अभिषेक बनर्जी को आवाज़ नमूने के लिए बिधाननगर कोर्ट का नया समन, 8 जुलाई को पेशी का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने 1 जुलाई 2026 को नया समन जारी किया है। उन्हें 8 जुलाई को सुबह 10 बजे अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है, ताकि सीआईडी अधिकारी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में उनके आवाज़ के नमूने ले सकें। अभिषेक पर एक चुनावी रैली में हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने के आरोप हैं।
मंगलवार को पेशी से क्यों बचे अभिषेक
अभिषेक बनर्जी को इसी उद्देश्य से मंगलवार को जिला अदालत में पेश होना था, किंतु वे नहीं आए। उनकी गैरहाज़िरी की वजह कलकत्ता उच्च न्यायालय में चल रही वह याचिका थी, जिसमें उन्होंने जिला अदालत के पूर्व आवाज़-नमूना आदेश को चुनौती दी थी। इस याचिका पर सुनवाई को ही उन्होंने अदालत में न आने का आधार बनाया।
कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच का रुख
जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल-जज बेंच ने मंगलवार को अभिषेक की आवाज़-नमूने से राहत माँगने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि चूँकि अभिषेक को उसी उच्च न्यायालय की एक अन्य सिंगल-जज बेंच से गिरफ्तारी सहित सख्त पुलिस कार्रवाई के विरुद्ध अंतरिम सुरक्षा पहले से प्राप्त है, इसलिए वॉइस सैंपल देने से बचने के लिए अलग से नई राहत की कोई आवश्यकता नहीं है।
जस्टिस घोष ने यह भी रेखांकित किया कि न्यायालय किसी जाँच एजेंसी को यह निर्देश नहीं दे सकता कि वह जाँच का कौन-सा तरीका अपनाए। इसके बाद उन्होंने इस मामले की आगे की सुनवाई से स्वयं को अलग करने का निर्णय सुनाया।
मामला अब एक्टिंग चीफ जस्टिस के पास
जस्टिस घोष के अलग होने के बाद यह प्रकरण कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रत चक्रवर्ती के पास भेजा गया है। वे अब यह तय करेंगे कि इस मामले की सुनवाई कौन-सी नई बेंच करेगी। यह प्रक्रियागत बदलाव मामले में नई न्यायिक पेचीदगी जोड़ता है।
अभिषेक को मिली अंतरिम सुरक्षा की स्थिति
गौरतलब है कि जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने अभिषेक को गिरफ्तारी सहित पुलिस की सख्त कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दे रखी है। हालाँकि, उसी बेंच ने अभिषेक को जाँच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करने का भी निर्देश दिया था और सीआईडी से कहा था कि यदि वे आवश्यक सहयोग न करें, तो अदालत को सूचित किया जाए।
आगे क्या होगा
अब सभी की नज़रें 8 जुलाई पर टिकी हैं — क्या अभिषेक बनर्जी इस बार बिधाननगर कोर्ट में पेश होंगे, या कलकत्ता उच्च न्यायालय में किसी नई बेंच के समक्ष फिर से राहत की गुहार लगाएँगे। यह मामला TMC के शीर्ष नेतृत्व और न्यायपालिका के बीच चल रहे कानूनी संघर्ष की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी बन चुका है।