अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: 5 मौतें, PM मोदी ने ₹2 लाख व CM पटेल ने ₹4 लाख मुआवजे का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में 18 जुलाई को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट और आग लगने से 5 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि करीब 15 लोग घायल हुए हैं। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
हादसे का विवरण
रामोल-गतराड मार्ग पर स्थित इस पटाखा फैक्ट्री में शनिवार को अचानक विस्फोट हुआ, जिसके बाद परिसर में आग फैल गई। सभी घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि जिस फैक्ट्री में यह हादसा हुआ, उसके पास संचालन का वैध लाइसेंस नहीं था।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और मुआवजा
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी संदेश में कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है। प्रधानमंत्री मोदी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹2 लाख और प्रत्येक घायल को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पटेल की प्रतिक्रिया और राज्य सरकार का मुआवजा
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी हादसे को 'अत्यंत पीड़ादायक' बताया और दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से स्थानीय प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पटेल ने घोषणा की कि राज्य सरकार हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹4 लाख और प्रत्येक घायल को ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस प्रकार, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रत्येक मृतक के परिजनों को कुल ₹6 लाख की सहायता देंगी।
जाँच और लापरवाही के सवाल
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि बिना वैध लाइसेंस के यह फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी और सुरक्षा मानकों में किस स्तर पर चूक हुई। गौरतलब है कि भारत में अवैध पटाखा इकाइयों में विस्फोट की यह कोई पहली घटना नहीं है — अनधिकृत संचालन और ढीली निगरानी इस उद्योग की पुरानी समस्या रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस जाँच के नतीजे तय करेंगे कि फैक्ट्री मालिकों और संभावित रूप से निगरानी में चूक करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। घायलों की स्थिति पर अस्पतालों की ओर से नियमित अपडेट जारी किए जा रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर अवैध विनिर्माण इकाइयों पर सख्त नियंत्रण की माँग को सामने लाता है।