20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आधार ऐप के 5 करोड़ डाउनलोड पूरे, 60 लाख से अधिक यूज़र्स ने मोबाइल नंबर अपडेट किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आधार ऐप के 5 करोड़ डाउनलोड पूरे, 60 लाख से अधिक यूज़र्स ने मोबाइल नंबर अपडेट किया

सारांश

आधार ऐप ने 5 करोड़ डाउनलोड का पड़ाव पार कर लिया है — 60 लाख मोबाइल अपडेट, 23 लाख ईमेल अपडेट और 200 से अधिक ऑफलाइन सत्यापन संस्थाओं के साथ यह ऐप अब 'डिजिटल इंडिया' की रीढ़ बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

आधार ऐप के डाउनलोड 5 करोड़ के पार पहुँचे; जानकारी आईटी मंत्रालय ने 20 अगस्त को दी।
60 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने ऐप से मोबाइल नंबर अपडेट किया; 15 लाख पता अपडेट और 23 लाख ईमेल अपडेट भी हुए।
ऐप 'शो, शेयर और वेरिफाई' सिद्धांत पर आधारित है; नागरिकों को आधार केंद्र जाने की ज़रूरत नहीं।
यूआईडीएआई ने जनवरी से अब तक 200 से अधिक संस्थाओं को ऑफलाइन सत्यापन संस्थाएँ (ओवीएसई) के रूप में जोड़ा।
क्यूआर कोड आधारित ऑफलाइन सत्यापन से केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्शन के बिना पहचान सत्यापन संभव।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का आधार ऐप 5 करोड़ डाउनलोड का ऐतिहासिक पड़ाव पार कर चुका है — यह उपलब्धि डिजिटल माध्यम से आधार सेवाओं को अपनाने की तेज़ी से बढ़ती प्रवृत्ति को रेखांकित करती है। आईटी मंत्रालय ने 20 अगस्त को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।

ऐप की प्रमुख उपलब्धियाँ

मंत्रालय के अनुसार, लॉन्च के बाद से आधार ऐप का उपयोग लगातार बड़े पैमाने पर हुआ है। 60 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने ऐप के ज़रिए अपना मोबाइल नंबर अपडेट किया है। इसके अलावा 15 लाख से अधिक पता अपडेट और 23 लाख से अधिक ईमेल अपडेट भी इसी माध्यम से किए गए हैं।

ऐप के ज़रिए उपलब्ध सेवाओं में मोबाइल नंबर अपडेट, पता अपडेट, ईमेल अपडेट, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और ई-आधार डाउनलोड शामिल हैं। ये सुविधाएँ नागरिकों को आधार केंद्र जाने की ज़रूरत के बिना, अपने स्मार्टफोन से ही सेवाएँ प्राप्त करने में सक्षम बनाती हैं।

ऐप की संरचना और उद्देश्य

आधार ऐप को 'शो, शेयर और वेरिफाई' के सिद्धांत पर विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आधार नंबर धारकों को अपनी पहचान संबंधी जानकारी के उपयोग पर अधिक नियंत्रण देना और सुविधाजनक डिजिटल सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराना है। बयान में कहा गया कि यह ऐप नागरिकों और यूआईडीएआई के बीच एक विश्वसनीय डिजिटल सेतु के रूप में कार्य करता है।

ऑफलाइन सत्यापन का विस्तार

आधार ऐप की बढ़ती पहुँच के साथ-साथ यूआईडीएआई सुरक्षित ऑफलाइन सत्यापन के इकोसिस्टम को भी मज़बूत कर रहा है। जनवरी में इस व्यवस्था की शुरुआत के बाद से अब तक 200 से अधिक संस्थाओं को ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएँ (ओवीएसई) के रूप में जोड़ा जा चुका है।

ये संस्थाएँ क्यूआर कोड आधारित सत्यापन और सुरक्षित डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज़ों जैसे ऑफलाइन तरीकों का उपयोग करके यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्टिविटी के बिना पहचान सत्यापित कर सकती हैं। गौरतलब है कि इस व्यवस्था में उपयोगकर्ता केवल उतनी ही जानकारी साझा करता है जितनी आवश्यक होती है, जिससे गोपनीयता सुरक्षित रहती है।

आम जनता पर असर

बयान में कहा गया कि इन सेवाओं को बढ़ता अपनाया जाना दर्शाता है कि नागरिक अब आधार केंद्र पर जाने के बजाय डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता दे रहे हैं। सहमति-आधारित और कागजरहित सत्यापन प्रक्रिया से सेवा प्रदाताओं और आम उपयोगकर्ताओं दोनों को लाभ मिल रहा है।

यह पहल सरकार के 'डिजिटल इंडिया' विज़न के अनुरूप है, जिसका व्यापक उद्देश्य सुरक्षित, सुलभ और तकनीक-आधारित सार्वजनिक सेवाओं के ज़रिए नागरिकों के जीवन को सरल बनाना है। ओवीएसई साझेदारों की बढ़ती संख्या आधार-आधारित, गोपनीयता-केंद्रित डिजिटल सत्यापन व्यवस्था में बढ़ते संस्थागत भरोसे का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इन डाउनलोड में से कितने सक्रिय, नियमित उपयोगकर्ता हैं। 60 लाख मोबाइल अपडेट और 23 लाख ईमेल अपडेट के आँकड़े उत्साहजनक हैं, परंतु 140 करोड़ से अधिक आधार धारकों के परिप्रेक्ष्य में यह अभी भी एक छोटा हिस्सा है। ओवीएसई ढाँचे में 200 संस्थाओं का जुड़ना सकारात्मक है, किंतु इसकी व्यापक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बैंक, अस्पताल और सरकारी विभाग इसे ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से अपनाते हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आधार ऐप के 5 करोड़ डाउनलोड की उपलब्धि क्या दर्शाती है?
यह उपलब्धि दर्शाती है कि नागरिक तेज़ी से डिजिटल माध्यम से आधार सेवाओं को अपना रहे हैं और आधार केंद्र जाने की बजाय स्मार्टफोन से काम निपटाना पसंद कर रहे हैं। आईटी मंत्रालय ने 20 अगस्त को इस आँकड़े की पुष्टि की।
आधार ऐप से कौन-कौन सी सेवाएँ मिलती हैं?
आधार ऐप के ज़रिए मोबाइल नंबर अपडेट, पता अपडेट, ईमेल अपडेट, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और ई-आधार डाउनलोड जैसी सेवाएँ उपलब्ध हैं। ये सभी सुविधाएँ स्मार्टफोन से घर बैठे ली जा सकती हैं।
आधार ऑफलाइन सत्यापन (ओवीएसई) क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
ओवीएसई यानी ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएँ वे संगठन हैं जो यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्शन के बिना क्यूआर कोड या डिजिटल हस्ताक्षरित दस्तावेज़ों से पहचान सत्यापित कर सकती हैं। जनवरी से अब तक 200 से अधिक संस्थाएँ इस ढाँचे से जुड़ चुकी हैं, जिससे सेवा प्रदाताओं और नागरिकों दोनों को सुविधा मिलती है।
आधार ऐप में उपयोगकर्ता की गोपनीयता कैसे सुरक्षित रहती है?
आधार ऐप 'शो, शेयर और वेरिफाई' सिद्धांत पर काम करता है, जिसमें उपयोगकर्ता केवल उतनी ही जानकारी साझा करता है जितनी आवश्यक होती है। सहमति-आधारित और कागजरहित सत्यापन प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि व्यक्तिगत डेटा पर नागरिक का नियंत्रण बना रहे।
क्या आधार ऐप 'डिजिटल इंडिया' मिशन से जुड़ा है?
हाँ, आईटी मंत्रालय के अनुसार आधार ऐप और ओवीएसई ढाँचा सरकार के 'डिजिटल इंडिया' विज़न का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य सुरक्षित, सुलभ और तकनीक-आधारित सार्वजनिक सेवाओं के ज़रिए नागरिकों के जीवन को सरल बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले