कल्याण बनर्जी का अभिषेक बनर्जी को झटका: कलकत्ता हाईकोर्ट में केस लड़ने से इनकार, ममता को दिया अल्टीमेटम
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ लोकसभा सांसद और सीनियर अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने 12 जून 2025 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में पार्टी महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश होने से साफ इनकार कर दिया। कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के 'लगातार बढ़ते अहंकार' को इस फैसले की वजह बताया और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अभिषेक और पार्टी के वफादार नेताओं के बीच किसी एक को चुनने का अल्टीमेटम दे दिया। यह घटनाक्रम TMC के भीतर गहरी आंतरिक दरार को सार्वजनिक रूप से उजागर करती है।
मामले की पृष्ठभूमि
अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी, जिसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) द्वारा विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने के मामले में भेजे गए समन को चुनौती दी गई थी। साथ ही उन्होंने गिरफ्तारी सहित किसी भी कठोर पुलिस कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण की माँग भी की थी।
न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की एकल-न्यायाधीश अवकाश पीठ के समक्ष गुरुवार को अभिषेक बनर्जी का पक्ष अधिवक्ता अयान भट्टाचार्य ने रखा।
कल्याण बनर्जी का इनकार और आरोप
कल्याण बनर्जी ने मीडिया को बताया कि बुधवार को उन्होंने स्वयं न्यायमूर्ति चंदा की पीठ के सामने अभिषेक का मामला उठाया था और तत्काल सुनवाई की अपील की थी, जिसके बाद गुरुवार की तारीख तय हुई। परंतु बुधवार रात अभिषेक बनर्जी ने उनके बेटे को फोन कर सूचित किया कि गुरुवार की सुनवाई में उनसे कानूनी पेशे में काफी जूनियर कोई अन्य वकील मामला संभालेगा।
कल्याण बनर्जी ने कहा, 'मैंने अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी कानूनी मामले से दूर रहने का फैसला किया है। उनका अहंकार लगातार बढ़ता जा रहा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पुत्र शिरशान्य बनर्जी — जो स्वयं एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं — तथा उनके अन्य जूनियर भी अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी मामले में पैरवी नहीं करेंगे।
पश्चिम बंगाल चुनाव हार से जोड़ा
कल्याण बनर्जी ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की करारी हार का सीधा दोष अभिषेक बनर्जी पर मढ़ा। उनका कहना था कि पार्टी की 'मौजूदा दयनीय स्थिति' के लिए अभिषेक ही मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं, बावजूद इसके उनके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया।
गौरतलब है कि कल्याण बनर्जी 45 वर्षों से कानूनी पेशे में हैं और TMC के भीतर एक प्रभावशाली आवाज माने जाते हैं। उनका यह सार्वजनिक बयान पार्टी में अभिषेक-विरोधी खेमे की नाराजगी को खुलकर सामने लाता है।
ममता बनर्जी को अल्टीमेटम
कल्याण बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अभिषेक और पार्टी के वफादार नेताओं में से किसी एक को चुनें। उन्होंने कहा, 'मैं ममता बनर्जी से कहूंगा कि वे अभिषेक और हममें से किसी एक को चुनें।' यह बयान TMC के भीतर सत्ता-संघर्ष को नई धार दे सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब TMC विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पुनर्गठन की कोशिश में है और पार्टी नेतृत्व पर आंतरिक दबाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि TMC की आंतरिक राजनीति किस दिशा में जाती है।