क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शमनूर शिवशंकरप्पा का निधन हो गया है, 95 साल की उम्र में?

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क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शमनूर शिवशंकरप्पा का निधन हो गया है, 95 साल की उम्र में?

सारांश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शमनूर शिवशंकरप्पा का निधन, कर्नाटक की राजनीति और वीरशैव लिंगायत समाज में शोक की लहर। उनके योगदान और सेवाएं हमेशा याद की जाएंगी। जानिए उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

शमनूर शिवशंकरप्पा का निधन कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा शोक है।
वे वीरशैव लिंगायत समाज के लिए एक महत्वपूर्ण नेता थे।
उनकी सेवाएं हमेशा याद की जाएंगी।
उद्योगपतियों के रूप में भी उनकी पहचान है।
कांग्रेस पार्टी में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

बेंगलुरु, 14 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा का रविवार को बेंगलुरु में निधन हो गया। उनकी उम्र 95 वर्ष थी। वे पिछले कुछ समय से अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन से कांग्रेस पार्टी, कर्नाटक की राजनीति और वीरशैव लिंगायत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।

शमनूर शिवशंकरप्पा कर्नाटक की राजनीति का एक जाना-माना और प्रभावशाली चेहरा थे। वे दावणगेरे जिले से छह बार विधायक रहे और इसके अलावा एक कार्यकाल के लिए सांसद भी चुने गए थे। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने संगठन और जनप्रतिनिधि, दोनों भूमिकाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

वे वीरशैव लिंगायत समाज के प्रभावशाली नेता माने जाते थे। शमनूर शिवशंकरप्पा अखिल भारतीय वीरशैव महासभा के अध्यक्ष थे और समाज के शैक्षणिक, सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए लगातार सक्रिय रहे। इसके साथ ही उन्होंने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कोषाध्यक्ष के रूप में भी कई वर्षों तक पार्टी की सेवा की।

एक कुशल राजनेता के अलावा, शिवशंकरप्पा की पहचान एक प्रख्यात उद्योगपति और करोड़पति व्यवसायी के रूप में भी होती थी। उनके स्वामित्व में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, शुगर फैक्ट्रियां, मिल्स और कई व्यावसायिक समूह शामिल थे।

शिवशंकरप्पा के निधन पर कर्नाटक सरकार में मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दुख जताया। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "मुझे यह जानकर बहुत दुख हुआ कि कांग्रेस पार्टी के सीनियर लीडर, पूर्व मंत्री और विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा का निधन हो गया। उनकी सादगी, दशकों तक बिना किसी स्वार्थ के लोगों की सेवा और पब्लिक लाइफ में उन्होंने जो मिसाल कायम की, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। भगवान शिवशंकरप्पा की आत्मा को शांति दे और भगवान उनके परिवार और फैंस को यह दुख सहने की ताकत दे।"

कांग्रेस विधायक एसआर श्रीनिवास ने अपने शोक संदेश में लिखा, "पूर्व मंत्री, कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता और ऑल इंडिया वीरशैव महासभा के प्रेसिडेंट शमनूर शिवशंकरप्पा का निधन देश के पॉलिटिकल और सोशल सेक्टर के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शमनूर शिवशंकरप्पा का निधन कब हुआ?
उनका निधन 14 दिसंबर को बेंगलुरु में हुआ।
वे कितने बार विधायक रहे?
वे दावणगेरे जिले से छह बार विधायक रहे।
शिवशंकरप्पा ने किस समाज के लिए काम किया?
उन्होंने वीरशैव लिंगायत समाज के उत्थान के लिए काफी काम किया।
उनकी पहचान किस रूप में भी होती है?
वे एक प्रभावशाली उद्योगपति और करोड़पति व्यवसायी के रूप में भी जाने जाते थे।
राष्ट्र प्रेस
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