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अभिषेक बनर्जी सीआईडी समन से अनुपस्थित, फर्जी हस्ताक्षर मामले में स्वास्थ्य का हवाला देकर मांगा अतिरिक्त समय

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अभिषेक बनर्जी सीआईडी समन से अनुपस्थित, फर्जी हस्ताक्षर मामले में स्वास्थ्य का हवाला देकर मांगा अतिरिक्त समय

सारांश

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी के सामने पेश नहीं हुए। 30 मई को सोनारपुर में हुए हमले में लगी चोटों और बाकी मेडिकल जांचों का हवाला देकर उन्होंने पत्र के ज़रिए अतिरिक्त समय माँगा है। सीआईडी की एसआईटी डीआईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में जांच जारी रखे हुए है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी 1 जून को कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी के समक्ष पेश नहीं हुए।
उन्होंने सीआईडी को पत्र भेजकर 30 मई के सोनारपुर हमले में हुई चोटों का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय माँगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार जबड़े में दर्द और शरीर पर चोट के निशान हैं; कई मेडिकल परीक्षण अभी बाकी हैं।
सीआईडी ने डीआईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की है, जिसमें एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर शामिल हैं।
यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा के महत्वपूर्ण पदों के नामांकन में TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में पाई गई विसंगतियों से जुड़ा है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी 1 जून 2026 को पश्चिम बंगाल आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में भवानी भवन में पूछताछ के लिए बुलाए गए बनर्जी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सीआईडी को पत्र लिखकर अतिरिक्त समय की मांग की है।

क्यों नहीं पहुंचे भवानी भवन

पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जाते समय अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ था और उनके साथ बदसलूकी की गई थी। उस घटना के बाद से उनके जबड़े में दर्द है और पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं।

सूत्र ने बताया कि अभिषेक बनर्जी के अभी कई मेडिकल परीक्षण बाकी हैं, जिनमें समय लगेगा। इसी कारण उन्होंने सीआईडी को पत्र भेजकर पेशी के लिए कुछ और समय देने का अनुरोध किया है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह समन तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में जारी किया गया था। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुछ महत्वपूर्ण पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियाँ पाई गई थीं, जिसके बाद यह जांच शुरू हुई।

सीआईडी ने 30 मई को बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। शुरुआत में जांचकर्ता हरिश मुखर्जी रोड स्थित उनके आवास पर गए, और जब पता चला कि वे कालीघाट स्थित अपने दूसरे निवास पर हैं, तो अधिकारी वहाँ पहुंचे और व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपा।

एसआईटी का गठन

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। रिपोर्टों के अनुसार, डीआईजी रैंक का एक वरिष्ठ अधिकारी इस टीम का नेतृत्व कर रहा है। टीम में एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।

अभिषेक बनर्जी का रुख

नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि वह उचित कानूनी सलाह का पालन करते हुए जांच में सहयोग करेंगे। अब उनके द्वारा भेजे गए पत्र में स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख करते हुए पेशी के लिए अतिरिक्त समय माँगा गया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और पार्टी अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सीआईडी की अगली कार्रवाई और बनर्जी की पेशी की नई तारीख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सीआईडी पहले ही एसआईटी गठित कर चुकी है। असली सवाल यह है कि क्या यह विलंब जांच की गति को प्रभावित करेगा, और क्या सीआईडी अगली बार अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाएगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी को सीआईडी ने किस मामले में तलब किया था?
सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल विधानसभा के महत्वपूर्ण पदों के नामांकन में तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित हेराफेरी के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। यह नोटिस 30 मई को जारी किया गया था।
अभिषेक बनर्जी सीआईडी के सामने क्यों नहीं पेश हुए?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, 30 मई को सोनारपुर में हुए हमले में लगी चोटों — जबड़े में दर्द और शरीर पर चोट के निशान — के कारण वे अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं। उनके कई मेडिकल परीक्षण अभी बाकी हैं, इसलिए उन्होंने सीआईडी से अतिरिक्त समय माँगा है।
सीआईडी ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
सीआईडी ने फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। इस टीम का नेतृत्व डीआईजी रैंक का एक वरिष्ठ अधिकारी कर रहा है और टीम में एक डीएसपी तथा दो इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।
सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर क्या हुआ था?
30 मई को अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ और बदसलूकी की गई। इस घटना में उन्हें जबड़े में चोट लगी और शरीर पर कई निशान पड़े।
अभिषेक बनर्जी ने जांच में सहयोग को लेकर क्या कहा है?
नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि वे उचित कानूनी सलाह का पालन करते हुए जांच में सहयोग करेंगे। अब उन्होंने पत्र के माध्यम से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पेशी के लिए अतिरिक्त समय माँगा है।
राष्ट्र प्रेस
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