आधार ऐप के 3.1 करोड़ डाउनलोड, 5 महीने में 40 लाख लोगों ने अपडेट किया मोबाइल नंबर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के नए आधार ऐप ने लॉन्च के पाँच महीने से भी कम समय में 3.1 करोड़ डाउनलोड का आँकड़ा पार कर लिया है। 22 जून 2026 को आईटी मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान लगभग 40 लाख उपयोगकर्ताओं ने ऐप के माध्यम से अपना मोबाइल नंबर अपडेट किया, जबकि करीब 8.5 लाख लोगों ने अपना पता अपडेट कराया। मंत्रालय के अनुसार यह आँकड़े डिजिटल पहचान सेवाओं के प्रति नागरिकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं।
ऐप की प्रमुख सुविधाएँ
आधार ऐप एंड्रॉयड और एप्पल iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसमें एक क्लिक में बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक, फेस वेरिफिकेशन के ज़रिए उपस्थिति प्रमाण, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री और QR-आधारित एडिटेबल कॉन्टैक्ट कार्ड जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। उपयोगकर्ता ई-आधार डाउनलोड करने के साथ-साथ आधार सेवा केंद्र (ASK) में अपॉइंटमेंट भी ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।
वास्तविक जीवन में उपयोग
ऐप को कई व्यावहारिक सेवाओं से जोड़ा गया है। ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) के QR कोड को स्कैन करके होटल में चेक-इन, अस्पताल में भर्ती, कार्यक्रमों में प्रवेश, गिग वर्कर्स की पहचान सत्यापन और विज़िटर मैनेजमेंट जैसी सुविधाएँ इसके ज़रिए उपलब्ध हैं। यह ऐप आधार धारकों को अपनी पहचान साझा करने और सत्यापित करने का एक गोपनीयता-केंद्रित माध्यम प्रदान करता है।
ऑफलाइन वेरिफिकेशन व्यवस्था का विस्तार
सरकार ने बताया कि आधार-आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन व्यवस्था शुरू होने के मात्र तीन महीनों के भीतर कम-से-कम 100 संस्थाओं को OVSE के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है। इस व्यवस्था की खास बात यह है कि सत्यापन के लिए केंद्रीय डेटाबेस तक रियल-टाइम पहुँच की ज़रूरत नहीं होती, जिससे उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा और मज़बूत होती है।
डिजिटल शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
आईटी मंत्रालय के अनुसार, ऐप की बढ़ती स्वीकार्यता यह संकेत देती है कि नागरिक अब घर बैठे डिजिटल सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। UIDAI द्वारा हासिल की गई यह उपलब्धि सुरक्षित, सहमति-आधारित और पेपरलेस पहचान सत्यापन की दिशा में एक अहम पड़ाव मानी जा रही है। आने वाले समय में ऐप के उपयोगकर्ता आधार और OVSE नेटवर्क के और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।