16 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी ने बिधाननगर कोर्ट में दिए वॉयस सैंपल, हेट स्पीच मामले में हाई कोर्ट के अल्टीमेटम के बाद हुई पेशी

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अभिषेक बनर्जी ने बिधाननगर कोर्ट में दिए वॉयस सैंपल, हेट स्पीच मामले में हाई कोर्ट के अल्टीमेटम के बाद हुई पेशी

सारांश

दो नोटिस नजरअंदाज करने के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के अल्टीमेटम ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट में हाजिर होने पर मजबूर किया। हेट स्पीच मामले में 15 जुलाई को न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में CID को वॉयस सैंपल दिए गए।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 15 जुलाई को बिधाननगर कोर्ट में सुबह 11:55 बजे वॉयस सैंपल दिए।
यह पेशी कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के अल्टीमेटम के बाद हुई; इससे पहले वे दो नोटिस नजरअंदाज कर चुके थे।
हेट स्पीच मामले में आरोप है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले एक रैली में हिंसा भड़काने वाले बयान दिए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दी।
वॉयस सैंपल बंगाल पुलिस CID के अधिकारियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में दिए गए।
हाई कोर्ट के निर्देश पर कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई; अभिषेक ने मीडिया से कोई बात नहीं की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने बुधवार, 15 जुलाई को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर कोर्ट में वॉयस सैंपल दिए। हेट स्पीच के एक मामले में उन पर यह कार्रवाई कलकत्ता हाई कोर्ट के अल्टीमेटम के बाद हुई, क्योंकि वे इससे पहले जिला अदालत के दो लगातार नोटिसों को नजरअंदाज कर चुके थे। कोर्ट परिसर में कड़ी पुलिस व्यवस्था के बीच उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में बंगाल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के अधिकारियों को सैंपल दिए।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला हाल में हुए विधानसभा चुनाव से पूर्व आयोजित एक रैली से जुड़ा है, जिसमें अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे के विरुद्ध बिधाननगर कोर्ट में यह शिकायत दर्ज की गई थी।

बिधाननगर कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को वॉयस सैंपल के लिए दो बार नोटिस जारी किए, लेकिन दोनों बार वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद मामला कलकत्ता हाई कोर्ट पहुँचा।

हाई कोर्ट का अल्टीमेटम

पिछले सप्ताह कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने डायमंड हार्बर के सांसद को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे बिधाननगर कोर्ट में उपस्थित होकर वॉयस सैंपल दें। हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें जनता की ओर से किसी भी संभावित परेशानी या शारीरिक हमले से बचाया जाए।

बुधवार की पेशी और सुरक्षा व्यवस्था

अभिषेक बनर्जी सुबह 11:55 बजे बिधाननगर कोर्ट पहुँचे। हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस की व्यापक तैनाती की गई थी। कोर्ट परिसर में आने और जाने के दौरान उन्हें किसी अप्रिय स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।

वॉयस सैंपल देने की प्रक्रिया न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में बंगाल पुलिस CID के अधिकारियों द्वारा संपन्न कराई गई। इस दौरान अभिषेक बनर्जी ने कोर्ट परिसर में प्रतीक्षारत मीडियाकर्मियों के किसी भी सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं की।

आगे क्या होगा

वॉयस सैंपल अब फोरेंसिक जाँच के लिए भेजे जाएंगे, जिसके बाद अदालत इस मामले में आगे की कार्यवाही तय करेगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि फोरेंसिक रिपोर्ट मामले की दिशा को किस ओर ले जाती है। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब किसी वरिष्ठ TMC नेता को न्यायिक प्रक्रियाओं में इस तरह की अनुपालन कार्रवाई का सामना करना पड़ा हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संस्थागत दबाव का संकेत है। असली सवाल यह है कि फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद अभियोजन पक्ष कितना मजबूत साबित होता है और क्या यह मामला राजनीतिक प्रतिरोध की परीक्षा बनेगा या न्यायिक जवाबदेही की मिसाल।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ हेट स्पीच मामला क्या है?
यह मामला विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित एक रैली से जुड़ा है, जिसमें अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप है। बिधाननगर कोर्ट में दर्ज इस शिकायत की जाँच बंगाल पुलिस CID कर रही है।
अभिषेक बनर्जी ने वॉयस सैंपल कब और कहाँ दिए?
अभिषेक बनर्जी ने 15 जुलाई को सुबह 11:55 बजे उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर कोर्ट में वॉयस सैंपल दिए। यह प्रक्रिया न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में CID अधिकारियों द्वारा पूरी कराई गई।
कलकत्ता हाई कोर्ट को इस मामले में क्यों दखल देना पड़ा?
अभिषेक बनर्जी ने बिधाननगर कोर्ट के दो लगातार नोटिसों को नजरअंदाज किया था, जिसके बाद मामला कलकत्ता हाई कोर्ट पहुँचा। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने उन्हें अल्टीमेटम दिया कि वे वॉयस सैंपल दें, अन्यथा परिणाम भुगतें।
कोर्ट में इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था क्यों की गई थी?
कलकत्ता हाई कोर्ट ने स्वयं निर्देश दिया था कि अभिषेक बनर्जी को जनता की ओर से किसी भी संभावित शारीरिक हमले या परेशानी से बचाया जाए। इसी के तहत बिधाननगर कोर्ट परिसर में पुलिस की व्यापक तैनाती की गई।
वॉयस सैंपल देने के बाद आगे क्या होगा?
वॉयस सैंपल अब फोरेंसिक जाँच के लिए भेजे जाएंगे। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर अदालत मामले में आगे की कार्यवाही तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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