28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कल्याण बनर्जी का अभिषेक बनर्जी को झटका: कलकत्ता हाईकोर्ट में केस लड़ने से इनकार, ममता को दिया अल्टीमेटम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कल्याण बनर्जी का अभिषेक बनर्जी को झटका: कलकत्ता हाईकोर्ट में केस लड़ने से इनकार, ममता को दिया अल्टीमेटम

सारांश

TMC में खुली बगावत — वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी का कलकत्ता हाईकोर्ट में केस लड़ने से इनकार कर दिया और 'अहंकार बर्दाश्त नहीं' कहते हुए ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दे दिया। पश्चिम बंगाल चुनाव हार के बाद TMC की आंतरिक दरार अब सार्वजनिक हो गई है।

मुख्य बातें

TMC सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने 12 जून 2025 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से इनकार किया।
अभिषेक बनर्जी ने CID के विधायक हस्ताक्षर-मेल मामले में भेजे समन को चुनौती देते हुए अंतरिम सुरक्षा माँगी थी।
कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के 'लगातार बढ़ते अहंकार' को इनकार की वजह बताया; उनके पुत्र शिरशान्य बनर्जी और जूनियर वकील भी अभिषेक के किसी मामले में पेश नहीं होंगे।
कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार का जिम्मेदार अभिषेक बनर्जी को ठहराया।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अभिषेक और वफादार नेताओं में से किसी एक को चुनने का अल्टीमेटम दिया गया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ लोकसभा सांसद और सीनियर अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने 12 जून 2025 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में पार्टी महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश होने से साफ इनकार कर दिया। कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के 'लगातार बढ़ते अहंकार' को इस फैसले की वजह बताया और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अभिषेक और पार्टी के वफादार नेताओं के बीच किसी एक को चुनने का अल्टीमेटम दे दिया। यह घटनाक्रम TMC के भीतर गहरी आंतरिक दरार को सार्वजनिक रूप से उजागर करती है।

मामले की पृष्ठभूमि

अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी, जिसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) द्वारा विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने के मामले में भेजे गए समन को चुनौती दी गई थी। साथ ही उन्होंने गिरफ्तारी सहित किसी भी कठोर पुलिस कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण की माँग भी की थी।

न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की एकल-न्यायाधीश अवकाश पीठ के समक्ष गुरुवार को अभिषेक बनर्जी का पक्ष अधिवक्ता अयान भट्टाचार्य ने रखा।

कल्याण बनर्जी का इनकार और आरोप

कल्याण बनर्जी ने मीडिया को बताया कि बुधवार को उन्होंने स्वयं न्यायमूर्ति चंदा की पीठ के सामने अभिषेक का मामला उठाया था और तत्काल सुनवाई की अपील की थी, जिसके बाद गुरुवार की तारीख तय हुई। परंतु बुधवार रात अभिषेक बनर्जी ने उनके बेटे को फोन कर सूचित किया कि गुरुवार की सुनवाई में उनसे कानूनी पेशे में काफी जूनियर कोई अन्य वकील मामला संभालेगा।

कल्याण बनर्जी ने कहा, 'मैंने अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी कानूनी मामले से दूर रहने का फैसला किया है। उनका अहंकार लगातार बढ़ता जा रहा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पुत्र शिरशान्य बनर्जी — जो स्वयं एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं — तथा उनके अन्य जूनियर भी अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी मामले में पैरवी नहीं करेंगे।

पश्चिम बंगाल चुनाव हार से जोड़ा

कल्याण बनर्जी ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की करारी हार का सीधा दोष अभिषेक बनर्जी पर मढ़ा। उनका कहना था कि पार्टी की 'मौजूदा दयनीय स्थिति' के लिए अभिषेक ही मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं, बावजूद इसके उनके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया।

गौरतलब है कि कल्याण बनर्जी 45 वर्षों से कानूनी पेशे में हैं और TMC के भीतर एक प्रभावशाली आवाज माने जाते हैं। उनका यह सार्वजनिक बयान पार्टी में अभिषेक-विरोधी खेमे की नाराजगी को खुलकर सामने लाता है।

ममता बनर्जी को अल्टीमेटम

कल्याण बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अभिषेक और पार्टी के वफादार नेताओं में से किसी एक को चुनें। उन्होंने कहा, 'मैं ममता बनर्जी से कहूंगा कि वे अभिषेक और हममें से किसी एक को चुनें।' यह बयान TMC के भीतर सत्ता-संघर्ष को नई धार दे सकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब TMC विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पुनर्गठन की कोशिश में है और पार्टी नेतृत्व पर आंतरिक दबाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि TMC की आंतरिक राजनीति किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब यह सार्वजनिक टकराव ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता पर सीधा सवाल खड़ा करता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे 'पारिवारिक विवाद' तक सीमित कर देती है, लेकिन असली मुद्दा यह है कि TMC में संगठनात्मक अनुशासन और आंतरिक लोकतंत्र का ढाँचा कितना कमजोर हो चुका है। ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया — या उसकी अनुपस्थिति — यह तय करेगी कि यह दरार भरती है या और गहरी होती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से क्यों इनकार किया?
कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के 'लगातार बढ़ते अहंकार' को इनकार की वजह बताया। उन्होंने कहा कि बुधवार रात अभिषेक ने उनके बेटे को फोन कर बताया कि गुरुवार की सुनवाई में उनसे जूनियर कोई अन्य वकील केस संभालेगा, जिसे कल्याण बनर्जी ने अपमानजनक माना।
अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में किस मामले में याचिका दायर की है?
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस के CID द्वारा विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने के मामले में भेजे गए समन को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। उन्होंने गिरफ्तारी सहित किसी भी कठोर पुलिस कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण की भी माँग की है।
कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को क्या अल्टीमेटम दिया है?
कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी से कहा है कि वे अभिषेक बनर्जी और पार्टी के वफादार नेताओं में से किसी एक को चुनें। उन्होंने स्पष्ट किया कि TMC की मौजूदा कमजोर स्थिति के लिए अभिषेक बनर्जी ही जिम्मेदार हैं।
क्या कल्याण बनर्जी के परिवार और जूनियर भी अभिषेक के मामलों से दूर रहेंगे?
हाँ, कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनके पुत्र शिरशान्य बनर्जी — जो स्वयं एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं — और उनके अन्य जूनियर भी अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी कानूनी मामले में पेश नहीं होंगे।
यह विवाद TMC की राजनीति को कैसे प्रभावित कर सकता है?
यह विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC की आंतरिक दरार को सार्वजनिक करता है। कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेता का खुला विरोध ममता बनर्जी के नेतृत्व पर दबाव बढ़ाता है और पार्टी के पुनर्गठन प्रयासों को जटिल बना सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले