हस्ताक्षर विवाद: अभिषेक बनर्जी से 6 घंटे पूछताछ, सीआईडी ने 14 जून को फिर तलब किया
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय में 12 जून 2026 को टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर में अंतर के मामले में करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद सीआईडी ने उन्हें 14 जून को फिर से पेश होने के लिए तलब किया है।
पूछताछ का घटनाक्रम
गुरुवार को लगातार तीन नोटिसों को नजरअंदाज करने के बाद अभिषेक बनर्जी सीआईडी के सामने पेश हुए। जाँच अधिकारियों ने उनसे ओरिजिनल रेजोल्यूशन बुक और मीटिंग के मिनट्स से जुड़े विस्तृत सवाल पूछे। देर रात तक चली पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ा गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ओरिजिनल रेजोल्यूशन बुक और मीटिंग के मिनट्स से संबंधित कई अहम सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
सूत्रों का बयान
एक सूत्र ने बताया, 'जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी के महासचिव होने के नाते वह रेजोल्यूशन बुक के बारे में जानकारी होने से इनकार कर सकते हैं, तो वह कुछ मिनटों के लिए अपना आपा भी खो बैठे।' सूत्रों के मुताबिक, अन्य कई सवालों पर भी उनके जवाब जाँचकर्ताओं को संतुष्ट नहीं कर सके।
हाईकोर्ट का संरक्षण और निर्देश
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तारी सहित पुलिस की कठोर कार्रवाई से 21 दिनों के लिए सुरक्षा प्रदान की है। साथ ही अदालत ने उन्हें जाँच अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। न्यायालय ने सीआईडी को मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए आवश्यकतानुसार छापेमारी और तलाशी अभियान चलाने की भी अनुमति दी है।
पूछताछ के बाद का घटनाक्रम
सीआईडी मुख्यालय से निकलने के बाद अभिषेक बनर्जी सीधे हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर पहुँचे। यह कदम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
आगे क्या होगा
सीआईडी ने 14 जून को अभिषेक बनर्जी को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया है। यह मामला ऐसे समय में और संवेदनशील हो गया है जब TMC पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय का संरक्षण आदेश सीआईडी की अगली कार्रवाई की सीमाएँ तय करेगा।