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आधार ऐप के 3.1 करोड़ डाउनलोड, 5 महीने में 40 लाख लोगों ने अपडेट किया मोबाइल नंबर

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आधार ऐप के 3.1 करोड़ डाउनलोड, 5 महीने में 40 लाख लोगों ने अपडेट किया मोबाइल नंबर

सारांश

लॉन्च के पाँच महीने से भी कम में आधार ऐप के 3.1 करोड़ डाउनलोड — 40 लाख लोगों ने मोबाइल नंबर और 8.5 लाख ने पता अपडेट किया। UIDAI की यह रफ़्तार डिजिटल पहचान सेवाओं में नागरिकों के बढ़ते भरोसे की साफ़ तस्वीर पेश करती है।

मुख्य बातें

आधार ऐप ने लॉन्च के 5 महीने से कम समय में 3.1 करोड़ डाउनलोड का आँकड़ा पार किया।
लगभग 40 लाख उपयोगकर्ताओं ने ऐप के ज़रिए मोबाइल नंबर अपडेट किया; 8.5 लाख ने पता अपडेट कराया।
ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों पर उपलब्ध; बायोमेट्रिक लॉक, फेस वेरिफिकेशन, QR कॉन्टैक्ट कार्ड जैसी सुविधाएँ शामिल।
ऑफलाइन वेरिफिकेशन व्यवस्था के 3 महीनों में 100 से अधिक संस्थाएँ OVSE के रूप में पंजीकृत।
सत्यापन के लिए केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्शन की ज़रूरत नहीं — उपयोगकर्ता गोपनीयता को मज़बूती।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के नए आधार ऐप ने लॉन्च के पाँच महीने से भी कम समय में 3.1 करोड़ डाउनलोड का आँकड़ा पार कर लिया है। 22 जून 2026 को आईटी मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान लगभग 40 लाख उपयोगकर्ताओं ने ऐप के माध्यम से अपना मोबाइल नंबर अपडेट किया, जबकि करीब 8.5 लाख लोगों ने अपना पता अपडेट कराया। मंत्रालय के अनुसार यह आँकड़े डिजिटल पहचान सेवाओं के प्रति नागरिकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं।

ऐप की प्रमुख सुविधाएँ

आधार ऐप एंड्रॉयड और एप्पल iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसमें एक क्लिक में बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक, फेस वेरिफिकेशन के ज़रिए उपस्थिति प्रमाण, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री और QR-आधारित एडिटेबल कॉन्टैक्ट कार्ड जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। उपयोगकर्ता ई-आधार डाउनलोड करने के साथ-साथ आधार सेवा केंद्र (ASK) में अपॉइंटमेंट भी ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।

वास्तविक जीवन में उपयोग

ऐप को कई व्यावहारिक सेवाओं से जोड़ा गया है। ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) के QR कोड को स्कैन करके होटल में चेक-इन, अस्पताल में भर्ती, कार्यक्रमों में प्रवेश, गिग वर्कर्स की पहचान सत्यापन और विज़िटर मैनेजमेंट जैसी सुविधाएँ इसके ज़रिए उपलब्ध हैं। यह ऐप आधार धारकों को अपनी पहचान साझा करने और सत्यापित करने का एक गोपनीयता-केंद्रित माध्यम प्रदान करता है।

ऑफलाइन वेरिफिकेशन व्यवस्था का विस्तार

सरकार ने बताया कि आधार-आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन व्यवस्था शुरू होने के मात्र तीन महीनों के भीतर कम-से-कम 100 संस्थाओं को OVSE के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है। इस व्यवस्था की खास बात यह है कि सत्यापन के लिए केंद्रीय डेटाबेस तक रियल-टाइम पहुँच की ज़रूरत नहीं होती, जिससे उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा और मज़बूत होती है।

डिजिटल शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

आईटी मंत्रालय के अनुसार, ऐप की बढ़ती स्वीकार्यता यह संकेत देती है कि नागरिक अब घर बैठे डिजिटल सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। UIDAI द्वारा हासिल की गई यह उपलब्धि सुरक्षित, सहमति-आधारित और पेपरलेस पहचान सत्यापन की दिशा में एक अहम पड़ाव मानी जा रही है। आने वाले समय में ऐप के उपयोगकर्ता आधार और OVSE नेटवर्क के और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये उपयोगकर्ता ऐप को नियमित रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं या केवल एक बार डाउनलोड करके छोड़ दे रहे हैं। UIDAI ने अब तक सक्रिय मासिक उपयोगकर्ताओं का कोई आँकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है, जो डिजिटल अपनाने की वास्तविक गहराई को मापने के लिए ज़रूरी है। इसके अलावा, OVSE नेटवर्क में 100 संस्थाएँ एक शुरुआत तो हैं, पर भारत के विशाल सेवा परिदृश्य में यह संख्या अभी बेहद सीमित है। गोपनीयता-केंद्रित ऑफलाइन वेरिफिकेशन की दिशा सही है, किंतु इसके व्यापक क्रियान्वयन की गति पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आधार ऐप में कितने डाउनलोड हो चुके हैं और कब तक?
आधार ऐप लॉन्च के पाँच महीने से भी कम समय में 3.1 करोड़ डाउनलोड का आँकड़ा पार कर चुका है। यह जानकारी आईटी मंत्रालय ने 22 जून 2026 को साझा की।
आधार ऐप से मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें?
आधार ऐप के ज़रिए मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा सीधे स्मार्टफोन से उपलब्ध है। अब तक लगभग 40 लाख लोग इस सुविधा का उपयोग कर चुके हैं और 8.5 लाख लोगों ने पता भी अपडेट कराया है।
आधार ऐप में क्या-क्या सुविधाएँ हैं?
ऐप में बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक, फेस वेरिफिकेशन, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री, QR-आधारित कॉन्टैक्ट कार्ड, ई-आधार डाउनलोड और आधार सेवा केंद्र में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। होटल चेक-इन, अस्पताल भर्ती और कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन क्या है और इससे गोपनीयता कैसे सुरक्षित होती है?
आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन में पहचान जाँचने के लिए UIDAI के केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्शन की ज़रूरत नहीं होती। इससे उपयोगकर्ता का डेटा अधिक सुरक्षित रहता है और सत्यापन प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस व सहमति-आधारित होती है।
OVSE क्या है और अब तक कितनी संस्थाएँ जुड़ी हैं?
OVSE यानी ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी वे संस्थाएँ हैं जो आधार के QR कोड-आधारित ऑफलाइन सत्यापन का उपयोग करती हैं। व्यवस्था शुरू होने के तीन महीनों के भीतर कम-से-कम 100 संस्थाएँ इस नेटवर्क में जुड़ चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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