फर्जी हस्ताक्षर मामला: अभिषेक बनर्जी को सीआईडी का दूसरा समन, 14 जून को फिर होगी पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को फर्जी हस्ताक्षर मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने 14 जून को दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया है। 13 जून को जारी इस नए समन से स्पष्ट है कि जांच एजेंसी पहले दौर की पूछताछ से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुई है।
पहली पूछताछ का घटनाक्रम
11 जून को सीआईडी अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी से पाँच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। इससे पहले उसी दिन कलकत्ता उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन एकल पीठ के न्यायाधीश जस्टिस कौशिक चंदा ने उन्हें शाम छह बजे तक भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय पहुँचकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने अपनी टिप्पणी में यह भी रेखांकित किया कि अभिषेक बनर्जी इससे पहले जारी किए गए तीन समन की अनदेखी कर चुके हैं और ऐसी पुनरावृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
आदेश के बाद दिल्ली से कोलकाता लौटे
जब अदालत ने यह आदेश दिया, उस समय अभिषेक बनर्जी नई दिल्ली में थे। आदेश मिलते ही वह कोलकाता लौटे और शाम 5:55 बजे — निर्धारित समय सीमा से महज पाँच मिनट पहले — दक्षिण कोलकाता स्थित भवानी भवन पहुँचे। उन्होंने आगंतुक रजिस्टर में हस्ताक्षर किए और मीडिया से कोई बातचीत किए बिना सीधे पूछताछ कक्ष में प्रवेश किया।
अदालत की अंतरिम राहत और शर्तें
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को 21 दिनों के लिए गिरफ्तारी सहित किसी भी प्रकार की दमनात्मक पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। साथ ही अदालत ने उन्हें जांच में पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया है। आवश्यकता पड़ने पर सीआईडी को तलाशी एवं छापेमारी की अनुमति भी दी गई है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और जांच एजेंसियों के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है। 14 जून को होने वाली दूसरी पूछताछ के बाद सीआईडी की अगली कार्रवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हैं। गौरतलब है कि यह मामला फर्जी हस्ताक्षर से जुड़ा है, जिसकी जांच सीआईडी कर रही है।