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सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी का तीखा विरोध, स्थानीय लोगों ने नौकरियाँ छीनने का लगाया आरोप

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सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी का तीखा विरोध, स्थानीय लोगों ने नौकरियाँ छीनने का लगाया आरोप

सारांश

TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी को सोनारपुर में जन-आक्रोश का सामना करना पड़ा — स्थानीय लोगों ने उन पर नौकरियाँ छीनने का आरोप लगाया और 'चोर' के नारे लगाए। यह विरोध सीआईडी नोटिस के बाद उनके दौरे के दौरान हुआ, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद बन गया है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी को 30 मई को सोनारपुर, दक्षिण 24 परगना में भारी जन-विरोध का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर उन पर लाखों लोगों की नौकरियाँ छीनने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने उन्हें 'चोर' कहा; कमालगाजी में महिलाओं ने काले झंडे दिखाए।
विरोध के बीच बनर्जी कार छोड़कर TMC कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आगे बढ़े।
यह दौरा सीआईडी की पूछताछ नोटिस मिलने के बाद उनके कालीघाट रोड आवास से निकलने के बाद हुआ।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को शनिवार, 30 मई को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में भारी जन-विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने उन पर लाखों लोगों की नौकरियाँ छीनने का आरोप लगाया और जमकर नारेबाज़ी की। यह विरोध उस दिन हुआ जब अभिषेक बनर्जी सीआईडी की पूछताछ नोटिस मिलने के बाद अपने कालीघाट रोड आवास से सोनारपुर के लिए निकले थे।

मुख्य घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, कमालगाजी इलाके में कुछ महिलाओं ने अभिषेक बनर्जी को काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद सोनारपुर पहुँचने पर विरोध और तीव्र हो गया — बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएँ भी शामिल थीं, उनके खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें 'चोर' कहा और उनके विरुद्ध खुलकर आक्रोश जताया।

विरोध के बीच अभिषेक बनर्जी अपनी कार से उतरकर एक स्थानीय TMC कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आगे बढ़े।

स्थानीय लोगों की नाराज़गी

एक स्थानीय निवासी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी लाखों लोगों के रोज़गार जाने के लिए ज़िम्मेदार हैं और इसी कारण जनता में उनके खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। एक अन्य निवासी ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के घर का नाम 'शांति निकेतन' है, उसी ने क्षेत्र में अशांति पैदा की है — इस बयान के ज़रिए उन्होंने सांसद पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा।

सीआईडी नोटिस की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी को सीआईडी की ओर से पूछताछ के लिए नोटिस मिला था, जिसके बाद वे अपने कोलकाता स्थित आवास से सोनारपुर रवाना हुए। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC के खिलाफ राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

राजनीतिक असर

इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अभिषेक बनर्जी के दौरे के दौरान हुए विरोध को लेकर अब राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है। आलोचकों का कहना है कि TMC नेतृत्व के खिलाफ ज़मीनी स्तर पर बढ़ता असंतोष पार्टी के लिए एक चेतावनी संकेत है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि TMC इस जन-आक्रोश पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो TMC की अगली पीढ़ी के सबसे बड़े चेहरे माने जाते हैं, का अपनी ही पार्टी के गढ़ में इस तरह का विरोध दर्शाता है कि रोज़गार और शासन को लेकर ज़मीनी असंतोष अब दबाया नहीं जा सकता। सीआईडी नोटिस और सार्वजनिक विरोध का एक साथ आना राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील समय पर हुआ है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि यह आक्रोश बाहरी विपक्ष से नहीं, बल्कि TMC के अपने समर्थक वर्ग से उठ रहा है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी का विरोध क्यों हुआ?
स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी पर लाखों लोगों की नौकरियाँ छीनने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ नारेबाज़ी की। प्रदर्शनकारियों में महिलाएँ भी शामिल थीं जिन्होंने उन्हें 'चोर' कहा।
अभिषेक बनर्जी को सीआईडी नोटिस क्यों मिला?
रिपोर्टों के अनुसार, सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। इसी नोटिस के बाद वे अपने कालीघाट रोड आवास से सोनारपुर के लिए रवाना हुए, जहाँ उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा।
विरोध के दौरान अभिषेक बनर्जी ने क्या किया?
विरोध तेज़ होने पर अभिषेक बनर्जी अपनी कार से उतरकर एक स्थानीय TMC कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आगे बढ़े। इससे पहले कमालगाजी में भी महिलाओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए थे।
इस घटना का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर होगा?
आलोचकों का कहना है कि TMC के गढ़ में ही पार्टी के वरिष्ठ नेता का इस तरह विरोध होना पार्टी के लिए एक गंभीर संकेत है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा किया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है।
अभिषेक बनर्जी कौन हैं?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद हैं। वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और TMC में दूसरी सबसे प्रभावशाली राजनीतिक हस्ती माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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