कब और कहाँ लिया जाएगा?
बिधाननगर अदालत के आदेश के अनुसार, वॉयस सैंपल 30 जून 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में लिया जाएगा।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कितने मामले चल रहे हैं?
फिलहाल वे कम से कम दो सीआईडी जांचों का सामना कर रहे हैं — एक चुनाव पूर्व हिंसा भड़काने का मामला, और दूसरा TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगति का मामला। दोनों में उनसे पूछताछ हो चुकी है।
क्या अभिषेक बनर्जी विदेश यात्रा कर सकते हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल उनकी विदेश यात्रा पर कोई कानूनी रोक नहीं है। उन्होंने आँखों के इलाज के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय में 7 दिन की विदेश यात्रा की अनुमति माँगी है, जिस पर सुनवाई इस सप्ताह के अंत में होने की संभावना है।
अभिषेक बनर्जी की आँखों की समस्या की पृष्ठभूमि क्या है?
अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद जिले में एक सड़क दुर्घटना में उनकी आँख में गंभीर चोटें आई थीं। तब से वे देश-विदेश में उपचार करवाते रहे हैं और अब एक बार फिर विदेश में इलाज के लिए अनुमति माँग रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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