9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक के रायचूर में एक धर्मगुरु की आत्महत्या ने समुदाय को झकझोर दिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक के रायचूर में एक धर्मगुरु की आत्महत्या ने समुदाय को झकझोर दिया

सारांश

कर्नाटक के रायचूर जिले में एक 58 वर्षीय धर्मगुरु ने अपने मठ में आत्महत्या कर ली। इस घटना ने स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। जानिए इस दुखद घटना की पूरी कहानी और इसके संभावित कारणों के बारे में।

मुख्य बातें

कर्नाटक के रायचूर में एक 58 वर्षीय धर्मगुरु ने आत्महत्या की।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अवसाद इसका कारण हो सकता है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा को बढ़ावा दिया है।
धर्मगुरुओं के प्रति समाज की जिम्मेदारी को उजागर किया है।

रायचूर, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के रायचूर जिले में शुक्रवार को एक 58 वर्षीय धर्मगुरु ने अपने मठ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे स्थानीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई।

मृतक की पहचान देवेंद्रप्पा स्वामी (58) के रूप में हुई है, जो सिंधानूर तालुक के बस्सपुर (ईजे) गांव के जगद्गुरु शिवानंद मठ के पीठाधिपति थे।

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, देवेंद्रप्पा स्वामी कथित तौर पर अवसाद से पीड़ित थे और उन्होंने सरकारी सेवा में रहते हुए मठ की स्थापना की थी। वे मुल्लूर (ईजे) गांव के सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत थे।

समय के साथ, उन्होंने सांसारिक जीवन से वैराग्य अपनाया और मठ की स्थापना की। स्कूल के बाद, वे शाम को मठ में धार्मिक प्रवचन देते थे।

देवेंद्रप्पा स्वामी मूल रूप से गडग जिले के गजेंद्रगढ़ के गुलगुली गांव के निवासी थे और पिछले 20 वर्षों से सिंधानूर तालुक में शिक्षक के रूप में सेवा कर रहे थे। वे अपने परिवार से दूर रह रहे थे, और उनकी आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि अवसाद इसका मुख्य कारण हो सकता है।

उनका शव मठ के भोजन कक्ष में लटका हुआ पाया गया। इस मामले की जांच तुरविहाल पुलिस स्टेशन में की जा रही है।

यह ध्यान देने योग्य है कि 2022 में, गुरु मदिवालेश्वर मठ के पीठाधिपति बसवा सिद्धलिंग स्वामीजी ने कर्नाटक के बेलगावी जिले के नेगिनाहला गांव में आत्महत्या की थी, जब उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।

चित्रदुर्ग मठ में महिलाओं और लड़कियों के शोषण के संबंध में दो महिलाओं की बातचीत का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दिवंगत बसवा सिद्धलिंग स्वामीजी का नाम शामिल था, जिससे उनके सम्मान पर धब्बा लगा।

इस घटनाक्रम से प्रभावित होकर स्वामीजी ने बेलगावी जिले के बायलाहोंगला के पुलिस उपाधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई थी और लिंगायत संतों को निशाना बनाने वाले स्वार्थी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे दुखद घटनाओं से सभी को जागरूक होना चाहिए।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्रप्पा स्वामी कौन थे?
देवेंद्रप्पा स्वामी कर्नाटक के रायचूर जिले के एक धर्मगुरु और जगद्गुरु शिवानंद मठ के पीठाधिपति थे।
उनकी आत्महत्या का कारण क्या था?
उनकी आत्महत्या के कारण का अभी स्पष्ट पता नहीं चला है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि वे अवसाद से पीड़ित थे।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
तुरविहाल पुलिस स्टेशन में इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
क्या इस घटना का कोई पूर्व उदाहरण है?
हाँ, 2022 में गुरु बसवा सिद्धलिंग स्वामीजी ने भी आत्महत्या की थी, जब उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।
क्या इस घटना से मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा शुरू होगी?
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर चर्चा को प्रोत्साहित कर सकती है, जो समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले