आधार ऐप के 5 करोड़ डाउनलोड पूरे, 60 लाख से अधिक यूज़र्स ने मोबाइल नंबर अपडेट किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का आधार ऐप 5 करोड़ डाउनलोड का ऐतिहासिक पड़ाव पार कर चुका है — यह उपलब्धि डिजिटल माध्यम से आधार सेवाओं को अपनाने की तेज़ी से बढ़ती प्रवृत्ति को रेखांकित करती है। आईटी मंत्रालय ने 20 अगस्त को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।
ऐप की प्रमुख उपलब्धियाँ
मंत्रालय के अनुसार, लॉन्च के बाद से आधार ऐप का उपयोग लगातार बड़े पैमाने पर हुआ है। 60 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने ऐप के ज़रिए अपना मोबाइल नंबर अपडेट किया है। इसके अलावा 15 लाख से अधिक पता अपडेट और 23 लाख से अधिक ईमेल अपडेट भी इसी माध्यम से किए गए हैं।
ऐप के ज़रिए उपलब्ध सेवाओं में मोबाइल नंबर अपडेट, पता अपडेट, ईमेल अपडेट, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और ई-आधार डाउनलोड शामिल हैं। ये सुविधाएँ नागरिकों को आधार केंद्र जाने की ज़रूरत के बिना, अपने स्मार्टफोन से ही सेवाएँ प्राप्त करने में सक्षम बनाती हैं।
ऐप की संरचना और उद्देश्य
आधार ऐप को 'शो, शेयर और वेरिफाई' के सिद्धांत पर विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आधार नंबर धारकों को अपनी पहचान संबंधी जानकारी के उपयोग पर अधिक नियंत्रण देना और सुविधाजनक डिजिटल सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराना है। बयान में कहा गया कि यह ऐप नागरिकों और यूआईडीएआई के बीच एक विश्वसनीय डिजिटल सेतु के रूप में कार्य करता है।
ऑफलाइन सत्यापन का विस्तार
आधार ऐप की बढ़ती पहुँच के साथ-साथ यूआईडीएआई सुरक्षित ऑफलाइन सत्यापन के इकोसिस्टम को भी मज़बूत कर रहा है। जनवरी में इस व्यवस्था की शुरुआत के बाद से अब तक 200 से अधिक संस्थाओं को ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएँ (ओवीएसई) के रूप में जोड़ा जा चुका है।
ये संस्थाएँ क्यूआर कोड आधारित सत्यापन और सुरक्षित डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज़ों जैसे ऑफलाइन तरीकों का उपयोग करके यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्टिविटी के बिना पहचान सत्यापित कर सकती हैं। गौरतलब है कि इस व्यवस्था में उपयोगकर्ता केवल उतनी ही जानकारी साझा करता है जितनी आवश्यक होती है, जिससे गोपनीयता सुरक्षित रहती है।
आम जनता पर असर
बयान में कहा गया कि इन सेवाओं को बढ़ता अपनाया जाना दर्शाता है कि नागरिक अब आधार केंद्र पर जाने के बजाय डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता दे रहे हैं। सहमति-आधारित और कागजरहित सत्यापन प्रक्रिया से सेवा प्रदाताओं और आम उपयोगकर्ताओं दोनों को लाभ मिल रहा है।
यह पहल सरकार के 'डिजिटल इंडिया' विज़न के अनुरूप है, जिसका व्यापक उद्देश्य सुरक्षित, सुलभ और तकनीक-आधारित सार्वजनिक सेवाओं के ज़रिए नागरिकों के जीवन को सरल बनाना है। ओवीएसई साझेदारों की बढ़ती संख्या आधार-आधारित, गोपनीयता-केंद्रित डिजिटल सत्यापन व्यवस्था में बढ़ते संस्थागत भरोसे का संकेत देती है।