अभिषेक बनर्जी सीआईडी समन से अनुपस्थित, फर्जी हस्ताक्षर मामले में स्वास्थ्य का हवाला देकर मांगा अतिरिक्त समय
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी 1 जून 2026 को पश्चिम बंगाल आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में भवानी भवन में पूछताछ के लिए बुलाए गए बनर्जी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सीआईडी को पत्र लिखकर अतिरिक्त समय की मांग की है।
क्यों नहीं पहुंचे भवानी भवन
पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जाते समय अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ था और उनके साथ बदसलूकी की गई थी। उस घटना के बाद से उनके जबड़े में दर्द है और पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं।
सूत्र ने बताया कि अभिषेक बनर्जी के अभी कई मेडिकल परीक्षण बाकी हैं, जिनमें समय लगेगा। इसी कारण उन्होंने सीआईडी को पत्र भेजकर पेशी के लिए कुछ और समय देने का अनुरोध किया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह समन तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में जारी किया गया था। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुछ महत्वपूर्ण पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियाँ पाई गई थीं, जिसके बाद यह जांच शुरू हुई।
सीआईडी ने 30 मई को बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। शुरुआत में जांचकर्ता हरिश मुखर्जी रोड स्थित उनके आवास पर गए, और जब पता चला कि वे कालीघाट स्थित अपने दूसरे निवास पर हैं, तो अधिकारी वहाँ पहुंचे और व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपा।
एसआईटी का गठन
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। रिपोर्टों के अनुसार, डीआईजी रैंक का एक वरिष्ठ अधिकारी इस टीम का नेतृत्व कर रहा है। टीम में एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।
अभिषेक बनर्जी का रुख
नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि वह उचित कानूनी सलाह का पालन करते हुए जांच में सहयोग करेंगे। अब उनके द्वारा भेजे गए पत्र में स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख करते हुए पेशी के लिए अतिरिक्त समय माँगा गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और पार्टी अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सीआईडी की अगली कार्रवाई और बनर्जी की पेशी की नई तारीख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।