आधार ऐप के 4 करोड़ डाउनलोड पूरे, 49 लाख मोबाइल और 12.5 लाख ईमेल अपडेट दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 18 जुलाई 2026 को घोषणा की कि सरकार-समर्थित आधार ऐप ने 4 करोड़ डाउनलोड का ऐतिहासिक आँकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि डिजिटल पहचान सेवाओं को लेकर भारतीय नागरिकों के बढ़ते भरोसे और डिजिटल इंडिया मिशन की गहरी पैठ को रेखांकित करती है।
ऐप की प्रमुख उपलब्धियाँ
मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, आधार ऐप के ज़रिए अब तक 11.65 लाख से अधिक पते अपडेट किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 49 लाख मोबाइल नंबर और 12.5 लाख ईमेल आईडी भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़ी या अपडेट की गई हैं। ये संख्याएँ दर्शाती हैं कि नागरिक अब भौतिक केंद्रों पर जाने की बजाय डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सुरक्षा और गोपनीयता फीचर्स को बड़ी स्वीकृति
ऐप में उपलब्ध बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक सुविधा का उपयोग अब तक 1.91 करोड़ से अधिक बार किया जा चुका है। यह फीचर आधार धारकों को अपना बायोमेट्रिक डेटा तत्काल लॉक करने की क्षमता देता है, जिससे डेटा के दुरुपयोग की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। मंत्रालय के अनुसार, ऐप को 'प्राइवेसी-फर्स्ट' दृष्टिकोण के साथ डिज़ाइन किया गया है।
ईमेल अपडेट सेवा अब निःशुल्क
1 जुलाई 2026 से शुरू हुई ईमेल अपडेट सुविधा को नागरिकों ने तेज़ी से अपनाया है — पहले दो दिनों में ही 2.5 लाख से अधिक लोगों ने अपनी ईमेल आईडी अपडेट की। पहले इस सेवा के लिए ₹75 शुल्क लिया जाता था, लेकिन सरकार ने इसे 31 दिसंबर 2026 तक आधार ऐप के ज़रिए निःशुल्क कर दिया है। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा के लिए अब किसी आधार नामांकन या अपडेट केंद्र पर जाने की आवश्यकता नहीं है।
वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा आधार ऐप
मंत्रालय ने बताया कि आधार ऐप अब पते का अपडेट, मोबाइल नंबर और ईमेल में बदलाव, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और ई-आधार डाउनलोड जैसी सुविधाओं के लिए एकल डिजिटल मंच बन चुका है। गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब सरकार डिजिटल इंडिया मिशन के तहत 'विकसित भारत' के लक्ष्य को गति देने में जुटी है।
आगे की राह
UIDAI की ओर से आधार ऐप में और नई सेवाएँ जोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। ईमेल अपडेट जैसी नि:शुल्क सेवाओं की समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित है, जिसके बाद शुल्क-संरचना पर सरकार का निर्णय अपेक्षित होगा। डाउनलोड और उपयोग के बढ़ते आँकड़े संकेत देते हैं कि डिजिटल पहचान सेवाओं का विस्तार आने वाले समय में और तेज़ होगा।