अहमदाबाद: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के गड्ढे में गिरने से 2 मजदूरों की मौत, 2 अस्पताल में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के सोला इलाके में स्थित एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में 26 अक्टूबर 2026 को हुई दुर्घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। चारों मजदूर काम के दौरान प्लांट के गड्ढे में गिर गए, जहाँ खतरनाक सीवेज गैसों के कारण बचाव अभियान अत्यंत जटिल हो गया।
घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना
जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय वेल्डिंग मजदूर अभिषेक प्लांट की पंपिंग यूनिट में वेल्डिंग का कार्य करने के लिए अंदर गए थे। काम पूरा कर लौटते समय सीढ़ी चढ़ते हुए उनका पैर फिसल गया और वे सीवेज के पानी से भरे गड्ढे में गिर पड़े।
40 वर्षीय सुपरवाइजर मनोहर अधवे, 39 वर्षीय प्रोजेक्ट मैनेजर रूपेश आनंद बाविस्कर और 26 वर्षीय नीलेश लोधी ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। हालाँकि, सीवेज से निकलने वाली जहरीली गैसों के प्रभाव में आने से बताया जाता है कि बचाव करने पहुँचे तीनों व्यक्ति भी बेहोश हो गए।
बचाव अभियान और दमकल की कार्रवाई
112 हेल्पलाइन पर आपातकालीन कॉल प्राप्त होने के बाद अहमदाबाद अग्निशमन विभाग की टीम आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुँची। दमकल अधिकारी जडेजा के अनुसार, तलाशी अभियान पूरा कर चारों मजदूरों को गड्ढे से निकाल लिया गया था; चौथे मजदूर को निकालने के प्रयास कुछ समय तक जारी रहे।
चारों को सोला सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार अभिषेक और अधवे को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि बाविस्कर और लोधी को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
रहने की स्थिति और सुरक्षा पर सवाल
मृतकों के परिजनों और अन्य मजदूरों ने बताया कि कुछ मजदूर प्लांट परिसर के भीतर ही अस्थायी झोपड़ियाँ बनाकर रह रहे थे। यह तथ्य श्रमिकों की सुरक्षा और रहने की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाता है।
गौरतलब है कि सीमित स्थान (confined space) में बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम करते समय जहरीली गैसों से होने वाली दुर्घटनाएँ भारत में बार-बार सामने आती हैं। यह घटना उसी चिंताजनक प्रवृत्ति की कड़ी प्रतीत होती है।
जाँच जारी
सोला पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मौतों के कारण, घटनास्थल पर उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और आपातकालीन बचाव व्यवस्था की पर्याप्तता — इन सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
आगे की कार्रवाई और जाँच के निष्कर्ष से यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई या नहीं, और किसी पर जिम्मेदारी तय की जाएगी या नहीं।