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अभिषेक बनर्जी CID मुख्यालय पहुंचे, विधायकों के हस्ताक्षर मामले में पूछताछ; कोर्ट के आदेश पर दिल्ली से लौटे

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अभिषेक बनर्जी CID मुख्यालय पहुंचे, विधायकों के हस्ताक्षर मामले में पूछताछ; कोर्ट के आदेश पर दिल्ली से लौटे

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट के सीधे निर्देश के बाद TMC सांसद अभिषेक बनर्जी दिल्ली से दौड़कर कोलकाता पहुंचे और समय सीमा से पाँच मिनट पहले CID मुख्यालय में हाज़िर हुए। तीन समन की अनदेखी के बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाया, हालाँकि 21 दिन की गिरफ्तारी से अंतरिम राहत भी दी।

मुख्य बातें

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी 11 जून 2026 की शाम 5:55 बजे विधायकों के हस्ताक्षर मामले में CID पूछताछ के लिए भवानी भवन, कोलकाता पहुंचे।
कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश कौशिक चंदा ने शाम छह बजे तक CID कार्यालय में उपस्थित होने का आदेश दिया था।
अदालत ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पहले तीन समन की अनदेखी कर चुके हैं और अब यह बर्दाश्त नहीं होगा।
हाईकोर्ट ने उन्हें 21 दिनों के लिए गिरफ्तारी सहित दमनात्मक पुलिस कार्रवाई से अंतरिम राहत दी।
अदालत ने CID को आवश्यकता पड़ने पर छापेमारी और तलाशी का अधिकार भी दिया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी गुरुवार, 11 जून 2026 की शाम कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे, जहाँ उनसे विधायकों के हस्ताक्षर से जुड़े मामले में पूछताछ की जानी है। कलकत्ता हाईकोर्ट की अवकाशकालीन एकल पीठ के स्पष्ट निर्देश के बाद यह उपस्थिति दर्ज हुई, जिसने उन्हें शाम छह बजे तक CID कार्यालय में हाज़िर होने का आदेश दिया था।

अदालत का आदेश और पृष्ठभूमि

कलकत्ता हाईकोर्ट की अवकाशकालीन एकल पीठ के न्यायाधीश कौशिक चंदा ने गुरुवार को ही यह निर्देश जारी किया। अदालत ने टिप्पणी की कि अभिषेक बनर्जी इस मामले में पहले जारी तीन समन की अनदेखी कर चुके हैं और अब ऐसी पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें जांच में CID अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा।

गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में विधायकों के हस्ताक्षर से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच से संबंधित है, जिसमें CID सक्रिय रूप से पड़ताल कर रही है।

दिल्ली से कोलकाता की जल्दबाजी में वापसी

जब अदालत का आदेश सुनाया गया, उस समय अभिषेक बनर्जी नई दिल्ली में मौजूद थे। आदेश मिलते ही वह तत्काल दिल्ली से कोलकाता के लिए रवाना हुए। शाम करीब चार बजे कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरने के बाद वह पहले कालीघाट रोड स्थित अपने आवास गए और वहाँ से दक्षिण कोलकाता में स्थित भवानी भवन के लिए निकले, जो उनके आवास से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है।

अभिषेक बनर्जी शाम 5:55 बजे — निर्धारित समय सीमा से महज पाँच मिनट पहले — भवानी भवन पहुंचे। उन्होंने प्रवेश द्वार पर आगंतुक रजिस्टर में हस्ताक्षर किए और मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना सीधे भवन के भीतर चले गए।

गिरफ्तारी से अंतरिम राहत

हालाँकि, फिलहाल इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की संभावना नहीं है। इसी दिन हाईकोर्ट की अवकाशकालीन एकल पीठ ने उन्हें 21 दिनों के लिए गिरफ्तारी सहित किसी भी प्रकार की दमनात्मक पुलिस कार्रवाई से अंतरिम राहत प्रदान की है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

CID को मिली व्यापक जांच शक्तियाँ

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर CID इस जांच के सिलसिले में छापेमारी और तलाशी अभियान भी चला सकती है। जांच एजेंसी को व्यापक अधिकार देने का यह संकेत मामले की गंभीरता को रेखांकित करता है। अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष जांच की प्रगति रखे जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जांच जारी रहेगी — और CID को मिली छापेमारी की शक्ति संकेत देती है कि यह मामला और गहरा हो सकता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि बार-बार समन की अनदेखी से न्यायपालिका का धैर्य किस हद तक परखा गया, और अब अदालत का स्वर स्पष्ट रूप से बदल चुका है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी को CID ने किस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है?
अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल में विधायकों के हस्ताक्षर से जुड़े कथित मामले की जांच के सिलसिले में CID ने पूछताछ के लिए बुलाया है। इस मामले में CID सक्रिय रूप से जांच कर रही है और अदालत के आदेश पर वह 11 जून 2026 को भवानी भवन पहुंचे।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को क्या आदेश दिया?
कलकत्ता हाईकोर्ट की अवकाशकालीन एकल पीठ के न्यायाधीश कौशिक चंदा ने अभिषेक बनर्जी को 11 जून 2026 की शाम छह बजे तक CID मुख्यालय में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि वह पहले तीन समन की अनदेखी कर चुके हैं और अब ऐसा नहीं चलेगा।
क्या अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तार किया जा सकता है?
फिलहाल नहीं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें 21 दिनों के लिए गिरफ्तारी सहित किसी भी दमनात्मक पुलिस कार्रवाई से अंतरिम राहत प्रदान की है। यह राहत 11 जून 2026 को ही उसी अवकाशकालीन एकल पीठ द्वारा दी गई।
CID को इस मामले में क्या अधिकार दिए गए हैं?
अदालत ने CID को यह अधिकार दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर वह इस जांच के सिलसिले में छापेमारी और तलाशी अभियान चला सकती है। साथ ही अभिषेक बनर्जी को जांच में CID अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
अभिषेक बनर्जी CID मुख्यालय कितने समय पर पहुंचे?
अभिषेक बनर्जी शाम 5:55 बजे भवानी भवन पहुंचे — निर्धारित समय सीमा से महज पाँच मिनट पहले। वह उस समय नई दिल्ली में थे और आदेश के बाद जल्दबाजी में कोलकाता लौटे।
राष्ट्र प्रेस
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