9 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी के भड़काऊ भाषण मामले में सीआईडी ने भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर का बयान दर्ज किया

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अभिषेक बनर्जी के भड़काऊ भाषण मामले में सीआईडी ने भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर का बयान दर्ज किया

सारांश

पश्चिम बंगाल सीआईडी ने भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर का बयान दर्ज किया — अभिषेक बनर्जी के कथित भड़काऊ भाषण मामले में यह अहम कदम है। बनर्जी बिधाननगर अदालत के दो आदेशों के बावजूद आवाज़ नमूना देने नहीं पहुँचे, जिस पर लोक अभियोजक ने कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सीआईडी ने 9 जुलाई 2026 को भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर का बयान गवाह के रूप में दर्ज किया।
मामला डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के कथित भड़काऊ भाषण और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है।
अभिषेक बनर्जी बिधाननगर अदालत के दो लगातार आदेशों के बाद भी आवाज़ का नमूना देने नहीं पहुँचे।
लोक अभियोजक बिवास चट्टोपाध्याय ने अदालत से बनर्जी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की माँग की।
सीआईडी की जांच जारी है; अदालत का अगला आदेश मामले की दिशा तय करेगा।

पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने 9 जुलाई 2026 को दक्षिण 24 परगना के गोसाबा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक बिकर्ण नास्कर का बयान दर्ज किया। यह बयान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी के विरुद्ध दर्ज उस मामले में गवाह के रूप में लिया गया है, जिसमें उन पर हालिया विधानसभा चुनाव से पूर्व कथित तौर पर नफरत फैलाने वाला भाषण देने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर गुरुवार दोपहर दक्षिण कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय पहुँचे और अपना बयान दर्ज कराया। आरोप है कि विधानसभा चुनाव से पहले एक चुनावी रैली में डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर भड़काऊ बयान दिए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।

आरोप यह भी है कि इसी कथित भड़काऊ भाषण के बाद TMC के कुछ कार्यकर्ताओं ने विधायक नास्कर पर हमला किया था, जिसकी शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद इस मामले की जांच सीआईडी को सौंपी गई।

अदालती आदेशों की अनदेखी

विधायक नास्कर का बयान इस मामले में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि अभिषेक बनर्जी उत्तर 24 परगना की बिधाननगर अदालत के दो लगातार आदेशों का पालन करने में विफल रहे हैं। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में अपनी आवाज़ का नमूना सीआईडी को सौंपने का निर्देश दिया था।

अभिषेक बनर्जी को बुधवार तक बिधाननगर अदालत में उपस्थित होना था, किंतु वह निर्धारित तिथि पर अदालत नहीं पहुँचे।

सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया

मामले के लोक अभियोजक बिवास चट्टोपाध्याय ने बिधाननगर अदालत में लिखित आवेदन दायर कर कहा कि अभिषेक बनर्जी ने अदालत के आदेशों का बार-बार उल्लंघन किया है। उन्होंने अदालत से उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की माँग की।

लोक अभियोजक ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के महासचिव दूसरी बार भी आवाज़ का नमूना देने से बचे, जो कथित तौर पर जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने और उसमें विलंब करने का प्रयास दर्शाता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक हिंसा और भड़काऊ भाषण की व्यापक बहस के बीच सामने आया है। कानूनी जानकारों के अनुसार, अदालती आदेश की बार-बार अवहेलना अवमानना की श्रेणी में आ सकती है, जिसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

आगे क्या होगा

बिधाननगर अदालत अब लोक अभियोजक के आवेदन पर सुनवाई करेगी और अभिषेक बनर्जी की अनुपस्थिति पर अगला कदम तय करेगी। सीआईडी की जांच जारी है और अदालत का अगला आदेश इस मामले की दिशा निर्धारित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह मामला TMC के लिए चुनावी नुकसान का कारण बन सकता है। दूसरी ओर, विपक्ष के लिए यह जांच राजनीतिक हथियार भी बन सकती है — जिसकी विश्वसनीयता तभी बनेगी जब प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष दिखे।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ भाषण का मामला क्या है?
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव से पहले एक चुनावी रैली में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल सीआईडी कर रही है।
भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर का इस मामले में क्या रोल है?
भाजपा विधायक बिकर्ण नास्कर इस मामले में एक प्रमुख गवाह हैं। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी के कथित भड़काऊ भाषण के बाद TMC कार्यकर्ताओं ने नास्कर पर हमला किया था। सीआईडी ने 9 जुलाई 2026 को उनका बयान दर्ज किया।
अभिषेक बनर्जी को अदालत ने क्या निर्देश दिया था?
बिधाननगर अदालत ने अभिषेक बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में अपनी आवाज़ का नमूना सीआईडी को देने का निर्देश दिया था। बनर्जी दो बार के आदेश के बाद भी अदालत में नहीं पहुँचे।
लोक अभियोजक ने अदालत से क्या माँग की?
लोक अभियोजक बिवास चट्टोपाध्याय ने बिधाननगर अदालत में लिखित आवेदन देकर कहा कि अभिषेक बनर्जी ने बार-बार अदालती आदेशों की अवहेलना की है और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की है। उन्होंने अदालत से कठोर कानूनी कार्रवाई की माँग की।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
बिधाननगर अदालत लोक अभियोजक के आवेदन पर सुनवाई करेगी और अभिषेक बनर्जी की अनुपस्थिति पर अगला कदम तय करेगी। कानूनी जानकारों के अनुसार, अदालती आदेश की बार-बार अनदेखी अवमानना की श्रेणी में आ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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