कर्नाटक में सरकारी अधिकारी ने रिटायरमेंट से एक हफ्ते पहले कार्यालय में आत्महत्या की, वरिष्ठ पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक में सरकारी अधिकारी ने रिटायरमेंट से एक हफ्ते पहले कार्यालय में आत्महत्या की, वरिष्ठ पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

सारांश

कर्नाटक में एक सरकारी अधिकारी ने रिटायरमेंट से एक सप्ताह पहले आत्महत्या कर ली। इस घटना ने प्रशासन में हलचल मचा दी है। मृतक ने वरिष्ठ अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

सेवानिवृत्ति से पहले आत्महत्या की घटना ने प्रशासन में हलचल मचाई।
मृतक ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पिता की मृत्यु के बाद मल्लिकार्जुन को नौकरी मिली थी।
ऐसी घटनाएं मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को उजागर करती हैं।

तुमकुरू, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक से एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी अधिकारी ने सेवानिवृत्ति से ठीक एक सप्ताह पहले अपने कार्यालय में आत्महत्या कर ली। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

मृतक की पहचान मल्लिकार्जुन के रूप में हुई है, जो सामाजिक कल्याण विभाग में सहायक निदेशक के रूप में कार्यरत थे। वह पवगड़ा कस्बे के निकट गुंडारलाहल्ली गांव के निवासी थे और पिछले तीन वर्षों से इस विभाग में सेवाएं दे रहे थे। बताया गया है कि उनकी रिटायरमेंट में केवल एक हफ्ता बाकी था।

पुलिस के अनुसार, आत्महत्या से पहले मल्लिकार्जुन ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए। जानकारी के अनुसार, उन्होंने यह वीडियो अपने सहकर्मियों को भेजा और उसके बाद बुधवार को पवगड़ा स्थित अपने कार्यालय में आत्महत्या कर ली।

वीडियो में मल्लिकार्जुन ने संयुक्त निदेशक कृष्णप्पा पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मेरी मां, पत्नी और बच्चों ने हमेशा मेरा साथ दिया और मुझे गर्व महसूस कराया। मैं उनके लिए बहुत कुछ करना चाहता था, लेकिन अब संभव नहीं है। यह सब संयुक्त निदेशक कृष्णप्पा की प्रताड़ना के कारण हुआ है।"

उन्होंने आगे कहा, "कृष्णप्पा को भगवान और कानून दोनों सजा देंगे। मेरे परिवार को बदला लेने की जरूरत नहीं है।"

घटना की सूचना मिलते ही पवगड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मल्लिकार्जुन के पिता भी इसी विभाग में कार्यरत थे और उनकी भी मृत्यु रिटायरमेंट से कुछ महीने पहले हुई थी। पिता की मृत्यु के बाद मल्लिकार्जुन को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी, और अब उनकी भी मृत्यु रिटायरमेंट से ठीक पहले हो गई।

पुलिस मामले की सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 26 मई 2024 को कर्नाटक के शिवमोग्गा में 48 वर्षीय अकाउंट्स सुपरिंटेंडेंट चंद्रशेखरन पी ने भी आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से मिले छह पन्नों के सुसाइड नोट में सहकर्मियों पर अवैध खातों में पैसे ट्रांसफर कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक मुद्दे को भी उजागर करती है। प्रशासनिक उत्पीड़न और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी के परिणाम कितने भयानक हो सकते हैं, यह इसका एक स्पष्ट उदाहरण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में मृतक का नाम क्या है?
मृतक का नाम मल्लिकार्जुन है।
मल्लिकार्जुन ने आत्महत्या से पहले क्या किया?
उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर उत्पीड़न के आरोप लगाए।
क्या आत्महत्या का कोई कारण बताया गया है?
हां, मल्लिकार्जुन ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
क्या इस मामले से पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं?
हां, इससे पहले भी कई आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले